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स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल, बदबू और मच्छरों से परेशान लोग; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग
रिपोर्टर: कृष्णा मंडल
लोकेशन: दंतेवाड़ा (बचेली)
बचेली। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे करने वाली बचेली नगरपालिका अपनी ही कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। एक ओर सड़क पर कचरा फेंकने वाले दुकानदारों और आम नागरिकों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगरपालिका द्वारा तोड़ी गई नाली का मलबा पिछले 15 से 20 दिनों से मुख्य सड़क किनारे पड़ा हुआ है। इससे आसपास के लोगों को बदबू, मच्छरों और आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पुरानी मार्केट स्थित पेट्रोल पंप के सामने नई नाली निर्माण के लिए पुरानी नाली तोड़ी गई थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद निकला मलबा सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो निर्माण कार्य पूरा हुआ और न ही मलबा हटाया गया। बारिश के कारण नाली में पानी भरने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
गौरतलब है कि 17 जुलाई 2026 को नगरपालिका ने मुख्य मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सड़क पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान शहर को स्वच्छ रखने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन वर्तमान स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आम लोगों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने पर तत्काल चालानी कार्रवाई की जाती है, तो नगरपालिका की इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका सवाल है कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं, या सरकारी विभागों पर भी समान रूप से लागू होते हैं?
अब शहरवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि स्वच्छता अभियान के नाम पर जनता पर सख्ती दिखाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही पर भी कोई कार्रवाई होती है या मामला केवल दावों और कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
(यदि नगरपालिका या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
2,446 अधिवक्ता चुनेंगे नई कार्यकारिणी, महिला आरक्षण ने बढ़ाई चुनावी दिलचस्पी; बड़े बार नेताओं के बीच अध्यक्ष पद पर कड़ा मुकाबला
बिलासपुर / शौर्यपथ / जिला बार एसोसिएशन चुनाव-2026 का चुनावी परिदृश्य पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 14 पदों के लिए 49 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 25 जुलाई को होने वाले मतदान में 2,446 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। मतगणना 26 जुलाई को होगी।
इस बार मतदाताओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक होने के कारण प्रत्याशियों के लिए सभी अधिवक्ताओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर प्रचार करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। जिला न्यायालय परिसर में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म है और प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।
चुनावी कार्यक्रम
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच में सभी 50 नामांकन वैध पाए गए। 17 जुलाई को नाम वापसी के बाद एक प्रत्याशी के हटने से अब 49 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। 21 जुलाई को डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के लिए आवेदन लिए जाएंगे, 23 जुलाई को पोस्टल बैलेट से मतदान होगा, जबकि 25 जुलाई को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक सामान्य मतदान कराया जाएगा।
किस पद पर कितने उम्मीदवार
अध्यक्ष – 4 प्रत्याशी
उपाध्यक्ष – 6 प्रत्याशी
उपाध्यक्ष (कनिष्ठ महिला आरक्षित) – 2 प्रत्याशी
सचिव – 8 प्रत्याशी
कोषाध्यक्ष – 4 प्रत्याशी
सहसचिव – 5 प्रत्याशी
ग्रंथालय सचिव – 3 प्रत्याशी
सांस्कृतिक सचिव – 3 प्रत्याशी
कार्यकारिणी सदस्य – 11 प्रत्याशी
महिला कार्यकारिणी सदस्य – 3 प्रत्याशी
महिला आरक्षण ने बढ़ाई चुनावी सरगर्मी
इस बार महिला आरक्षण चुनाव का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। महिला उपाध्यक्ष पद पर दीपाली मजूमदार और राधा रजक के बीच सीधा मुकाबला है। वहीं कोषाध्यक्ष पद महिला आरक्षित होने के कारण इस पद पर चार महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। सचिव पद पर नूपुर पाल एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं, जिससे यह मुकाबला भी विशेष चर्चा में है।
अध्यक्ष पद पर दिग्गज आमने-सामने
बार चुनाव का सबसे प्रतिष्ठित मुकाबला अध्यक्ष पद पर माना जा रहा है। इस पद पर चार उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें अनुराग बाजपेई और चंद्रशेखर बाजपेई पहले भी जिला बार एसोसिएशन का नेतृत्व कर चुके हैं। अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण यह मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है।
गैर-राजनीतिक चुनाव, लेकिन राजनीतिक चर्चा भी तेज
औपचारिक रूप से जिला बार एसोसिएशन का चुनाव गैर-राजनीतिक माना जाता है, लेकिन अधिवक्ता परिषद के पिछले चुनावों के बाद विभिन्न विचारधाराओं और समूहों की सक्रियता इस चुनाव में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिवक्ताओं के बीच समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न पैनल और समूह लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं।
अब सभी की निगाहें 25 जुलाई के मतदान और 26 जुलाई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं, जो जिला बार एसोसिएशन की नई नेतृत्व टीम का फैसला करेंगे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय मासूम की जान बचा ली है। बैगा जनजाति के इस बालक ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया था, जो उसकी आहार नली (अन्ननली) में फंस गया था। डॉक्टरों की टीम ने बेहद जटिल और आपातकालीन स्थिति में सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर सिक्के को बाहर निकाला।
पेंड्रा से सिम्स बिलासपुर किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के कोटा तहसील अंतर्गत ग्राम सरगोंड का निवासी 6 वर्षीय बालक नरेंद्र खेलते समय सुबह करीब 7 बजे अचानक सिक्का निगल गया। इसके तुरंत बाद उसे कुछ भी निगलने में अत्यधिक परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के समन्वित प्रयास से मिली सफलता
बालक को शाम करीब 6.30 बजे सिम्स लाया गया, जिसके बाद अस्पताल का पूरा अमला सक्रिय हो गया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने तत्काल एक्स-रे कर अन्ननली के ऊपरी भाग (श्वासनली के मुहाने के ठीक पीछे) में फंसे सिक्के की सटीक लोकेशन की पहचान की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया। इसके बाद ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक के जरिए अत्यंत सावधानी से सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के संपन्न हुई और ऑपरेशन के बाद बालक की स्थिति पूरी तरह सामान्य और संतोषजनक है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की दक्षता का परिणाम
इस सफल उपचार पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की दक्षता, आधुनिक तकनीकों और आपसी तालमेल के कारण ही इस जटिल आपातकालीन मामले को समय पर सुलझाया जा सका। सिम्स का लक्ष्य हर मरीज को सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
चिकित्सा अधीक्षक और डॉक्टरों ने अभिभावकों के लिए जारी की सलाह
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने आगाह किया कि छोटे बच्चों द्वारा सिक्का, बटन, बैटरी या चुंबक जैसी चीजें निगलना एक गंभीर आपात स्थिति है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय सीधे विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचना चाहिए। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की पहुंच से सिक्के, छोटी बैटरी और छोटे खिलौने दूर रखें। यदि बच्चा कोई वस्तु निगल लेता है और उसे लार टपकने, गले में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें।
अग्रवाल महासभा की जनसेवा पहल की सराहना, कहा— महाराजा अग्रसेन के सेवा एवं परोपकार के आदर्शों को समाज कर रहा साकार
बिलासपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को बिलासपुर के अग्रसेन चौक में अग्रवाल महासभा द्वारा उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एंबुलेंस सर्व समाज के जरूरतमंद लोगों को कम लागत में उपलब्ध होगी और गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी।
उप मुख्यमंत्री ने अग्रवाल महासभा की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। ऐसी सुविधा के अभाव में कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि महासभा ने समाज की इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को समझते हुए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस एंबुलेंस उपलब्ध कराकर अनुकरणीय कार्य किया है।
श्री साव ने बताया कि एंबुलेंस के साथ पोर्टेबल वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने तक बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह सेवा समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए कम शुल्क पर उपलब्ध होगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी राहत मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज हमेशा से शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज भविष्य में भी महाराजा अग्रसेन के सेवा, सहयोग और परोपकार के आदर्शों का अनुसरण करते हुए ऐसे जनहितकारी कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, महामंत्री ओमप्रकाश अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र अग्रवाल, चतुर्भुज अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, नित्यानंद अग्रवाल, सुरजमल अग्रवाल, इन्द्रसेन अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, सुरेश जी, प्रह्लाद जी, रामदेव कुमावत, राजेश सिंह सहित समाज के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह पहल गंभीर मरीजों को समय पर उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है तथा जनसेवा के क्षेत्र में अग्रवाल महासभा की सामाजिक प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।
अच्छी गुणवत्ता पर दिया जोर, अगस्त तक काम पूरा करने के दिए निर्देश
रायपुर. 17 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी।
सचिव श्री बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी श्री बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान श्री साव ने मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इंडोर-आउटडोर मैदान, एचवीएसी सिस्टम तथा आउटडोर स्टेडियम के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी हैं और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष नाराजगी जताते हुए कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है, इसके बावजूद खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही अधोसंरचना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का कार्य वर्ष 2017 में स्वीकृत होने के बाद भी पूर्ण नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का अधूरा रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और इसे तत्काल पूरा किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल की स्थिति और रखरखाव कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्होंने नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (DMF) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धन उपलब्ध होने के बाद भी कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता बी.बी.एस. गौतम को निर्देश दिए कि सभी लंबित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाए तथा 15 दिनों के भीतर उप मुख्यमंत्री कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
