Print this page

लाल ईंटो के प्रतिबंध के बावजूद शासकीय कार्यों में हो रहा लाल ईंटो का धड़ल्ले से उपयोग ,लाल इट बनाने वाले बेख़ौफ़ जिम्मेदार अधिकारी मौन ?

  • rounak group

 कोंडागांव/ शौर्यपथ /

पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लाल ईंटों पर 2012-13 में प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन यह प्रतिबंध कोंडागांव जिले में बेअसर हो गया है। खनिज विभाग इसके निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। कभी इसकी शिकायत हुई तो उसे दबाने खानापूर्ति की कार्रवाई कर रहा है। यह आरोप लाल ईंट भट्टों से परेशान फ्लाई एस के संचालकों ने लगाया है। कार्रवाई नहीं होने से इनके फ्लाई एस ब्रिक्स उद्योग पर असर पड़ रहा हैं। पर्यावरण के संरक्षण के लिए लाल ईट की जगह फ्लाई एस ब्रिक्स का उपयोग करने का आदेश है। लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वही कोंडागांव जिला मुख्यालय के कृषि उपज मंडी समिति के समीप भी लाल ईंटो से शासकीय उपज गोदाम का निर्माण तो किया जा रहा पर लाल ईंटो से पर अब तक प्रशासन की नजर इस पर नही पड़ी है ।
कोर्ट के आदेश की उड़ रही धज्जियां
2013 में कोर्ट द्वारा लाल ईंटो पर प्रतिबंध कर दिया साथ ही शासकीय कार्यो में उपयोग लाने सख्त पाबन्दी भी लगा दिया गया जिसके बावजूद आज भी शासकीय कार्य मे लगातार लाल ईंटो का उपयोग किया जा रहा है मगर जिम्मेदार अधिकारी मौन है ओर लाल ईंटो का कारोबार फैल रहा है ।
उचित कार्यवाही ना करने से कारोबारियों के हौसले बुलंद
राजस्व व खनिज विभाग के द्वारा अवैध रूप से संचालित लाल ईंट भट्टों पर समय-समय पर विभाग द्वारा कार्यवाही के नाम पर दस्तक दी जाती है, लेकिन अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ उचित कार्यवाही ना करने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। अवैध कारोबारी बेधड़क लाल ईंट का निर्माण करते हैं और दुगुने तीगुने दाम में बेचकर मोटी रकम कमा रहे हैं, जो अवैध ईंट कारोबारियों के कमाई का जरिया बन चुका है। विभागीय अधिकारियों को जानकारी होते हुए भी राजस्व और खनिज अमला हाथ पर हाथ धरे खामोश बैठा हुआ है और अवैध ईंट भट्टा कारोबारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कड़ी कार्यवाही ना होना, विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

Rate this item
(0 votes)
PANKAJ CHANDRAKAR

Latest from PANKAJ CHANDRAKAR