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नक्सल प्रभावित अंचलों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार : मुख्यमंत्री साय

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लामकन्हार में ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण; मुनगा अभियान की प्रधानमंत्री ने की सराहना, गांव को मिले 85 लाख के विकास कार्य

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के माध्यम से देशभर में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उल्लेख प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है।

मुनगा अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की जनभागीदारी आधारित पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ आयरन सहित अनेक पोषक तत्वों का स्रोत है। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, सांस्कृतिक विरासत और ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उन्होंने सितंबर को पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुनगा अभियान की भी चर्चा की।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों का लगातार उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार के ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल की भी प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि कोरिया मॉडल में किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं, जिससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की नई राह पर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण बन रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ अंचलों तक किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

लामकन्हार को 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने ग्राम लामकन्हार में कुल 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा

‘मन की बात’ के बाद मुख्यमंत्री ने एकलव्य विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की।

कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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