बस्तर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ में बोरे बासी का एक अलग महत्व है छत्तीसगढ़ जब मध्यप्रदेश में था तब भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी बोरे बासी का स्वाद बड़े चाव से लेते थे गर्मियों के समय में छत्तीसगढ़ीयो का यह प्रिय व्यंजन होता है । छत्तीसगढिय़ा के इस प्रिय व्यंजन को छत्तीसगढ़ के ऐसे निवासी जो बाहर से आकर बसे हैं हंसी उड़ाते थे और बोरे बासी व्यंजन को ना ही महत्व देते थे और ना ही खाने वालों को सम्मान देते थे ।
कई मौकों पर ऐसा भी देखने को मिला है कि गैर छत्तीसगढिय़ा द्वारा छत्तीसगढ़ीयो को बासी खाने वाला भी चिड़ा देते थे किंतु प्रदेश के छत्तीसगढिय़ा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जैसे ही मजदूर दिवस के दिन बोरे बासी खाने की अपील की और इसे मजदूरों के सम्मान के साथ जोड़ा तो आज पूरा प्रदेश सोशल मीडिया से लेकर हर स्तर पर बोरे बासी खाता हुआ नजर आया ।
आज बोरे बासी के गुणगान करने लगा ऐसा नहीं है कि बोरे बासी के बारे में छत्तीसगढ़ के निवासियों को चाहे वह छत्तीसगढिय़ा हो या गैर छत्तीसगढिय़ा किसी को जानकारी नहीं थी किंतु अभी तक इस व्यंजन को गरीबों का व्यंजन कहने वाले आज बड़े से बड़े लोग भी अपने घरों पर इस छत्तीसगढिय़ा व्यंजन को खाते हुए अपना फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए दिखे ऐसे भी कई लोग देखें जिन्हें छत्तीसगढिय़ा बोलना भी नहीं आता किंतु पूछताछ कर पोस्ट के साथ छत्तीसगढिय़ा बोली का इस्तेमाल करते हुए नजर आए .
साधुवाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी आपने छत्तीसगढ़ीयो के मान को बढ़ाया और छत्तीसगढिय़ा व्यंजन बोरे बासी हो आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान दिलाई आभार साधुवाद.