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स्वास्थ्य सेवाएं एवम चुनौतीयो पर परिचर्चा का आयोजन

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मुंगेली । शौर्यपथ । अखिल टोन्डर / मुंगेली जिले सिंग इंटरनेशनल होटल में आक्सफैम इंडिया के द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मुद्दे एवं चुनौतियां विषय पर जिला स्तरीय परिचर्चा का आयोजन 20 मार्च 2021 को किया गया। परिचर्चा में मुंगेली जिले के स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पत्रकार, साहित्यकार, सामुदायिक मुखिया, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं जिले के बुध्दिजीवी शामिल हुए। जिला स्तरीय परिचर्चा में शासन प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के प्रतिनिधि जित्तू कुमार साहू स्वास्थ्य अधिकारी, मारुत परिहार अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, सलिल पांडे, एस0 एम0 समिम सदस्य बाल कल्याण समिति, सुलेखा टंडन सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, सुमेश जायसवाल, दिलीप कुमार बसंत की गरिमामय उपस्थिति रही। जिन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुद्दे एवं चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। परिचर्चा में उपस्थित सुखनंदन यादव सामाजिक कार्यकर्ता, दौलत राम कश्यप अध्यक्ष आस्था समिति, देव गोस्वामी आगर साहित्य एवं रामकिंकर परिहार सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण वर्तमान स्थिति और अनुभवों पर प्रस्तुति दिया गया। परिचर्चा में स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए शिक्षा, जन जागरुकता के लिए रामचंद्र साहू अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, उमाशंकर कश्यप जिला समन्वयक, खुमान दास सोनवानी, रामकुमार जायसवाल सामाजिक कार्यकर्ता एवं चंद्रकांत यादव सदस्य आस्था समिति के द्वारा भविष्य की कार्ययोजना पर अपने विचार रखे गए। परिचर्चा में मुख्य अतिथि जित्तू कुमार साहू के द्वारा शासन के द्वारा संचालित सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 28 से भी ज्यादा स्वास्थ्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिसमें डा0 खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, आयुष्मान भारत जैसे योजनाएं संचालित है। परिचर्चा में दौलत राम कश्यप अध्यक्ष आस्था समिति के द्वारा राज्य के स्वास्थ्य हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में मानव संसाधन की कमी बड़े पैमाने पर है। सरकार को जल्द से जल्द भर्ती करना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार के घोषणा पत्र के अनुरूप सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल कानून को लागू करने एंव मितानिनों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने की मांग किया। परिचर्चा में चंद्रकांत यादव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण को नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ नर्सिंग कानून 2010 का कड़ाई से पालन कराने की अपील किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के 01 मई 2018 के आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षकों एवं चिकित्सकों को निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसकी भी जागरूकता करने की जरूरत है। निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में लूट से गरीब और कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नही मिल रही है। इसलिए भारत सरकार और राज्य सरकार को निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में नियंत्रण, निगरानी, कार्यवाही एवं सुनवाई की जरूरत है। जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो सके। परिचर्चा का संचालन जिला समन्वयक उमाशंकर कश्यप के द्वारा किया गया। जिला स्तरीय परिचर्चा मे शामिल सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सुखनंदन यादव के द्वारा किया गया। परिचर्चा में शशि कपूर, हेमराम, कामेश, ज्योति, रमेश, शुभाष, दुर्गेश, सुनील, रविशंकर, तेजराम, भारत, श्याम रतन, द्रोपती, राजकुमार, ज्वाला, देवेन्द्र, चद्रशेखर, अनिता, मीम, परमेश्वर, विकास, नंद, अजय, हितेश, दिपिका, सविता, लक्ष्मी नारायण, निशा, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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