20 सदस्यीय समिति का गठन, चार पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों की रही सहभागिता
धमतरी / शौर्यपथ / धमतरी नगरी विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल तुमडी बाहर में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन किया गया। प्रभारी प्राचार्य नंदनी ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में शासन की नियमावली का वाचन कर सर्वसम्मति से 20 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। गठन प्रक्रिया में वनांचल क्षेत्र की चार पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पूर्व पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
बैठक में सर्वसम्मति से छत्तर सिंह यादव को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। वहीं विक्रम सिंह नेताम को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अध्यक्ष चुने जाने के बाद छत्तर सिंह यादव ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सदस्यों को साथ लेकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय को शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए समिति पूरी निष्ठा से कार्य करेगी।
समिति के सदस्यों में घनाराम गौर, ठेनही, बिरेंद्र नागवंशी, छोटे गोबरा, पेमिन यादव, रमशीला यादव, संतोषी ध्रुव, देवराज ओटी तुमडी बाहर आलम सिंह नेताम अर्जूनी नंदेश्वरी नेताम, गोदावरी बारला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नरेश मांझी गाताभरी प्रेम सिंह कोमर्रा, रेखा नेताम, यशोदा नागेश, देवकुमार नागेश बेलर बहारा मानबाई नागेश, अनशुईया बाई मेंचका पुनारद ओटी खालगढ़ तथा नंदलाल नेताम अरसीकनहार को शामिल किया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष एवं समिति के सभी पदाधिकारियों का उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष वोषित कौशल, दिनेश यादव, नरेश मांझी, सिरधन सोम, रूपेश नाग, बिमला ध्रुवा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में प्रभारी प्राचार्य नंदनी ठाकुर ने सभी नवगठित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों के हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति की सक्रिय भूमिका से शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यालय को नई दिशा मिलेगी।