ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र; एथनिक, ईको, धार्मिक, हेरिटेज, एडवेंचर तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म में कार्यों का होगा मूल्यांकन
रायपुर / शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और सतत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार-2026’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
यह पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में दीर्घकालीन, समर्पित और उल्लेखनीय योगदान को राज्य स्तर पर पहचान देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को स्थानीय रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा समुदाय आधारित पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।
राज्योत्सव एवं स्थापना दिवस समारोह में होगा सम्मान
‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ प्रतिवर्ष राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों और योगदान को सम्मानित करना है। यह पुरस्कार किसी व्यक्ति अथवा संस्था को उसके जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जाएगा।
छह प्रमुख थीम पर होगा मूल्यांकन
पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों में ग्रामीण पर्यटन से संबंधित कार्यों का मूल्यांकन छह प्रमुख श्रेणियों में किया जाएगा। इनमें एथनिक टूरिज्म, ईको टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म शामिल हैं।
मूल्यांकन में ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों के विकास, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर तैयार करने, पर्यटकों को उपलब्ध कराए जा रहे विशिष्ट अनुभव, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा। संबंधित क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में हुए बदलाव के साथ आवेदक द्वारा अतीत और वर्तमान में किए गए कार्यों तथा उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।
व्यक्ति और संस्थाएं दोनों कर सकेंगे आवेदन
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में कार्यरत पात्र व्यक्ति अथवा संस्था इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में दीर्घकालीन सेवा, उल्लेखनीय उपलब्धियों और ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए किए गए समर्पित प्रयासों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में अपना परिचय, पता एवं फोटोग्राफ के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवास का प्रमाण-पत्र तथा आधार कार्ड की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण, प्राप्त अन्य सम्मानों की जानकारी तथा उपलब्ध होने पर प्रकाशित सामग्री एवं समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों की सत्यापित प्रतियां भी संलग्न की जा सकती हैं। आवेदक को पुरस्कार स्वीकार करने संबंधी लिखित सहमति भी देनी होगी।
छह सदस्यीय जूरी करेगी प्रविष्टियों का परीक्षण
प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण निर्धारित छह सदस्यीय जूरी द्वारा किया जाएगा। जूरी की कार्यवाही गोपनीय रहेगी और चयन संबंधी निर्णय के विरुद्ध अपील मान्य नहीं होगी। शासकीय सेवकों के आवेदन के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
15 अक्टूबर तक पहुंचाना होगा आवेदन
पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रारूप में पूर्ण आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, द्वितीय तल, उद्योग भवन, रिंग रोड नंबर-1, रायपुर (छत्तीसगढ़)-492001 के पते पर भेजना होगा। आवेदन 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुंचना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुरस्कार एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 73545-80006 अथवा ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर संपर्क किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों एवं संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। ‘चेन्दरू’ पुरस्कार के माध्यम से ऐसे प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा, जो ग्रामीण संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को संरक्षित करते हुए पर्यटन को रोजगार, आजीविका और सतत विकास से जोड़ने में योगदान दे रहे हैं।