- 30 लाख पंचायत और नगर के विकास के लिए 60 लाख रुपए देता है एनएमडीसी
- तीन साल गुजर गए स्लरी पाइप लाइन का नही मिला विकास के लिए फंड
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / कांग्रेस सरकार और जिले के पार्टी के लोग नगर और गांव का विकास नहीं चाहते हैं। सत्ता में चूर लोगों ने स्लरी पाइप लाइन के बदले में मिलने वाले विकास के फंड में ही फेर बदल करवा दिया है। बचेली से नगरनार स्लरी पाइप लाइन का कार्य बस्तर जिले के पंचायत बाघमंडी तक स्लरी पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। तीन वर्षो से कार्य चल रहा है। एनएमडीसी ने अनुबंध किया था जिन पंचायतों और नगरों से होकर स्लरी पाइप लाइन गुजरेगी, उनको विकास कार्यो के लिए प्रति वर्ष पैसा दिया जाएगा। पंचायत को 30 लाख और नगरों को 60 लाख रुपए। एक भी बार ही यह रकम विकास कार्य के लिए दी गई है। एनएडीसी ने यह पैसा जिला प्रशासन को प्रति वर्ष दिया है। लेकिन कांग्रेस सरकार के लोगों ने इस फंड को कहीं और व्यय करवा दिया। नगरों और पंचायतों को विकास से दूर कर दिया। इस जिले में तो कांग्रेस के लोग ही विकास नही होने दे रहे हैं। दंतेवाड़ा से ही सौंतेला व्यवहार किया जा रहा है। बस्तर जिले की पंचायतों को पूरी इमानदारी के साथ यह पैसा दिया जा रहा है। विकास का ढिढ़ोरा पीटने वाली सरकार खुद इस जिलें में आदिवासियों का शोषण कर रही हैं। वहीं एनएमडीसी पर दबाव बना कर कांग्रेस के लोग अपना मतलब सिद्ध करने में जुटे हुए हैं। भाजपा जिला महामंत्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि करोड़ों रूपए अभी तक एनएमडीसी दे चुका है। यदि यह पैसा पंचायतों और नगरों को मिलता तो कई विकास कार्य हो जाते। लोगों का जीवन स्तर सुधरता, लेकिन कांग्रेस तो अपना पेट भरने में लगी हुई है। इस सरकार को जनता के सरोकार से कोई मतलब नहीं है। बता दें पुरोकमेली, भांसी नेरली, धुरली, गमावाड़ा, कुम्हाररास, दंतेवाड़ा नगर, बचेली नगरपालिका, चितालंका, कारली, हाउरनार,हारम, जावांगा जैसे अन्य गांव और भी है। इन गांव से होकर स्लरी पाइप लाइन गुजरी है। तीन वर्ष गुजर गए, राशि नही मिली। अनुबंध में था प्रति वर्ष राशि मिलेगी। बड़ा सवाल है कि आखिर यह पैसा कहां गया? किस जगह खर्च किया? यदि खर्च कर दिया तो इन पंचायतों और नगरों के विकास को अनदेखा क्यों किया गया। सरकार और यहां का प्रशासन जबाब दे। यदि मकबूल जबाब नही मिला तो भाजपाई उग्र आंदोलन करेगें।