कोंडागांव / शौर्यपथ / कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ के प्रांतीय आवाहन को लेकर दो सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार 22 अगस्त से प्रारंभ अनिश्चित कालीन जारी है जिसमे आज आंदोलनकारियों को समर्थन देने पूर्व मंत्री लता उसेंडी भी पहुंची थी पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने कहा की अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के द्वारा पूरे प्रदेश में धरना का कार्यक्रम रखा गया है और इसके पूर्व भी आप सब के द्वारा एक आंशिक धरना रखा गया था और माननीय मुख्यमंत्री जी को मांग पत्र दिया गया था कि महंगाई भत्ता मकान भाड़ा है यह सब चीजों में तत्काल कर्मचारियों को रिलीफ दें सुविधा प्रदान करें, लेकिन ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान में जो सरकार है वह अपने आंख में पट्टी बांध चुकी है, कान में रुई भर ली है और जिस तरह से भ्रष्टाचार का आलम छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है जिस तरह से हम देख रहे हैं कि बेरोजगार युवा हो चाहे प्रदेश की महिलाओं को या हमारे कर्मचारी समुदाय के सारे वर्गों को जिन वादों के साथ भारी बहुमत के साथ आज कुर्सीपर सरकार बैठी है। छत्तीसगढ़ वासियों को आज आर्थिक रूप से सामाजिक रुप से अगर नुकसान उठाना पड़ रहा है कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है इसके दोषी आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी हैं मोहन मरकाम जी हैं जिनकी वजह से आज आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हुई है ,और ऐसी सरकार को भी कुर्सी में बैठने का अधिकार नहीं है जहाँ जायज मांगों के भी लोगो को आंदोलन करने की आवश्यकता पड़े।
आपको बता दें कि लगातार दो दिनों से शासकीय दफ्तर सूने पड़े हैं वह आमजन अपने शासकीय कार्यों के लिए यहां वहां भटकते नजर आ रही है बड़ी बात देखने को यह आई कि कर्मचारी कार्यालय कार्यालय पहुंच कार्यालय के कर्मचारियों को बाहर कर ताला जड़ रहे हैं यहां तक कि संविदा हुआ कलेक्टर दर के कर्मचारियों को भी कार्य करने नहीं दिया जा रहा है