उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आह्वान—'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ; छह फ्रेंचाइजी टीमों में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ ओलंपियन भी दिखाएंगे दमखम
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई पहचान देने के उद्देश्य से देश की पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का भव्य शुभारंभ रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हुआ। 'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ के उद्घोष के बीच शुरू हुई इस लीग में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाडिय़ों और प्रदेश की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच पर लाया गया है। इससे स्थानीय खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने की। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, लीग के ब्रांड एंबेसडर एवं पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह तथा पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक और खेलप्रेमी मौजूद रहे।
खेलों को घर-घर तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य : रक्षा खड़से
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं और खेल अधोसंरचना एवं प्रोत्साहन के लिए बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब क्रिकेट के साथ अन्य खेलों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश की सबसे बड़ी ताकत है। निजी संस्थानों की सहभागिता भी खिलाडिय़ों को आगे बढऩे के अवसर दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ भविष्य में देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।
'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ से गूंजेगा पूरा प्रदेश : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की गूंज पूरे प्रदेश में 'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ के रूप में सुनाई देगी। यह प्रतियोगिता प्रदेश में हॉकी को पेशेवर स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने भारतीय जूनियर हॉकी टीम की विश्व कप जीत के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उस विजेता टीम के सदस्य देवेश चौहान छत्तीसगढ़ की टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विन्सेंट लकड़ा, मृणाल चौबे, रेणुका यादव और सबा अंजुम जैसे प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी देश को दिए हैं।
श्री साव ने प्रधानमंत्री के संदेश 'जो खेलेगा, वो खिलेगाÓ का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल मैदान खिलाडिय़ों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है।
छह फ्रेंचाइजी टीमें, हर टीम में 18 स्थानीय खिलाड़ी
खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने बताया कि 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाली लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 18 स्थानीय खिलाडिय़ों के साथ चार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय खिलाडिय़ों को अनुभवी खिलाडिय़ों के साथ खेलकर अपनी तकनीक और कौशल निखारने का अवसर देना है।
प्रतियोगिता में शामिल टीमें हैं—
चक्रधर चैंपियंस — जिंदल स्टील लिमिटेड
न्यायधानी नाइट्स — साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल)
राजधानी रॉयल्स — श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड
मैनपाट टाइगर्स — छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल
संस्कारधानी स्ट्राइकर्स — सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड
बैलाडीला बुल्स — एनएमडीसी लिमिटेड
नि:शुल्क प्रवेश, जियोहॉटस्टार पर होगा सीधा प्रसारण
लीग के सभी मुकाबले रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। प्रतिदिन दो मैच शाम 5:30 बजे और 7:30 बजे से निर्धारित हैं। उद्घाटन दिवस पर महिला खिलाडिय़ों का विशेष प्रदर्शनी मैच भी आयोजित किया गया, जिससे महिला हॉकी को प्रोत्साहन मिला।
खेलप्रेमियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए स्टेडियम में प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है। वहीं, देशभर के दर्शक जियोहॉटस्टार पर मुकाबलों का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। मैचों का संचालन हॉकी इंडिया के अधिकृत अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि इस लीग से प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को अपनी क्षमता दिखाने का उच्चस्तरीय मंच मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, यह पहल छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई गति देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।