कोण्डागांव / शौर्यपथ /
नगरपालिका के द्वारा लाखों की लागत से बनवाए जा रहे घड़ी चैक का निमार्ण इन दिनों ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। जबकि पखवाड़ेभर पहले सीएम के दौरे के दौरान इसका निमार्ण कार्य दिनरात एककर चल रहा था। बावजूद इसके घड़ी चैक का निमार्ण अधूरा रह गया और शुभारंभ सीएम के द्वारा नहीं हो पाया, जबकि नगर में यह चर्चा का विषय रहा कि, इसका लोकापर्ण अब सीएम ही करेगें। दिनरात की मेहनत के बाद भी काम अधूरा रह गया, तो वही इस दौरान निमार्ण कार्य की गुणवक्ता को लेकर भी लोगों के अपने-अपने विचार रहे। दरअसल कांक्रीट से निमार्ण कार्य होने के बाद भी इसमें क्यूरींग नहीं की जा रही थी, जिसे यहॉ से गुजरने वाला हर नागरिक ने देखा तो है। लेकिन अब देखना होगा कि, लाखों की लागत और बीन क्यूरिंग के बनने वाले इस घड़ी की स्थिति आने वाले दिनों में कैसी होती है। जानकारी के मुताबिक इसके निमार्ण के लिए नगर पालिका के अघोसंरचना मद से 15 व डीएमएफटी से 46 लाख की स्वीकृति दी गई है। जिसमें घड़ी चैराहे के आसपास फुलवारी भी किया जाना भी शामिल है।
ऐसे में कैसे लिखी जाएगी गौरवगाथा-
एक ओर तो हम नगर को शिल्पसिटी के नाम भी पुकारते है, लेकिन हमारे ही नगर में निमार्ण हो रहे चैक-चैराहों सहित अन्य सावर्जनिक स्थलों पर शिल्पकला देखने को ही नहीं मिल रही। जबकि यहॉ से बने विभिन्न शिल्पकला कृति देश-विदेशों में रखे जा रहे है। ऐसा ही कुछ हाल बाधा तालाब परिसर में भी देखने को मिल रहा है, जहॉ लाखो खर्च करने के बाद भी एक भी स्थानीय कलाकृति नजर नहीं आ रही और ऐसा ही कुछ घड़ी चैक पर भी फिलहॉल देखने को मिल रहा है।
0- कुछ आयटम बाहार से आ रहे है, जिसके चलते काम थोड़ा प्रभावित हुआ है। लेकिन कुछ ही दिनों में लोगों को घंड़ी चैक की खूबसूरती देखने को मिल जाएगी।
(संजय मारकंडेर्, इंजी. नपा)