परम्परागत ग्रामीण कौशल को पुनर्जीवित करने 4 नए विकास बोर्ड का होगा गठन
पत्रकारों की दुर्घटना में मृत्यु पर परिवार को 5 लाख की सहायता
नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक परिक्षेत्र की होगी स्थापना
कौशल्या मातृत्व योजना शुरू होगी
कांकेर, कोरबा और महासमुंद में मेडिकल कॉलेज भवन के लिए 300 करोड़ का प्रावधान
119 नए अंग्रेजी माध्यम स्कूल और खुलेंगे
7 नवीन महाविद्यालय एवं 3 कन्या महाविद्यालय की होगी स्थापना
11 नई तहसीलें और 5 नए अनुविभाग की होगी स्थापना
सी-मार्ट स्टोर की होगी स्थापना
स्वच्छता दीदियों का मानदेय अब 6000 रूपए
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में छत्तीसगढ़ का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह बजट राज्य को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा। उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार के तीसरे बजट को प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस बजट में ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ के मूलमंत्र की भावनाओं को समाहित किया गया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने बजट पेश करते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय देश-दुनिया समेत छत्तीसगढ़ की सरकार के लिये भी पिछला वर्ष बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा है। कोविड-19 महामारी के संक्रमण से बचाव हेतु लागू लॉकडाउन के कारण राज्य में आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित रहीं, जिसके कारण राजस्व प्राप्तियों में कमी आयी। महामारी काल में आजीविका के साधनों की कमी के कारण आम जनता को राहत पहुंचाने हेतु कल्याणकारी योजनाओं में अधिक संसाधनों की आवश्यकता पड़ी। हमारी सरकार ने इस दो-तरफा दबाव का दृढ़ता से सामना करते हुए जनता के हित में लगातार कार्य किया और मुझे यह कहते हुये संतोष है कि शासन-प्रशासन की सजगता एवं जनता के प्रयासों से राज्य पर इस आपदा का दुष्प्रभाव कम हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए गर्व है कि संकट के दौर में भी हमारी सरकार के संवेदनशील और सुसंगत प्रयासों के कारण महात्मा गांधी नरेगा योजना में रोजगार देने तथा मजदूरी भुगतान करने का कीर्तिमान बना। वनोपज खरीदी का राष्ट्रीय कीर्तिमान बना। शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण के लिए किए गए नवाचारों तथा प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी एवं पुनर्वास के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
हमने संक्रमण की रोकथाम तथा उपचार के लिये त्वरित निर्णय लिये। स्वास्थ्य विभाग के लिये 670 करोड़ के अतिरिक्त बजट की तत्काल व्यवस्था की गई। कोरोना संक्रमण की जांच हेतु 6 आरटी-पीसीआर लैब और 18 ट्रूनॉट लैब की तत्काल स्थापना की गई। मार्च 2020 में शासकीय अस्पतालों में आईसीयू बिस्तर क्षमता केवल 53 थी, जिसकी संख्या बढ़कर 406 बिस्तर हो चुकी है। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु 30 कोविड समर्पित अस्पताल तथा 178 कोविड केयर सेन्टर स्थापित किये जाने से मरीजों के उपचार में तेजी आयी व प्रदेश की जनता का मनोबल बढ़ा।
सुराजी ग्राम योजना के तहत स्थानीय संसाधनांे के संरक्षण व पुनर्जीवन का हमारा अभियान कोरोना संकटकाल के दौरान बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रारंभ की गई इस योजना के तहत कृषि, पंचायत एवं वन विभाग में उपलब्ध राशि के अभिसरण से स्वीकृत लाखों विकास कार्याें के कारण संकट के दौर में भी छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई। हमने गोबर को गोधन बनाने की दिशा में सुविचारित कदम उठाते हुये गोधन न्याय योजना लागू की, जिसमें पशु पालकों से गोबर क्रय करके गोठानों में वर्मी कंपोस्ट एवं अन्य उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन से जैविक खेती एवं गौ-पालन को बढ़ावा, पशु पालकों को आर्थिक लाभ तथा रोजगार के नये अवसरों का सृजन हो रहा है। हमारी इस पहल को भारत सरकार एवं अन्य राज्यों द्वारा भी सराहा गया है।
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बजट के मुख्य प्रावधान
1. बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर टाइगर्स नाम से विशेष पुलिस बल का गठन
2. छत्तीसगढ़ी कला, शिल्प, वनोपज, कृषि एवं अन्य सभी प्रकार के उत्पादों तथा व्यंजनों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए ’’सी-मार्ट’’ स्टोर की स्थापना
