धमतरी जिले के अंतिम छोर पर बसा गांव बना हरित ऊर्जा का मॉडल, 142 किलोवॉट क्षमता के सामूहिक सोलर प्लांट का हुआ लोकार्पण
धमतरी --जिले के नगरी विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत ठेनही ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना' के तहत ठेनही जिले का पहला तथा छत्तीसगढ़ का पहला सामूहिक सोलर गांव बनने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 142 किलोवॉट क्षमता वाले सामूहिक सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया गया।
गांव में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ सियान मोहन यादव, छबीलाल सोम, हेमलाल, नेहरू गौर, श्रीधन सोम, जनपद सदस्य, सरपंच ज्योति सोम, रूपेश नाग, डी.के. यादव, सुनती नाग एवं मातृशक्ति ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं पूजा-अर्चना के साथ परियोजना का शुभारंभ किया।
इस परियोजना से गांव के 71 परिवारों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बिजली का लाभ मिलेगा। सामूहिक सोलर प्लांट से उत्पादित ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनके बिजली बिल का बोझ कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण बोले— अब नहीं रहेगी बिजली बिल की चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। उनका कहना है कि यह परियोजना केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।
नक्सल प्रभावित गांव से हरित ऊर्जा मॉडल तक का सफर
एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला ठेनही गांव आज विकास और हरित ऊर्जा का नया मॉडल बनकर उभरा है। यह परियोजना ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने गांव के विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में प्रदेश के अन्य गांव भी इस मॉडल को अपनाकर स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाएंगे।