माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की सदस्यों से मिले उप मुख्यमंत्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात पर दिया जोर
रायपुर, 15 अक्टूबर। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की महिला सदस्यों को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का प्रमाणन मिलने पर बधाई दी। दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान कंपनी के ‘दण्डक ब्रांड’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने, बेहतर पैकेजिंग तथा निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद दण्डक ब्रांड के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से जोड़कर नई पहचान दिलाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था मजबूत करने के साथ विदेशों में निर्यात के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं, जिनका लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों को मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा दे रही है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर के ऐसे गांवों के कृषि उत्पादों और वनोपज को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। इससे उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
प्रदेश की पहली एनपीओपी प्रमाणित महिला किसान उत्पादक कंपनी
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन प्राप्त करने वाली यह प्रदेश की पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी है। प्रमाणन से कंपनी के जैविक वनोपज के देश के बड़े बाजारों और विदेशों तक पहुंचने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
कंपनी से वर्तमान में 1,080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इसके अलावा जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबद्ध 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी इसकी गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
स्थानीय उत्पादों को दण्डक ब्रांड से पहचान
कंपनी द्वारा शुरू किए गए दण्डक ब्रांड के तहत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है। दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी शुरू किया गया है, जहां विभिन्न स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में उत्साह है। इससे उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम. भार्गव, कंपनी की कोषाध्यक्ष सरिता ठाकुर, सचिव मीना ठाकुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।