मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा; सेक्टर-18 में 40 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक संस्थान, 2-3 वर्षों में शुरू होगा पहला बैच
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता न पड़े, राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसरों के माध्यम से प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार उपस्थित रहे।
40 एकड़ में आकार लेगा अत्याधुनिक कैंपस
NMIMS का अत्याधुनिक कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए अब लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य है, लेकिन विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे काफी पहले मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद कैंपस में लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
महानगरों की ओर पलायन कम होगा, प्रदेश में ही मिलेंगे बड़े अवसर
NMIMS की स्थापना छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर लेकर आएगी। प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही प्रदेश में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मुंबई, दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु जैसे बड़े शिक्षा केंद्रों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। वहीं देश के अन्य हिस्सों से भी विद्यार्थी नवा रायपुर में अध्ययन के लिए आएंगे। इससे शहर में बहुआयामी और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होने की संभावना है।
शिक्षा के साथ रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को भी मिलेगी रफ्तार
NMIMS की मौजूदगी का असर केवल कक्षाओं और डिग्री तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। विद्यार्थी, शिक्षक, शोधकर्ता और उद्योग जगत एक-दूसरे से जुड़ेंगे, जिससे उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना है। विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों को भी कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।
नवा रायपुर बनेगा एजुकेशन और नॉलेज हब
राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहर के साथ-साथ एजुकेशन एवं नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के नवा रायपुर आने से शहर का शैक्षणिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक वातावरण समृद्ध होगा। शिक्षा से जुड़ी आवास, परिवहन, खान-पान, सेवाओं और अन्य सहायक गतिविधियों में भी रोजगार एवं आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की युवा-केंद्रित विकास नीति में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक साथ जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। NMIMS की स्थापना इसी दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने वाला महत्वपूर्ण कदम है। लीज और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान हजारों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ नवा रायपुर को देश के प्रमुख शिक्षा एवं ज्ञान केंद्रों में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।