महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वरोजगार और ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार; 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' योजनाओं पर दिया जोर
रायपुर / शौर्यपथ / कोण्डागांव जिले के मर्दापाल में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शनिवार को नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन एवं महतारी सदन का लोकार्पण किया। लगभग 12 लाख रुपये की लागत से बने पंचायत भवन तथा 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित महतारी सदन को उन्होंने ग्रामीणों को समर्पित करते हुए इसे गांव के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महतारी सदन बनेगा महिला सशक्तिकरण का केंद्र
लोकार्पण के बाद मंत्री श्री कश्यप ने बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका गतिविधियों और आय में आए बदलाव की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलने लगे हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
इस अवसर पर श्री कश्यप ने कहा कि महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आय बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
फलदार पौधों और पशुपालन को अपनाने की अपील
वन मंत्री ने महिलाओं से फलदार पौधों का रोपण, पशुपालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना और मेहनत के साथ इन गतिविधियों को अपनाकर ग्रामीण परिवार अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी सदन महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री टोमेंद्र ठाकुर, जनपद सदस्य श्रीमती कौशल्या कोर्राम, श्रीमती जयमती कश्यप, श्री रामूराम कोर्राम, श्री रामचन्द्र कश्यप, श्री रामकुमार कोर्राम, श्री रमेश सेठिया, श्री आसमन कोर्राम, श्री लक्ष्मीकांत बेलसरिया, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक श्री विनय सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शौर्यपथ की नजर
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन और महतारी सदन जैसी आधारभूत सुविधाएं केवल भवन नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम हैं। यदि इन केंद्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तो स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने के साथ महिलाओं की भागीदारी और आत्मनिर्भरता भी सशक्त होगी।