कोण्डागांव /शौर्यपथ / सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला से प्रधान पाठक के पदोन्नति मामले में अब जाँच कमेटी ने अपनी छानबीन की कार्यवाही पूरी करते हुए रिपोर्ट कलेक्टर को सौप दी है। कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही कलेक्टर ने शिक्षा विभाग में पदस्थ दो कर्मचारियों को पदोन्नति एवं पदस्थापना में अनियमितता के लिए संलिप्त पाये जाने से प्रथम दृष्टया दोषी होने के कारण लखन सिंह मण्डावी व बीएल पम्हार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण-नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। वही निलम्बन अवधि में मण्डावी का मुख्यालय बीईओ माकड़ी व पम्हार का मुख्यालय बीईओ बड़ेराजपुर निर्धारित किया गया है। ज्ञात हो कि, जिले में सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक में पदोन्नत किये शिक्षकों की खुशी सप्ताह भर भी नही रह पाई और पदोन्नति मामले में नियम-कायदों की अनदेखी करने के चलते शिकायत मिलते ही इस आदेश को कलेक्टर ने निरस्त करते हुए सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। आपको बता दे कि, 28 सितम्बर 2022 को 900 से ज्यादा सहायक शिक्षकों की जारी पदोन्नति आदेश में कुछ मृत शिक्षकों के नाम भी शामिल थे। तो वही एक ही जगह पर दो से अधिक को शिक्षकों को पदोन्नति कर एक ही पद पर भेजा गया था। इसके साथ ही जिस विद्यालय में वर्तमान में सहायक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां रिक्त पद होने के बावजूद अन्य जगहों पर पदोन्नति कर भेजे जाने का विरोध भी दबी जुबान में कुछ शिक्षक कर रहे थे। इसके साथ ही लेनदेन की भी बात सामने आई थी, हालांकि यह जांच का विषय था अब रिपोर्ट के उजागर होने के बाद ही इस मामले पर से भी पर्दा उठ पायेगा।
कमेटी की रिपोर्ट आने पर कलेक्टर ने किया निलबिंत --------
कमेटी ने विभिन्न बिंदुओं पर माहभर से ज्यादा समय लेते हुए इस पूरे मामले की जांच की और अपनी रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि जांच में समिति को क्या कमी-खामी मिली इसकी जानकारी तो फिलहाल नही मिल पाई है, लेकिन इतना जरूर है कि जांच में कई कई बिंदु समिति के सामने आए है। अब देखना होगा कि, कमेटी की रिपोर्ट पर उच्चअधिकारी क्या निर्णय लेते है।
सीनियरिटी का हुआ नुकसान-
पदोन्नति में किसी तरह की कोई कमी खामी ना होती और नियमानुसार यह प्रक्रिया अपनाई गई होती तो शायद पदोन्नत हुए शिक्षकों को महाभर से ज्यादा की सीनियारिटी के साथ ही वेतन में आर्थिक नुकसान नहीं होता। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब पदोन्नति काउंसलिंग करते हुए दी जाएगी। आपको बता दे कि, पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद अपने पदोन्नति वाले निर्धारित स्कूलों में कुछ शिक्षकों ने अपनी जॉइनिंग भी दे दी है। लेकिन आदेश के निरस्त होने के बाद जिन्होंने अपनी पदस्थापना स्थल पर जॉइनिंग थी, वे भी अपने पूर्वत स्कूलों वापस लौटना पड़ा था।