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किसानों से छल करने वाली भुपेश सरकार को किसान ही उखाड़ फेंकेंगे - साय

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kanker / shouryapath /

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक आज भाजपा कार्यालय कमल सदन कांकेर में भारत माता, पं दीन दयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छायाचित्र पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्जवलित कर प्रारंभ हुई। इससे पूर्व दिनांक 26 मार्च से ही भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों का कांकेर पहूंचना प्रारंभ हो गया था । इस प्रदेश कार्यसमिति बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु देव साय, भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री लता उसेण्डी, 
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री व प्रदेश सह प्रभारी बजरंगी यादव, किसान मोर्चा राष्ट्रीय मंत्री पिंकी शिवराज शाह, लोकसभा सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य संदीप शर्मा, जिला संगठन प्रभारी निरंजन सिन्हा, भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने की  
सत्र के उदघाटन सत्र से पहले प्रदेश अध्यक्ष साय ने प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात सभी पदाधिकारियों के साथ सुनी । तत्पश्चात् सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा कि छ.ग. की मुख्य आर्थिक गतिविधि खेती पर निर्भर है । यहां के आधे से ज्यादा परिवार खेती किसानी पर निर्भर है। प्रदेश के किसानों की समस्या को उठाने व उनके हक के लिए लड़ने के लिए भाजपा किसान मोर्चा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। किसानों के बोनस व ऋण माफी का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस के 3 साल के शासन में अब तक 500 से ज्यादा किसान प्रदेश मेे आत्महत्या कर चुके है ।
प्रदेशाध्यक्ष साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्रहार करते हुए कहा कि अपनी कुर्सी बचाने व आलाकमान को खुश करने भूपेश बघेल यूपी के किसानों की मौत पर 50 लाख रूपये देने की घोषणा तो करते है पर खुद के राज्य में आत्महत्या कर रहे किसानों की मौत पर न तो मुआवजा और न ही परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने का वादा करते है । नया रायपुर में हजारों की संख्या में किसान आंदोलनरत है और मुख्यमंत्री बघेल उन्हें सुनने के बजाय राज्यों के चुनाव में व्यस्त रहते है। सरकार के तीन साल पूरे होने पर एक तरह तो अपने आका को बुलाकर किसानों के साथ न्याय करने का प्रंपच करते है वही दूसरी तरफ अपनी मांगों के लिए आंदोलनरत किसानों को रोकने जेल में बंद करते है ।
श्री साय ने कहा कि कांग्रेस के इन तीन साल के शासन में ही प्रदेश का हर वर्ग बघेल सरकार से प्रताड़ित व परेशान हो गया है । उन्होने किसान मोर्चा के माध्यम से गांव-गाव तक किसानों तक पहूंचने की बात कही व 2023 के चुनाव में कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आव्हान किया ।
किसान मोर्चा के प्रदेश सह प्रभारी बजरंगी यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत खेती पर निर्भर अर्थव्यस्था है । ये बड़ी खुशी की बात है किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति प्रदेश मुख्यालय से बाहर किसी जिले में हो रही है इससे जिलों में किसानों से जुड़ी आम समस्याओं को ज्यादा अच्छे से समझने का मौका मिलेगा । उन्होने कहा कि 2014 में केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से श्री मोदी ने लगातार किसानों की उन्नति व उनकी आर्थिक प्रगति के लिए कई किसान कल्याणकारी योजनाऐं प्रारंभ की । तीन कृषि कानूनो की चर्चा करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून भी किसानों की आय बढ़ाने में बहुत ही मददगार होता परंतु देश के कुछ किसान विरोधी तत्वों के कारण ये कानून राजनीतिक विरोध की भेंट चढ़ गये और देश को अराजक स्थिति से बचाने में मजबूरी में इसे सरकार द्वारा वापस लेना पड़ा । उन्होने कहा कि प्रदेश का किसान मोर्चा किसानों के हर परेशानी व मुददों में किसानों के साथ खड़ा है । श्री यादव ने प्रदेश से बाहर मोर्चा की कार्यसमिति आयोजित करने पर आयोजन समिति के संयोजक भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक ठाकुर, जिलाध्यक्ष विजय मण्डावी, महामंत्री चन्द्रप्रकाश ठाकुर, स्वपन तरफदार व जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र गौर को बधाई दी ।
किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि हर तीन माह में मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति फिर जिला व मण्डल कार्यसमिति बैठक होती है। होली के बाद यह पहली कार्यसमिति है जो पहली बार प्रदेश भाजपा मुख्यालय से बाहर कांकेर मे हो रही है । उन्होने मोर्चा द्वारा किये गये कार्यो का वृत्त प्रस्तुत करते हुए कहा कि भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश के किसानों के हर समस्या में साथ खड़ा है । चाहे वो खाद की कमी हो, बारदाने की कमी हो या बीज की कमी। उन्होने कहा कि किसानों से किये वादे के दम पर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार से आज यदि कोई वर्ग सबसे ज्यादा प्रताड़ित है तो वो किसान ही है । भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को परेशान करने पहले तो गिरदावरी के नाम पर उनका रकबा कम किया फिर धान खरीदी का समय जो पहले भाजपा सरकार में 1 नवंबर था उसे 1 दिसंबर कर दिया। इस सरकार ने किसानों के धान खरीदने से बचने के लिए बारदाने तक की कृत्रिम कमी पैदा की । केन्द्र सरकार से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने के बाद भी केन्द्र सरकार को बदनाम करने सोसाइटियों में खाद की किल्लत की जबकि सरकार से जुड़े खाद विक्रेताओं के पास खुले बाजार में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध थी । श्री जायसवाल ने कहा कि 2003 में प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से किसानों की आर्थिक प्रगति के लिए अनेक योजनाऐं प्रारंभ की गई । पहले किसानों को 15 प्रतिशत ब्याज पर किसानों को ऋण मिला करता था जिसे किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से प्रदेश की भाजपा सरकार ने घटाते-घटाते शुन्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण देना प्रारंभ किया । सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए किसानों को छुट के साथ् बिजली कनेक्शन व पहूंच विहीन गांवों में सोलर पम्प के माध्यम से किसानों को सिंचाई प्रदान की ।
किसान मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री व पूर्व विधायक पिकी शिवराज शाह ने केन्द्र सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए इन योजनाओं का लाभ निचले स्तर तक पहूंचाने की बात कही । उन्होने कहा कि केन्द्र की प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों की महत्ता को देखते हुए कृषि और किसानों के कल्याण के लिए आबंटित राशि में काफी वृद्धि करते हुए 35984 करोड़ जारी किये गये साथ ही किसानों की खेतों की मिटटी जांचने के लिए 1.84 करोड़ सायल कार्ड भी वितरित किये गये ।
कार्यसमिति के द्वितीय सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव लाया गया जिसे किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक ठाकुर द्वारा पढ़ा गया। इस प्रस्ताव में कहा गया कि छ.ग कृषि प्रधान राज्य है प्रदेश की 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है । परंतु वर्तमान समय में भूपेश सरकार की वादाखिलाफी एवं उपेक्षा पूर्ण रवैये के चलते किसानों में गहरे असंतोष का वातावरण है। चुनाव के समय काग्रेस ने किसानों से आसमानी वादे तो कर दिये परंतु सरकार बनने के बाद वादा निभाने में यह सरकार फिसडडी साबित हुई । किसानों का एक एक दाना धान खरीदने , 15 क्विटल की लिमिट खत्म करने का वादा करने वाली सरकार ने किसानों का धान कम खरीदना पड़े इसके लिए खेतों का रकबा की कम कर दिया। हर जिले मंे फुड प्रोसेसिंग युनिट खोलने का खोखला प्रचार करने वाली कांग्रेस सरकार ने अपने झुठे वादों के लपेटे में अपने आलाकमान को भी फंसा दिया। किसानों के नाम पर वोट मागकर किसानों से छल करने वाली भूपेश बघेल सरकार बेनकाब हो गई है । प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान कार्ड से गरीब आवासहीन किसानों को वंचित करने वाली भूपेश सरकार की यह कार्यकारिणी घोर निंदा करती है एवं आगामी चुनाव में इस वादाखिलाफी करने वाली किसाना विरोधी सरकर को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेती है ।
कार्यसमिति का संचालन किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री द्वारकेश्वर पाण्डेय ने किया।
इस कार्यसमिति में पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, सुमित्रा मारकोले, ब्रम्हानंद नेताम, भोजराज नाग, सेवक राम नेताम, भरत मटियारा, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष शालिनी राजपूत, किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री युधिष्ठिर चंद्राकर, उपाध्यक्ष चंदन साहू, गौरीशंकर श्रीवास, कोमल सिंह राजपूत, मनोज शर्मा, मंत्री गजेन्द्र यादव, ओम प्रकाश चंद्रवंशी, कुल्कित चंद्रा, गोमती द्विवेदी, दिनेश सिंह, पवन साहू, कोषाध्यक्ष गौतम गभेल, सह कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय मंत्री प्रशांत चंद्राकर, मीडिया प्रभारी अजय साहू, सोशल मीडिया प्रभारी राहुल टिकरिहा, सह प्रभारी आकाश् गुप्ता, जिला महामंत्री बृजेश चौहान, दिलीप जायसवाल, राजीव लोचन सिह, देवेन्द्र भाउ, हीरा मरकाम, अनूप राठौर, राजा देवनानी, निपेन्द्र पटेल, डॉ देवेन्द्र साहू सहित किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, जिलाध्यक्ष महामंत्री व अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
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