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राममय हुआ राम वन गमन पथ : हजारों की संख्या में राम नाम के नारे के साथ निकले बाइक सवार Featured

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सुकमा / शौर्यपथ / त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान राम के पग पड़ने से पवित्र हो चुकी माता चिटमिट्टीन की यह भूमि आज फिर से राममय हो गई, जब हजारों की संख्या में बाइक सवारों ने राम नाम के नारे के साथ रैली निकाली। प्रभु श्री राम वनगमन पर्यटन रथ के साथ निकली बाइक रैली का जगह-जगह खड़े श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। रथयात्रा मार्ग में भी फूल बिछाये गए थे। भगवान राम के दर्शन को जिस तरह शबरी की आंखें व्याकुल थी, वही आतुरता रथ यात्रा और बाइक रैली के स्वागत के लिए बच्चे बूढ़े और जवानों में भी नजर आया और यह नजारा पूरे सुकमा जिले की रथ यात्रा मार्ग में गांव-गांव में नजर आया। रथ यात्रा की स्वागत के साथ ही सुकमा, छिंदगढ़, कुकानार और तोंगपाल में रामायण पाठ व धार्मिक भजनों का आयोजन भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
रथयात्रा माता चिटमिट्टीन की पवित्र भूमि रामाराम से प्रारंभ हुई और लगभग 65 किलोमीटर की यात्रा कर बस्तर जिले की सीमा पर स्थित टाहकवाड़ा पहुंची, जहां सुकमा कलेक्टर श्री नन्दनवार ने बस्तर कलेक्टर श्री रजत बंसल को यात्रा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। रामाराम में कलेक्टर श्री विनीत नन्दनवार ने रथ यात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना करने के साथ ही रथ यात्रा में भी शामिल हुए। इस दौरान सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि सुकमा जिला मुख्यालय से दक्षिण में लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर रामाराम ग्राम स्थित है। यहां की आराध्य देवी चिटमिट्टीन हैं। राम वन गमन मार्ग के शोध से भगवान राम के यहां आगमन और भू-देवी के आराधना की जानकारी मिलती है।
यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भगवान राम से बहुत ही गहरा संबंध रखने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश में राम वन पथ गमन परिपथ का विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक तथा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का अवलोकन करने का अवसर प्राप्त हो सके। इस मार्ग में फलदार और औषधीय पौधों के रोपण का कार्य भी किया जा रहा है।

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