माकड़ी( कोंंडागांव )/ शौर्यपथ / हाल ही में बहुचर्चित प्रकरण जिसमें माकड़ी विकासखंड के कावरा निवासी प्रधानअध्यापक शिक्षक नान जात मरकाम द्वारा पवित्र गायत्री मंत्र एवं हिंदू धर्म के देवी-देवताओं का अश्लील व्याख्यान करके सोशल मीडिया में वायरल किया गया था ।जिसमें पुलिस थाना माकड़ी में भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (दो) एवं 295 (क) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था और आरोपी नानजात का अग्रिम जमानत जिला सत्र न्यायालय कोंडागांव द्वारा खारिज करने के पश्चात माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने भी अग्रिम जमानत को अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है।अतः:लंबे समय से अपराधी पुलिस को चकमा दे रहा था और 3 माह के बाद माकडी पुलिस अपराधी नानजात को गिरफ्तार करने में सफल हुई है और उसे पुलिस हिरासत में आज दिनांक 26 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया है .
उल्लेखनीय है कि धार्मिक आस्था को एक शिक्षक होकर आहत करने से इस घटना को लेकर सनातन संस्कृति के विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों एवं सर्व हिंदू समाज में काफी जनआक्रोश है यह गिरफ्तारी उन लोगों के लिए सबक है जो समाज में उपद्रव अशांति फैलाकर सामाजिक समरसता को तोड़ने का कार्य करते हैं और कानून हाथ में लेने का दुस्साहस करते हैं।
भारत की विशाल संस्कृति हमेशा से सदाशयता एवं सागर के समान शीतल रहा है जहां विभिन्न धर्मों को यहां रचने बसने का स्थान मिला लेकिन दुर्भाग्य से आज सनातन धर्म एवं भारत की संस्कृति पर ही कुठाराघात किया जा रहा है। और ऐसे कृत्य एक सोची समझी साजिश के तहत हिंदू धर्म की आस्था को खंडित करने के लिए किया जाता है। इन दिनों शांत बस्तर परीक्षेत्र में भी कुछ उपद्रवियों द्वारा हिंदू धर्म ,देवी देवताओं ,पर्व त्योहारों ,पर अनर्गल लेख से सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसा ही झूठ फैलाने का प्रयास किया जा रहा है ऐसे लोगों को सनातन संस्कृति के अनुयायी कानून के कटघरे में खड़े करने के लिए कमर कस लिए हैं। नानजात की गिरफ्तारी पर पुलिस प्रशासन के प्रति समाज की प्रबुद्ध जनों एवं बुद्धिजीवीयों ने धन्यवाद प्रकट किया है ।