रायपुर/दुर्ग, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में तकनीकी उपकरणों की खरीदी का मामला जोरदार ढंग से उठा। प्रश्नकाल के दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता, उपकरणों के मूल्य निर्धारण तथा क्रय समिति की कार्यप्रणाली पर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक ललित चंद्राकर ने सदन में कहा कि विश्वविद्यालय की परियोजना सूची में क्रमांक 1 से 6 तक विभिन्न तकनीकी उपकरणों की कीमत समान दर्शाई गई है, जो प्रथम दृष्टया संदेह उत्पन्न करती है। उन्होंने सरकार से प्रत्येक उपकरण का वास्तविक क्रय मूल्य, उसकी वारंटी अवधि, तकनीकी विनिर्देश तथा संपूर्ण खरीद प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में दिए गए उत्तर से उन्हें संतोष नहीं मिला था, इसलिए इस बार पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता स्पष्ट हो सके।
इस पर पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2024 से 25 जून 2026 के बीच विश्वविद्यालय द्वारा कुल 9 तकनीकी उपकरणों की खरीदी की गई है। सभी खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल तथा राज्य शासन के निर्धारित वित्तीय एवं खरीद नियमों के अनुरूप की गई। उन्होंने कहा कि उपकरणों के चयन और खरीदी के लिए गठित क्रय समिति में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया था तथा पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न हुई।
हालांकि, विधायक ललित चंद्राकर ने उपकरणों के मूल्य निर्धारण और समान कीमत दर्शाए जाने के बिंदु पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।
गौरतलब है कि दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का प्रमुख पशु चिकित्सा, डेयरी विज्ञान एवं पशुपालन शिक्षा संस्थान है। विधानसभा में मामला उठने के बाद विश्वविद्यालय में तकनीकी उपकरणों की खरीदी और उससे जुड़ी प्रक्रियाएं एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं।