नरेंद्र भवानी की रिपोर्ट जगदलपुर से -
जगदलपुर / शौर्यपथ / अपने किये वादे के अनुसार अमित जोगी महिला दिवस के दिन सेमली गाँव पहुंचे व पीड़ित परिवार से मुलाकात की . अमित जोगी ने का ग्राउंड ज़ीरो में जा कर अधिकारिक्क रूप से कहा कि “आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन जिस प्रकार से सरकार ने बस्तर के कोने-कोने से चलकर आ रही बहनों और बेटियों को बलपूर्वक रोका, उस से यही लगता है कि भूपेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा लोन वरटू (घर वापसी) अभियान दूसरा सलवा जुडुम सिद्ध होगा। जिस सरकार ने जेल में झूठे नक्सली प्रकरणों में बंद बस्तरियों को रिहा करने का वादा किया था, आज वही सरकार बस्तर की निर्दोष बेटियों को एंकाउंटर की धमकी देके खुद को नक्सली बताके आत्मसमर्पण करने को प्रताड़ित करती है। जहाँ सलवा जुडुम ने अप्रशिक्षित बच्चों के हाथ में बंदूक़ पकड़ा के SPO पैदा किए और पूरे बस्तर को रणभूमि में बदल डाला, वहाँ अब लोन वरटू के ख़तरनाक खेल के चलते आत्मसमर्पण की जगह पुलिस हिरासत में आत्महत्याएँ होने लगी है। आत्मसमर्पण होना चाहिए लेकिन आत्महत्या की क़ीमत पर नहीं। इस पूरे मामले की न्यायिक जाँच होनी चाहिए।”