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अंडर-ट्रेनिंग IPS अधिकारी पर करीब ₹1 करोड़ रिश्वत के आरोप, दिल्ली की विशेष CBI अदालत ने DGP और CBI निदेशक से मांगी रिपोर्ट Featured

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अंबिकापुर साइबर ठगी मामले की जांच में गंभीर आरोप | हवाला के जरिए दो किस्तों में रकम देने का दावा | WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग शिकायत के साथ पेश किए जाने की बात

अंबिकापुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ कैडर के अंडर-ट्रेनिंग IPS अधिकारी राहुल बंसल पर अंबिकापुर में साइबर ठगी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान करीब ₹1 करोड़ की कथित रिश्वत लेने का गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित रकम हवाला के जरिए दो किस्तों में दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की विशेष CBI अदालत ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और CBI निदेशक से रिपोर्ट तलब की है।

साइबर थाने की जांच से जुड़ा है मामला

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अंबिकापुर साइबर थाने से जुड़े मामले की जांच के दौरान IPS अधिकारी राहुल बंसल और दो पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका रही। शिकायत में कथित लेन-देन से संबंधित WhatsApp कॉल की रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है।

शिकायतकर्ता ने जून 2026 में CBI निदेशक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। शिकायत में कथित रिश्वतखोरी और उससे जुड़े लेन-देन की जांच की मांग उठाई गई है।

अदालत ने मांगी दो स्तरों पर रिपोर्ट

मामले में दिल्ली की विशेष CBI अदालत ने प्रथम दृष्टया संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के DGP से पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक रिपोर्ट और CBI निदेशक से अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

अदालत का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शिकायत में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, अदालत ने आरोपों को सही ठहराने वाला कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। आरोपों की सत्यता जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

कौन हैं राहुल बंसल?

राहुल बंसल मूल रूप से जयपुर के रहने वाले बताए गए हैं। उन्होंने B.Tech की पढ़ाई के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा-2021 उत्तीर्ण की और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वे अगस्त 2025 से सरगुजा क्षेत्र में पदस्थ हैं।

अब जांच की दिशा पर नजर

करीब ₹1 करोड़ की कथित रिश्वत, हवाला के जरिए भुगतान और WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग जैसे आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब निगाहें DGP और CBI निदेशक की रिपोर्ट पर रहेंगी। इन रिपोर्टों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे प्रथम दृष्टया क्या तथ्य सामने आए हैं और अब तक संबंधित एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की है।

महत्वपूर्ण: राहुल बंसल और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन्हें सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम सत्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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