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धर्म परिवतर्न करने वाले आदिवासियों की अधिकारों को डिलिट करने की मांग को लेकर निकाली विशाल रैली

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 - जनजाति सुरक्षामंच के साथ ही अन्य पदाधिकारियों ने किसा सभा को संबोधित।

हजारो की संख्या में लोग हुए शामिल।

कोण्डागांव / शौर्यपथ /

स्थानीय चैपाटी मैदान परिसर में गुरूवार को जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले धर्मांतरण को लेकर जिला मुख्यालय में विशाल विरोध रैली निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज व सुरक्षामंच से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। चैपाटी परिसर में हुए सभा के दौरान सुरक्षामंच से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि, लगातार इलाके में धर्मांतरण हो रहा है। जो आने वाले समय में हम सबके लिए खतरनाक है, हम यहॉ वर्षो से अपनी संस्कृति व पंरपराओं के साथ रह रहे है, लेकिन अब हमे हमारे बूढ़ादेव को ही मानने से मना करने वाले बढ़ गए है। ऐसे लोगों को समाज से बाहर करने के साथ ही उन पर कायर्वाही भी होना चाहिए, यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में हमारी संस्कृति ही खत्म हो जाएगी और हम कुछभी नहीं कर पाएंगे, इसलिए हमें आज और अभी जागना होगा। और इन लोगों को डी लिस्टिंग करना होगा। मंच से वक्ताओं से कहा कि, धर्म परिवतर्न करने के बाद गांव के देवी-देवताओं और स्थानीय संस्कृति को धमांर्तरिंत होने वाले लोग नहीं मान रहे है। जिससे ग्रामीण व्यवस्था काफी प्रभावित हो रही है और आए दिन लड़ाई झगड़े हो रहे है। संविधान में यदि किसी भी धर्म को मानने की मनाही नहीं है तो धर्म परिवतर्न के बाद जनजातियों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित करने का प्रवधान भी है।

पवूर्मंत्री रहे मौजूद रहे दशर्क दीर्घा में-

सभा के दौरान पूर्व मंत्री केदार कश्यप व लता उसेंडी मंच से भले ही दूरी बनाते हुए दशर्क दीर्घा में बैठ वक्ताओं को सुन रहे है। मंत्रीद्वय ने कहा कि, यह आयोजन कोई राजनीतिक नहीं है और हम भी समाज के होने के नाते इस आयेाजन में शामिल होने पहुंचे है। रैली में शामिल लोग जहॉ नारे लगाते रहे वही तख्तियों में भारत भूमि की संवैधानिक आस डी लिस्टिंग कानून पास करोष्सरपंच से सांसद सब सुनो भारत वाले एसटी की पुकार सुनो जैसे श्लोग्न हाथों में पकड़कर चलते रहे। इस मौके पर एचके नागू, भोजराज द्यनाग, फरसूराम, कमलूराम, मनहेर कोरार्म, खेमचंद नेताम, छोटू सलाम, बंटी नाग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व सुरक्षामंच से जुड़े लोग मौजूद रहे।

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