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हर्बल रंग से सराबोर होगी दंतेवाड़ा की होली

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दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/

जिला प्रशासन की प्रयास से बिहान से जुड़ कर महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया गया है। ऐसे ही चितालंका के सीता स्व सहायता समूह की महिलाएं पार्वती महिला ग्राम संगठन हर्बल गुलाल उत्पादन का उत्पादन कर रही हैं यह गुलाल पूर्ण रूप से प्राकृतिक चीजों जैसे फूलों, पत्तियों से बनाया गया है। जिसमे हरे रंग के लिए पालक, धनिया पाउडर, मेहंदी, गुलाबी रंग के लिए चुकंदर, गुलाब की पंखुड़ी, लाल रंग के लिए अनार का छिलका, गाजर, टमाटर, पीले रंग के लिए हल्दी, बेसन, नारंगी रंग के लिए पलाश के फूल, बैंगनी रंग के लिए जामुन व चुकंदर आदि के साथ चावल आटे व अरारोट आटे का उपयोग कर उत्पाद निर्मित किया गया है। यह हर्बल गुलाल त्वचा के लिए इको फ्रेंडली होता है इन प्राकृतिक रंगों के उपयोग से हम इंफेक्शन जैसे रोगों से बच सकते हैं। रंग आसानी से निकल जाता है। पर्यावरण के अनुकूल है। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान ) से जुड़ कर लोगों की सेहत को ध्यान रखते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है आगामी होली पर ग्रामीण महिलाएं इन्हीं हर्बल रंग से होली खेलने के लिए सभी को जागरूक कर रही है।

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