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बस्‍तर संभाग में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा होगा मतांतरण बनाम देवगुड़ी , भाजपा लगा रही आरोप कांग्रेस सरकार ने बढ़ाया मतांतरण

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    जगदलपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चुनाव में मातांतरण बनाम देवगुड़ी मुद्दा बनने जा रहा हैं। विगत सप्ताह प्रत्याशियों की नामांकन सभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनावी मंच से कहा था कि भाजपा बस्तर में अदिवासियों के मतांतरण को मुद्दा बना रही है, पर भाजपा के ही 15 वर्ष के कार्यकाल के दौरान आदिवासियों का सबसे अधिक मतांतरण हुआ और चर्च बने। कांग्रेस ने तो अदिवासियों की आस्था का पूरा ख्याल रखते हुए उनकी संस्कृति से जुड़े 3000 से अधिक देवगुड़ी और मातागुड़ी बनाया है।  बैगा , सिरसा , गुनिया पुजारी को सात हजार रूपये मानदेय देने के साथ ही 7000 आदिवासी आस्था केंद्र को पट्टा आवंटित कर संरक्षित किया है। वहीं भाजपा आरोप लगा रही है कांग्रेस सरकार मतांतरण को बढ़ावा दे रही है।
  भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव ने कहा है कि बस्तर में मतांतरण की शिकायतें थानों तक पहुँच रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही हैं। इसके चलते मतांतरण कराने वाले और मतांतरित यहाँ के अदिवासियों का दुश्मन बनता जा रहा है। बता दे कि पिछले दिनों स्तिथि यह बन गई थी कि मतांतरण मुद्दे पर भाजपा के लगातार हमलावर होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को बचाव में बयान देना पड़ा था। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश प्रवास के दौरान कहा था कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा का वादा कर सत्ता में आई भूपेश सरकार में अप्रत्याशित तौर पर आदिवासियों के धर्म परिवर्तन की बयार आई है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में बस्तर संभाग की सभी 12 सीटों पर सात नवंबर को मतदान होना है।

आदिवासी मानते है चुनाव पर पड़ेगा असर  :

नारायणपुर के एड़का गांव में मतांतरण विवाद के बाद यहाँ प्रदर्शन में भीड़ अनियंत्रित हो गई थी. और हमले में एसपी सदानंद कुमार का सिर फूट गया था। बस्तर दशहरा में  एड़का से आए मांझी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि मतांतरण को लेकर अदिवासियों में बहुत ग़ुस्सा है। इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है। चित्रकोट के कर्रेकोट के मंगलू मांझी ने बताया कि उनके गांव में देवगुड़ी बन रही है। आदिवासियों के देवताओं के नाम पर पट्टा बना है, जिसे लेकर ग्रामीण उत्साहित हैं।

बस्तर में विकास पर कांग्रेस के दावे
2,453 देवी-देवताओं के नाम पर सामुदायिक वनाधिकार पत्र।
2,607 हेक्टेयर भूमि 7,075 मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक के लिए दिया।
22,884 बैगा, सिरहा, मांझी, गुनिया, गायता, पुजारी को 7,000 रुपये प्रतिवर्ष मानदेय।
85 करोड़ रुपये देवगुड़ी, गोटुल के जीर्णोद्धार पर अब तक खर्च।

बस्तर में मतांतरण पर भाजपा के दावे
500 से अधिक गांवों में ग्रामसभा ने मतांतरण के विरुद्ध पारित किया है प्रस्ताव।
25,000 से अधिक आदिवासियों का राज्य गठन के बाद बस्तर में हुआ है मतांतरण।
5,000 से अधिक आदिवासियों की जनजागरण के बाद विगत दो वर्षों में हुई है घर वापसी।
180 से अधिक मतांतरण विवाद हुए हैं बस्तर में दो वर्षों में।

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