एनॉलॉग पनीर पर सख्ती के निर्देश, 375 नई एम्बुलेंस, 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू होंगे
रायपुर/ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य मलेरिया से होने वाली एक भी मृत्यु को रोकना है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और जनजागरूकता के जरिए मलेरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार शुरू किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की रणनीतिक कार्ययोजना और जनसहभागिता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है, जबकि प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि बताया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को समयबद्ध आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने बताया कि HLL Lifecare Limited के सहयोग से प्रदेश के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली और गुणवत्ता निगरानी के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी बेहतर जांच सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
खाद्य सुरक्षा पर सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।