21 माह में नगर के एक गौ पालक ने बेचा 10 लॉख से ज्यादा का गोबर, भाजपाईयों ने उठाए सवाल
कोण्डागांव /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी करने का निर्देश दिया गया था जिसके तहत गौ पलकों द्वारा गोबर विक्रय किया जाता है . खरीदी का कार्य निगम परिषद् /पालिका /पंचायत आदि माध्यमो से की जाति है किन्तु किसी भी योजना में भ्रष्टाचार का रास्ता निकलने में भी सम्बंधित विभाग कोई कसार नहीं छोड़ता ऐसा ही एक मामला गोंदगओं का है जहाँ एक गौपालक द्वारा विगत 21 माह में 804 किलो प्रति दिन के हिसाब से गोबर विक्रय कर 10 लाख से अधिक की राशि का अर्जन किया गया . शासकीय दस्तावेजो में यह राशि कुल 11 गौपशु के माध्यम से दर्शाया गया है . अगर दस्तावेज की माने तो एक गौ द्वारा 80 किलो के लगभग गोबर का उप्र्जन होना बताया जा रहा है जो कि दस्तावेजो में ही संभव नजर आता है वही जमीनी हकीकत से दूर . सूचि में अंकित अन्य लोगो से जब गाय के गोबर की जानकारी ली गयी तो कई लोगो का कहना था कि 7 से 8 गाय के बीच 2 सौ किलो के करीब गोबर निकल जाता है वो भी तब जब उन्हें बाँध कर घर की बाड़ी में ही रखा जाता है . ऐसे में सवाल उठता है कि अशोक राय जिसके पास मात्र 10 गाये है कैसे 800 किलो के करीब गोबर का उपार्जन हो जाता है . इस मामले पर आज कोंडागांव भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी द्वारा प्रेस कांफ्रेंस रखकर घोटाले के अंदेशे को उजागर किया गया . अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्य प्रणाली की निष्पक्ष जाँच करेगा .
मामले पर कोंडागांव भाजपा की प्रेस कांफ्रेंस
गौपालकों के यहॉ जितना गोबर निकल नहीं रहा उससे कही अधिक बेच डालने का दस्तावेज नगर पालिका पेश कर रहा है। जो किसी षंडयंत्र की ओर इसारा कर रहा है, उक्त बाते भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होने कहा कि, नगर पालिका क्षेत्र के अंतगर्त निवासरत अशोक राय जिनके पास केवल 10 गाय और उनके भरे गए फामर्नुसार रोजाना बिक्री योग्य गोबर 90 किलो निकल रहा है, लेकिन खरीदी की गई राशि का अंतराल लॉखों में है। लता उसेंडी ने कहा कि, यदि वो रोजाना 90 किलो गोबर बिक्री भी करता है तो 21 माह में 113000 हजार का ही गोबर दो रूप्ए के हिसाब से बिक्री कर पाएगा। लेकिन नगर पालिका का दस्तावेज उसे 10 लॉख से अधिक की गोबर बिक्री करना बता रहा है।
यह कोई एक मामला नहीं है, बल्कि नगर पालिका के अंतगर्त ऐसे कई गौपालक है जिनके पास मवेशियों की संख्या तो कम है, लेकिन उन्हें गोबर बिक्री में लखपति बना दिया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए, क्योकि कही न कही यह गड़बड़ी कर योजना के नाम पर लाखों का हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि, जब हमारी टीम समाजिक न्याय पखवाड़े के दौरान लोगों से संपर्क कर रही थी तो राज्य सरकार की गई कमी-खामिया सामने आई हैं, जिसमें गोठान की स्थिति, कुपोषण की दर, गभर्वती महिलाओं व आंगनबाड़ी केंद्रो में पढऩे वाले बच्चों के साथ ही समूह की महिलाओं के साथ यह सरकार अन्याय कर रही हैं। जिसके कई उदाहरण हमारे पास है, उन्होंने कहा कि, यह सरकार केवल लोगो के साथ धोखा कर रही है। इस मौके पर मनोज जैन, दीपेश अरोरा, हेमकुवर पटेल, जसकेतु उसेंडी, कुलवंत सिंह चहल सहित अन्य मौजूद रहे।