50 नक्सल मुक्त गांवों को मिलेंगे 1-1 करोड़ रुपये, गैर-जनहानि मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा, 15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में फहराया जाएगा तिरंगा
रायपुर । छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास, पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन नक्सल आरोपियों के विरुद्ध जनहानि जैसे गंभीर अपराध दर्ज नहीं हैं, उनके मामलों की विधिसम्मत समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया तेज की जाए।
इसके लिए विधि विभाग के सहयोग से अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों की विशेष टीम गठित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ऐसे प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जाएगी।
नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा विकास का तोहफा
उप मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे और अब नक्सल मुक्त घोषित ग्रामों में तीव्र विकास के लिए प्रत्येक गांव को 1 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। प्रथम चरण में 50 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में तिरंगा यात्रा
श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिससे राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचे।
पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां शहीद जवानों और पीड़ित नागरिकों की स्मृति में सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी कराया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने जिलावार शहीद जवानों, मृत नागरिकों तथा उनके परिजनों को दी गई सहायता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
एक माह में मिलेगा प्रोत्साहन राशि का भुगतान
पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर पुनर्वासित युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि का भुगतान एक माह के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुनर्वास एवं पीड़ित परिवारों से संबंधित सभी जानकारियों को डिजिटल डैशबोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया।
इसके अलावा माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय समिति गठित करने तथा जंगलों में कोई हथियार न छूटे, यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका सिंह बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा सहित गृह विभाग, पुलिस विभाग एवं संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।