तुपकी चलाकर भगवान श्री जगन्नाथ को दी प्रतीकात्मक सलामी, जगदलपुर में अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था के निर्णय पर आयोजन समिति ने जताया आभार
रायपुर ।
बस्तर की 619 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा गोंचा महापर्व-2026 का निमंत्रण लेकर महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को महापर्व में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान करते हुए तुपकी चलाकर भगवान श्री जगन्नाथ को प्रतीकात्मक सलामी दी। यह गोंचा महापर्व की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में विद्युत तारों को अंडरग्राउंड किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि इस पहल से शहर में विद्युत संबंधी समस्याओं में कमी आई है और भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान आने वाली तकनीकी बाधाएँ भी समाप्त हो गई हैं।
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि समाज अपनी 619 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक ऐतिहासिक बस्तर गोंचा महापर्व का आयोजन कर रहा है। महाप्रभु श्री 1008 जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) पहुँचेगी, जहाँ महाप्रभु विराजमान होंगे।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री मुक्तेश पाण्डे सहित आयोजन समिति के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।