3. शहरों में पौनी पसारी योजना के समान ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इण्डस्ट्रियल पार्क की स्थापना
4. मत्स्य पालन को कृषि के समान दर्जा दिया जायेगा
5. परंपरागत ग्रामीण व्यवसायिक कौशल को पुनर्जीवित करने 4 नये विकास बोर्डो का गठन - तेलघानी, चर्म शिल्पकार, लौह शिल्पकार एवं रजककार विकास बोर्ड
6. ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों के लिए नवीन न्याय योजना प्रारंभ की जायेगी।
7. तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए ’’शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’’
8. पत्रकारों को दुर्घटना जन्य आकस्मिक मृत्यु पर परिवार को 5 लाख की सहायता
9. द्वितीय संतान बालिका के जन्म पर कौशल्या मातृत्व योजना अंतर्गत महिलाओं को 5,000 की एकमुश्त सहायता
10. किसानों को खेतो तक आवागमन सुविधा हेतु मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना
11. नवा रायपुर में भारत भवन, भोपाल की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक परिक्षेत्र की स्थापना
12. श्री राम वनगमन पर्यटन परिसर के लिए 30 करोड़ का प्रावधान
13. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के अंतर्गत 119 नये अंग्रेजी स्कूल
14. नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के बोर्डिंग स्कूल की स्थापना
15. पढ़ना लिखना अभियान योजना के लिए 5 करोड. 85 लाख का प्रावधान
16. 7 नवीन महाविद्यालय तथा 3 कन्या महाविद्यालय की स्थापना
17. 14 महाविद्यालयों में स्नातक तथा 15 महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ
18. 9 बालक एवं 9 नवीन कन्या छात्रावास की स्थापना
19. 6 नवीन महाविद्यालय भवन निर्माण
20. 2 नवीन आईटीआई की स्थापना
21. 12 नये रेल्वे ओवर ब्रीज, 151 नवीन पुल, 585 सड़कों के निर्माण के लिए कुल 504 करोड़ का नवीन मद प्रावधान
22. नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में 104 सड़क एवं 116 पुल निर्माण के लिए 12 करोड़ का प्रावधान
23. नवीन सिंचाई योजनाओं हेतु नवीन मद में 300 करोड़ का प्रावधान
24. नगरीय क्षेत्रों में नई जल प्रदाय योजनाओं के लिए 45 करोड़ का प्रावधान
25. पंडरी रायपुर में 350 करोड़ की लागत से जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क की स्थापना
26. नदियों के किनारे खेतों को सिंचाई की सुविधा के लिए विद्युत लाईन के विस्तार के लिए प्रावधान
27. ग्राम गोढ़ी, जिला बेमेतरा में बायो इथेनाल प्रदर्शनी स्थल संयंत्र की स्थापना
28. 11 नई तहसीले एवं 5 नये अनुविभागों की स्थापना
29. कन्या छात्रावास एवं आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2200 नवीन पदों का सृजन
30. चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज दुर्ग का शासकीयकरण
31. राजीव गांधी किसान न्याय योजना हेतु 5,703 करोड़ का प्रावधान
32. कृषक जीवन ज्योति योजना अंतर्गत 2,500 करोड़ का प्रावधान
33. कृषि पंपों के ऊर्जीकरण हेतु 150 करोड़, सौर सुजला अंतर्गत 530 करोड़ का प्रावधान
34. किसानों को बिना ब्याज का 5,900 करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य
35. गोधन न्याय योजना हेतु 175 करोड़ का प्रावधान
36. असंगठित श्रमिकों के लिए राज्य स्तरीय हेल्पडेस्क सेंटर की स्थापना
37. छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम को 5,225 करोड़ लागत की 3,900 कि.मी. लंबी सड़कों एवं पुलों के निर्माण हेतु 150 करोड़ का प्रावधान
38. मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान
39. एडीबी फेस-3 परियोजना में 825 कि.मी. लंबाई की 24 सड़कों के लिए 940 करोड़ का प्रावधान
40. सिंचाई की 4 वृहद परियोजनाओं अरपा भैसाझार, केलो, राजीव समोदा व्यपवर्तन एवं सोंढूर हेतु 152 करोड़ का प्रावधान
41. पटवारियों के मासिक स्टेशनरी भत्ता में 250 रूपये की वृद्धि
42. स्वच्छता दीदियों के मानदेय को 5,000 से बढ़ाकर 6,000 किया जायेगा
43. नवीन चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर, कोरबा एवं महासमुंद के भवन निर्माण हेतु 300 करोड़ का प्रावधान
44. सन्ना, जशपुर, शिवरीनारायण-जांजगीर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं रिसाली-भिलाई में 30 बिस्तर अस्पताल की स्थापना
45. मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनीक योजना हेतु 13 करोड़ का प्रावधान