महीनों से फरार जीजा-साला रायपुर में गिरफ्तार, नागपुर से पुणे तक पुलिस ने खंगाले ठिकाने
राजनांदगांव/शौर्यपथ /पूर्व महापौर सुदेश देशमुख के भाई सत्यजीत देशमुख की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महीनों से पुलिस को चकमा दे रहे प्रफुल्ल साहू उर्फ विक्की और मुकेश साहू को रायपुर के बसंत विहार इलाके से घेराबंदी कर दबोचा गया। दोनों आरोपी रिश्ते में जीजा-साला बताए जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से बहुचर्चित हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपियों की तलाश पूरी हो गई है।
0 घर में घुसकर की थी हत्या, अस्पताल में शव छोड़कर हुए थे फरार
पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 की रात प्रफुल्ल साहू, मुकेश साहू, बबलू साहू उर्फ बल्ला और एक विधि से संघर्षरत बालक ने सत्यजीत देशमुख के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी। इस दौरान उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को जिला अस्पताल में उपचार के लिए छोड़ दिया था। मामले में 17 अगस्त को शिकायत के आधार पर चौकी चिखली में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।
0 कई राज्यों में तलाश, रायपुर में मिली सफलता
घटना के बाद पुलिस ने बबलू साहू उर्फ बल्ला और विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि प्रफुल्ल और मुकेश फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए गठित टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश कर रही थी। पुलिस ने नागपुर, चंद्रपुर, अकोला, पुणे और शिर्डी सहित कई स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार दोनों के रायपुर में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने बसंत विहार में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
0 महाराष्ट्र में भी दर्ज हैं कई अपराध
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। प्रफुल्ल साहू के विरुद्ध महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के गोंडपिपरी और दुर्गापुर थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं मुकेश साहू के खिलाफ भी पूर्व में कई अपराध दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई प्रधान आरक्षक अरुण नेताम, आरक्षक आदित्य सोलंकी, सुनील बैरागी, चंद्रकपूर आयाम, अमित सोनी, रंजित चौरसिया तथा साइबर सेल के आरक्षक हेमंत एवं आदित्य सिंह सहित चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।