युवाओं के सपनों को पंख, छत्तीसगढ़ के विकास को नई उड़ान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के युवाओं, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के फैसलों से छत्तीसगढ़ में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों के साथ-साथ कौशल, निर्यात और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
500 करोड़ का ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ मंजूर
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाने और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है।
मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तथा औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। मिशन का लक्ष्य युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी
प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी प्रदान की है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा।
ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों एवं निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। नीति का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि लाते हुए प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।
नवा रायपुर में बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। लगभग 200 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
NSTI में प्रतिवर्ष 1,000 प्रशिक्षुओं को दीर्घकालिक पाठ्यक्रम तथा 3,000 प्रशिक्षुओं को अल्पकालीन कार्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। संस्थान की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष
मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी एवं अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को बड़ी राहत दी है। अब अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को अन्य सेवाओं और उच्च पदों पर आगे बढ़ने के लिए अधिक और समान अवसर मिल सकेंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय परिसर
मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है।
इस निर्णय से दुर्ग में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और जिले की न्यायिक अधोसंरचना को और मजबूती मिलेगी।
युवा, रोजगार, कौशल और विकास पर सरकार का फोकस
मंत्रिपरिषद के इन फैसलों से एक ओर जहां प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, स्टार्टअप और उद्यमिता के नए द्वार खुलेंगे, वहीं दूसरी ओर निर्यात, तकनीकी शिक्षा और न्यायिक अधोसंरचना के क्षेत्र में भी विकास को गति मिलेगी। ये निर्णय छत्तीसगढ़ को कौशल, नवाचार, उद्योग और वैश्विक व्यापार के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।