18वें स्थापना दिवस पर कैडेटों ने दिखाई प्रतिभा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक; पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया प्रतिभाओं का सम्मान
रायपुर / शौर्यपथ / सैनिक स्कूल अंबिकापुर ने अपनी गौरवशाली यात्रा के 18 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर विद्यालय का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में कैडेटों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुई। पुष्पगुच्छ से स्वागत के बाद दीप प्रज्ज्वलन किया गया और विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के प्रतीक रूप में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
18 वर्षों की उपलब्धियों का प्रस्तुत हुआ रिपोर्ट कार्ड
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में कैडेटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ कैडेटों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता निर्माण पर भी निरंतर जोर दिया है।
समारोह में कैडेटों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। स्वागत गीत के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान और भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
विद्यालय पत्रिका का विमोचन, ‘संस्कृत ऐप’ ने खींचा ध्यान
मुख्य अतिथि श्री राजेश अग्रवाल ने सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया। इस दौरान संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा तैयार किए गए अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अवलोकन किया गया। अतिथियों ने कैडेटों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे तकनीक के साथ शिक्षा और भारतीय भाषाओं को जोड़ने का सराहनीय प्रयास बताया।
शिक्षा, खेल और सह-पाठ्यक्रम में चमके कैडेट
समारोह में सत्र 2025-26 में शैक्षणिक, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को मिला। खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। वहीं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस की ट्रॉफी प्रदान की गई।
विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और सैनिक स्कूल के विकास में योगदान के लिए कमेंडेशन प्रदान कर सम्मानित किया गया।
‘अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं’
मुख्य अतिथि मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम करने और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि यहां ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण होता है, जिनमें अनुशासन, नेतृत्व, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात कर देश के गौरवशाली और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ सैनिक स्कूल अंबिकापुर के 18वें स्थापना दिवस समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।