कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव विकास खंड के सुदूर ग्रामीण अंचल में बसे ग्राम पाला में गायता जोहारनी कार्यक्रम हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। सर्वप्रथम 16 ग्राम पंचायत से आये हुए गांयता , पुजारी ,सिरसा, गुनिया,पटेल और ग्राम प्रमुखों के द्वारा अपने पेनपुरखा,बुढ़ादेव,आंगादेव और ग्राम की जिम्मेदारीन याया को सेवा अर्जी कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।सगाजनों के द्वारा उपस्थित सभी गायता,सिरहा और गुनिया का सम्मान किया गया तत्पश्चात सभी लोगों ने कुड़ई पत्ते में नया चांवल से बने भीगे हुए चिवड़ा को खाया।सगाजन तिरुमाल सुरेश नेताम, बलदेव मरकाम, दिनेश कोर्राम, गंगा नेताम के द्वारा आदिवासियों के अधिकारों,पेशा कानून,वन अधिकार कानून, भारतीय संविधान में में दिए अधिकारों को विस्तार से बताया गया।साथ ही जल जंगल और जमीन को बचाने के साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बहुँत ही सुन्दर ढंग से सदियों से चली आ रही आदिवासियों की गौरवशाली रीति रिवाज में रेला पाटा नृत्य,माटी मांदरी, मुल्की मांदरी नृत्य के साथ लया-लयोर और सगजनों के द्वारा सामूहिक नृत्य ने सबका मन मोह लिया। ग्राम भानपुरी के बिरसा मुंडा नाचा दल के द्वारा जल,जंगल,जमीन, पर्यावरण बचाने,बाल-शिक्षा और गोंडवाना नृत्य अभिनय प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा।इस अवसर पर तिरुमाल अनिरुद्ध नेताम,सुरज नेताम,सेवक नेताम,सुरेश मंडावी,मानसिंह मरकाम,बीजू नेताम,जयनाथ नेताम,राधे नेताम और 13 पंचायत से आये हुए सगाजन मौजूद रहे।