कोण्डागांव/ शौर्यपथ /
जो भी जनजाति अपने रिति-रिवाज परम्पराओं व देवी-देवताओं को नहीं मानते है ऐसे लोगों को जनजाति आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए उक्त बाते पं्रात संयोजक जनजाति सुरक्षा मंच भोजराज नाग ने गुरूवार को स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि, ऐसे लोगों को डी लिस्टिंग होनी चाहिए, उन्होंने अनुछेद 341 में अनुसूचित जाति वर्ग का व्यक्ति यदि धर्म परिवतर्न करता है तो उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिलता वही 342 में यह प्रवधान नहीं है। इसलिए हम यह मांग करते है कि, इसमें भी यह शामिल किया जाए वही उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर अपनी बात कही कि, ऐसे लोगों को जांच करते हुए तत्काल कायर्वाही करना चाहिए। आज देश में 20 प्रतिशत लोग धमर्परिवतर्न करने के बाद भी आरक्षण का लाभ ले रहे है। वहीं तेलगांना के अधिवक्ता एचके नागू ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि, यदि हम आज अपनी संस्कृति को बचाने के लिए समाने नहीं आए तो कुछ दिनों बाद हमारी संस्कृति ही बिखर और खत्म हो जाएगी। जिसकी लड़ाई हम वर्ष 1960 से आजतक लड़ते आ रहे है, इसलिए वतर्मान समय में डी लिस्टिंग करना अनिवार्य हो गया है। इस मौके पर जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।