दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले में आज नक्सली शहीद सप्ताह के पहले दिन 18 लाख के ईनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण। दो आत्मसमर्पित माओवादी पर 05-05 एवं एक पर 08 लाख रूपये का ईनाम घोषित है। तीनों आत्मसमर्पित माओवादी पुलिस पर घात लगाकर हमला जैसी बड़ी घटनाओं में शामिल थे। दो आत्मसमर्पित माओवादी बटालियन टीम के सदस्य थे एवं एक माओवादी कंपनी नम्बर-02 का सदस्य था। आत्मसमर्पित ईनामी माओवादी विगत 10-11 वर्षों से नक्सल संगठन में सक्रिय रहे हैं।
आत्मसमर्पित माओवादी रमेश हेमला पर (05 लाख), संतु हेमला (05 लाख) एवं रितेश हेमला पर (08 लाख रू0) नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ शासन की “पुनर्वास नीति" के प्रचार-प्रसार तथा दन्तेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे “लोन वर्राटू अभियान" (घर वापस आईये) से प्रभावित होकर नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले नक्सली हिंसा से तंग आकर नक्सलियों के द्वारा मनाये जाने वाले शहीद सप्ताह (प्रतिवर्ष 28 जुलाई से 03 अगस्त तक) के पहले दिन प्रतिबंधित नक्सल संगठन के नक्सली क्रमशः (1) रमेश हेमला पिता लक्खू हेमला उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया, (2) संतु हेमला पिता स्व0 सुक्कू हेमला उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया एवं (3) रितेश हेमला पिता सन्नू हेमला उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया ने आज दिनांक 28.07.2022 को जिला पुलिस दन्तेवाड़ा के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में जुडने का निर्णय लिया।
लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 136 ईनामी माओवादी सहित कुल 549 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।