कोंडागांव / शौर्यपथ / एक तरफ जहां विकलांग अपनी जरूरत के ट्राय साइकिल के लिए इधर उधर भटकते रहते है कि कही उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में एक सहारा मिल जाये तो कही अधिकारी आये हुए ट्राय साइकिल को कबाड़ में सड़ते हुए देख आनंद लेता है ऐसा ही एक मामला कोंडागांव जिला मुख्यालय के नगर पालिका परिषद में देखने मिला जहाँ समाज कल्याण विभाग से लाये गए विकलांगों के लिए ट्राय साइकिल कबाड़ में तब्दील होते देखा गया जिसकी जानकारी मांगने पर नगर पालिका परिषद के मुख्य अधिकारी दिनेश डे ने अपना बचाव करते हुए बताया कि लाई गई साइकल टूटे फूटे डेमेज थे इसलिए इनको नही बटा गया ।
सवाल यही आता है कि जब वह डेमेज या टूटा हुआ था तो उसकी मरम्मत क्यों नही की गई साथ ही प्रशासन के द्वारा आम जनता के लिये प्रदाय की जाने वाली वस्तुओं को कबाड़ बनाना व कबाड़ में फेंक सडाना किसकी जिम्मेदारी बनती है व उपयोग वस्तुओं को बटवाने के बजाय इस तरह फेकना जिम्मेदार कौन ?