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बस्तर गोंचा में भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग का किया गया अर्पण

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जगदलपुर। शौर्यपथ । बस्तर गोंचा महापर्व के तिथि अनुसार छंठवे दिन श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 360 घर ब्राह्मण समाज के द्वारा 09 बटुकों जिसमें देवेश पिता जगन्नाथ पानीग्राही, सुमित पिता मोहन पानीग्राही, युवराज पिता मेघनाथ जोशी, राजेंद्र पिता सुरेश जोशी, भोलेंद्र पिता सुरेश जोशी, मोहित पिता स्वर्गीय बसंत पानी ग्रही हर्षित पिता कुलदीप पानीग्राही, मोहन पिता स्व. बसंत पानीग्राही, हर्षित पिता कुलदीप पानीग्राही, मोहित पिता केशव पाढ़ी, मितेश पिता गोपाल पांडे का नि:शुल्क सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न किया गया। वहीं गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में देर शाम को भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा व बलभद स्वामी को छप्पन भोग का अर्पण किया गया, इस अवसर पर बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पंहुचे श्रद्धालुओं को छप्पन भोग के प्रसाद का वितरण किया गया।

360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ईश्वर नाथ खम्बारी ने बताया कि श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर में आज 09 बटुकों का नि:शुल्क सामुहिक उपनयन संस्कार संपन्न किया गया। बटुकों को दीक्षा उपरांत समाज के वरिष्ठजनों द्वारा को आशीर्वाद दिया, इसके अलावा एक विवाह भी संपन्न किया गया। समाज के द्वारा नि:शुल्क सामुहिक उपनयन संस्कार का आयोजन रामनवमी को भी आयोतिज किया जाता है। वहीं आज बस्तर गोंचा महापर्व में परंपरानुसार पूजा-अर्चना के साथ भगवान जगन्नाथ स्वामी को छप्पन भोग का अर्पण गया।

छप्पन भोग में दाल, चावल, दही, चटनी, खीर, सब्जी, फल, पूड़ी, चंद्रकला, रबड़ी, रसगुल्ला, शूली, कढ़ी, मटरी, बड़ा, बाटी, सिखरिणी (सिखरन), मुरब्बा, कोणिका, खजरा, अवलेह (शरबत), शक्कर पारा, घेवर, चिल्ला, मालपुआ, पारिखा, सौंफलघा, जलेबी, मेसूब, पापड़, सीरा, मोहनथाल, लौंगपूरी, खुरमा, लड्डू, मीठा दूध, मलाई, मक्खन, इलायची, पान आदि के साथ बड़ी मात्रा में पकवान शामिल किया जाता है।

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शौर्यपथ

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