फोरलेन चौड़ीकरण, सड़क उन्नयन और नई सड़क निर्माण के काम होंगे; उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ। बरसात के बाद प्रदेश में सड़क निर्माण और उन्नयन के कार्यों को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले में सड़क विकास से जुड़े चार महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कुल 145 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की है। इनमें सड़कों के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण, फोरलेन में उन्नयन, विद्युतीकरण तथा नई सड़क निर्माण के कार्य शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदाओं को स्वीकृति देते हुए रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले में सड़क अधोसंरचना को बेहतर बनाने और आवागमन सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम तेज होने की उम्मीद है।
चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी
लोक निर्माण विभाग के अनुसार रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में चौड़ा करने और विद्युतीकरण के लिए 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।
विभाग ने उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के 3.40 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को भी स्वीकृति दी है। वहीं कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क के 12.30 किलोमीटर हिस्से के फोरलेन में उन्नयन के लिए 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के तहत सड़क के 8.30 किलोमीटर और 4 किलोमीटर के दो हिस्सों को फोरलेन में उन्नत किया जाएगा।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए हैं कि सभी अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
श्री साव ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी या व्यक्ति को सबलेट नहीं किया जाए और कार्य संपादन के लिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी को मान्य न किया जाए। उन्होंने सभी कार्यों को अनुबंध में निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने तथा कार्यों का निष्पादन प्रशासकीय स्वीकृति और उपलब्ध बजट आवंटन की सीमा में ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने इन निविदाओं को स्वीकृति देते समय यह शर्त भी रखी है कि अनुबंध निष्पादित होने से पहले संबंधित ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की बैंक गारंटी प्राप्त की जाएगी।
सड़क निर्माण एवं उन्नयन के इन कार्यों के पूर्ण होने से रायगढ़ जिले में प्रमुख मार्गों की क्षमता बढ़ने के साथ आवागमन को बेहतर बनाने, यातायात सुविधा मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।