राजनांदगांव/शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में जारी भीषण गर्मी और ‘लू’ (हीट वेव) के प्रकोप के बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा आयोजित रीजनल स्पोर्ट्स मीट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस खेल-कूद प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष एवं महामंत्री मनीष सिंह गौतम ने इस आयोजन का कड़ा विरोध करते हुए इसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौतम ने बयान जारी कर कहा कि जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है और प्रशासन द्वारा स्कूलों में अवकाश घोषित कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है, ऐसे समय में छात्रों को लंबी दूरी की यात्रा कराकर और तेज धूप में खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बाध्य करना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने इसे “संवेदनहीनता की पराकाष्ठा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तैयारी और रिजर्वेशन के बच्चों को दूर-दराज के क्षेत्रों से बुलाया जा रहा है। स्टेशन से लेकर विद्यालय और फिर मैदान तक उन्हें तेज गर्मी में रहना पड़ रहा है, जिससे उनके बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। गौतम ने प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कलेक्टर, जो केंद्रीय विद्यालयों के स्थानीय अध्यक्ष होते हैं, उनकी जिम्मेदारी शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि क्या केंद्रीय विद्यालय हीट वेव के नियमों से ऊपर हैं। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है, जो सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। गौतम ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि रीजनल स्पोर्ट्स मीट को तुरंत प्रभाव से रद्द या स्थगित किया जाए। साथ ही, नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और सभी जिलों के कलेक्टर ऐसी गतिविधियों को तुरंत बंद कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी भी बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।