बड़े कनेरा और राजागांव मिनी स्टेडियम निर्माण राशि में अनियमितता का मामला, एफआईआर के बाद भेजे गए जेल
कोंडागांव/शौर्यपथ। बड़े कनेरा और राजागांव ग्राम पंचायतों में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए स्वीकृत लगभग 26 लाख रुपये से अधिक की राशि के कथित गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जिला पंचायत के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में सामने आए तथ्यों और लगातार उठ रहे सवालों के बाद जांच तेज हुई, जिसके पश्चात यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत में पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारी गजेंद्र कश्यप तथा शाखा लिपिक (बाबू) मनीष पटेल पर मिनी स्टेडियम निर्माण मद की राशि के भुगतान में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। आरोप है कि दोनों ने पंचायत प्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर राशि का भुगतान कराया।
मामले की प्रारंभिक जांच के बाद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा वसूली संबंधी कार्रवाई की गई। इसके उपरांत जिला पंचायत प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की।
बड़े कनेरा और राजागांव के सरपंच एवं सचिवों ने कोंडागांव कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राशि के उपयोग और भुगतान प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस कार्रवाई को ग्रामीण विकास कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शौर्यपथ द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जांच और कार्रवाई में तेजी आने की चर्चा भी क्षेत्र में है।