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छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी सौगात: रायपुर JNM मेडिकल कॉलेज में 20 नई MBBS सीटें मंजूर, अब कुल 250 पर पहुंचेगी प्रवेश क्षमता

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NMC की मंजूरी से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मिली नई रफ्तार, 1963 की 60 सीटों से बढ़कर अब 250 तक पहुंचा जेएनएम मेडिकल कॉलेज

रायपुर । छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर की एमबीबीएस सीटों में 20 सीटों की बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेज में एमबीबीएस की कुल सीटें 230 से बढ़कर 250 हो जाएंगी।

MARB द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी लेटर ऑफ परमिशन के अनुसार, पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एंड आयुष यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़ से संबद्ध जेएनएम मेडिकल कॉलेज अब पहले से अधिक विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर उपलब्ध करा सकेगा।

60 सीटों से शुरू हुआ सफर, अब 250 तक पहुंची क्षमता

वर्ष 1963 में मात्र 60 एमबीबीएस सीटों के साथ स्थापित जेएनएम मेडिकल कॉलेज ने पिछले छह दशकों में लगातार विस्तार किया है। समय-समय पर सीटों में वृद्धि करते हुए यह संख्या पहले 100, फिर 2009 में 150, 2019 में 180, 2023 में 230 और अब 2026 में 250 सीटों तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के मजबूत होते ढांचे और बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं का संकेत मानी जा रही है।

प्रदेश के युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे न केवल मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि भविष्य में प्रदेश को अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर भी मिल सकेंगे।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के सतत प्रयासों को देते हुए कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में यह बढ़ोतरी प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आई है, जो हर वर्ष सीमित सीटों के कारण अन्य राज्यों का रुख करने को मजबूर होते थे। नई सीटों के जुड़ने से प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी।

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