श्रीराम केयर हॉस्पिटल के आईसीयू में गैंगरेप का मामला!
पीडि़त छात्रा के परिजनों ने लगाया प्रलोभन देने का आरोप!
चर्चित श्रीराम केयर हॉस्पिटल के आईसीयू में गैंगरेप का मामला!
बिलासपुर / शौर्यपथ / श्रीराम केयर अस्पताल के आईसीयू में वार्ड वाय द्वारा कथित रूप से मरीज छात्रा के साथ बलात्कार मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, मगर इसी बीच इस मामले में एक और दिलचस्प मोड़ आया है।
आपको याद दिला दें कि कोनी क्षेत्र की इंजीनियर प्रथम वर्ष की छात्रा ने जहर सेवन कर लिया था जिसके बाद उसे इलाज के लिए पहले सिम्स ले जाया गया लेकिन वहां उसका इलाज करने से इनकार किए जाने पर परिजन उसे लेकर श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचे थे। दावा किया जा रहा है कि परिजनों को युवती के जहर पीने की जानकारी नहीं थी क्योंकि इंजीनियरिंग की छात्रा ने परिजनों को बताया था कि किसी दवा के खाने के बाद उसके रिएक्शन के चलते उसकी तबीयत बिगड़ी है, लेकिन इलाज के दौरान डॉ. अमित सोनी को पता चला कि पीडि़त युवती ने जहर पिया है , और बाद में तलाशी के दौरान युवती के कमरे से जहर की शीशी भी मिल गई। लेकिन मामले में बड़ा मोड तब आ गया जब आईसीयू में वेंटिलेटर पर मौजूद पीडि़त युवती ने अपने पिता को कागज पर लिखकर यह जानकारी दी कि 21 और 22 मई की दरमियानी रात अस्पताल के ही दो वार्डबॉय ने उसके साथ गैंगरेप किया है। पीडि़त युवती के पिता ने जैसे ही यह आरोप लगाया तो पूरे शहर में सनसनी फैल गई। मामले में बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने भी दिलचस्पी लेते हुए सबसे पहले युवती को इलाज के लिए अपोलो शिफ्ट किया और फिर पुलिस को भी निष्पक्ष जांच की हिदायत दी गई। इस बीच पुलिस एक बार पीडि़ता से मजिस्ट्रेट बयान ले चुकी है जिसमें युवती अपने आरोप पर कायम है। वही अपोलो में ही आरोपी वार्ड बॉय की शिनाख्त परेड की भी कोशिश की गई लेकिन कहते हैं कि पीडि़त युवती की तबीयत फिर से बिगड़ जाने पर उसके परिजनों ने शिनाख्त करने से मना कर दिया था।
इधर इस बीच डॉक्टर अमित सोनी ने दावा किया की दवाओं के असर से ही शायद युवती इस तरह की बातें कह रही है या फिर मुमकिन है कि इन आरोपों के पीछे कोई और कहानी हो। तमाम विरोधाभासो के बीच फिलहाल युवती के पिता अपनी बेटी के साथ मंगला में अपने ससुराल में है। इसी दौरान एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जो हमे भी प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उसमें मौजूद एक आवाज कथित तौर पर पीडि़त युवती के पिता की है। शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र इसकी पुष्टि नहीं करता कि यह ऑडियो क्लिप सही है इसके फैसले का अधिकार कानून के पास है और कानून इस ऑडियो क्लिप की सच्चाई का पता जल्द ही लगा लेगी किन्तु साथ ही बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरोप प्रत्यारोप के इस खेल में सच्चाई कब सामने आएगी . शहर की जनता को सच्चाई का इंतज़ार है . जब तक सच्चाई सामने नहीं आती तब तक मामले में अफवाहों का बाज़ार भी गर्म रहेगा .
लेकिन पीडि़ता के पिता की ऑडियो क्लिप के अनुसार पीडि़त युवती को शनिवार सुबह सिविल लाइन थाने में बयान के लिए बुलाया गया है। और उस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर युवती के पिता यह सनसनीखेज खुलासा कर रहे हैं कि उनके ससुराल में (वर्तमान में पीडि़ता जहाँ राह रही है) दो व्यक्ति आए थे जिनमें से एक वकील की वर्दी में थे और दावा किया जा रहा है कि इस मामले को रफा-दफा करने के लिए उन्होंने युवती के पिता को 4 लाख रुपये का ऑफर देकर बयान बदलने की भी बात कही है। जाहिर है कि अगर आरोप सही है तो इस रकम को देने के पीछे मामले की लीपापोती की कोशिश होगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह ऑडियो क्लिप सच है ? या फिर इसके पीछे भी कोई साजिश है ? मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है इसलिए पुलिस को भी चाहिए कि वह ऑडियो क्लिप की सच्चाई का पता लगाकर मामले की तह में जाए और अगर यह आरोप सही है तो फिर पता लगाने की कोशिश करें कि आखिर पीडि़त युवती के पिता को इस रकम का ऑफर क्यों दिया जा रहा है?
और इसके पीछे कौन लोग है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारी लगातार आरोपी वार्डबॉय को भी थाने बुला रहे हैं लेकिन पीडि़त युवती के परिजनों द्वारा पूरी तरह सहयोग न करने से ही वे किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रहे, लेकिन यह भी सच है कि 21 मई को घटी घटना के इतने दिनों बाद भी इस मामले में पुलिस के किसी निष्कर्ष तक ना पहुंचने और किसी भी आरोपी के अब तक गिरफ्तार ना होने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तो वही एक धड़ा लगातार यह आरोप भी लगा रहा है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए ऊंचे पैमाने पर सौदेबाजी की जा रही है और आरोप लगाने वालों में पीडि़त युवती के पिता भी शामिल है।
इसलिए जरूरी है कि पुलिस ना सिर्फ यह पता लगाएं कि उस रात सचमुच क्या हुआ था बल्कि अब यह भी जरूरी लग रहा है कि क्या ऑडियो क्लिप में कहे अनुसार युवती के पिता को किसी ने प्रलोभन देने की कोशिश की है इस बात की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए आखिर वे कौन लोग हैं जो प्रलोभन और धमकी दे रहे हैं। कुल मिलाकर श्रीराम केयर गैंगरेप मामले में रोज एक नया मोड़ आ रहा है मगर पुलिस अभी तक किसी भी नतीजे पर आज तक नहीं पहुंच पा रही है! कहते हैं घटना के दिन वहां के सारे सी सी टी वी कैमरे बंद पाये गए थे या फिर कर दिया गया था ताकि आरोपियों की पहचान न हो सके।क्या यह प्लानिंग के तहत किया गया था,यह सभी विषय जांच के दायरे का है।