एसईसीएल द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे तीरंदाजी मैदान की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आउटडोर स्टेडियम की हाई मास्ट लाइटों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा।
उप मुख्यमंत्री ने हॉकी मैदान में निर्माणाधीन पैवेलियन में अधिकारियों के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी पर्याप्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए अधिकारियों को मंत्रालय स्तर पर समन्वय कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।
उन्होंने कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र को प्रदेश के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक एवं बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके।
निरीक्षण के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजना का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधोसंरचना परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान एवं अवसरों का केंद्र बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर पहले से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां पहुंचते हैं।
ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एजुकेशन हब युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा और बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
“यह परियोजना युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।”
— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
? नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी
? 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास
? आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक
? डिजिटल अध्ययन एवं शोध सुविधाएं
? प्रतियोगी परीक्षा तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण
? 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
एक ही परिसर में लाइब्रेरी, छात्रावास, अध्ययन कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता से विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिलेगा।
विशेष रूप से दूरस्थ जिलों से आने वाले छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परिसर में बनाए जा रहे 48 रेंटल हॉल भविष्य में नगर निगम के लिए नियमित आय का स्रोत बनेंगे।
यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जा रही है, जिससे इसका संचालन वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर रहेगा और नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर और एजुकेशन हब केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को साकार करने वाला एक सशक्त “ज्ञान केंद्र” होगा।
परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान केवल संभागीय मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शहर प्रदेश और देश के उभरते शैक्षणिक केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एजुकेशन हब आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए सफलता का आधार बनेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।
120 करोड़ रुपये की यह परियोजना केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि मानव संसाधन निर्माण में निवेश है। यदि निर्धारित समय में यह एजुकेशन हब पूर्ण हो जाता है, तो बिलासपुर छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है, जिससे युवाओं को महानगरों की ओर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी।
स्वच्छता जनआंदोलन की मिसाल: एनटीपीसी सीपत की जागरूकता रैली में 800 लोगों ने किया श्रमदान
बिलासपुर / शौर्यपथ / स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) सीपत द्वारा शनिवार को वृहत स्वच्छता जागरूकता रैली एवं सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में लगभग 800 लोगों ने सहभागिता कर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।
एनटीपीसी सीपत के मुख्य द्वार से प्रारंभ हुई रैली लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सीपत हाट पहुंची। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता संबंधी संदेशों के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ भारत अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत एनटीपीसी मुख्य द्वार से सीपत हाट तक चिन्हित आठ स्थानों पर विशेष श्रमदान कर लंबे समय से जमा कूड़ा-कचरा हटाया गया और क्षेत्र की व्यापक सफाई की गई। इसके साथ ही मुख्य मार्ग से लगे बलदेव तालाब क्षेत्र में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन वाले इस क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली। विभिन्न स्थलों पर स्वच्छता संबंधी संदेश प्रदर्शित कर नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
इस अभियान में एनटीपीसी सीपत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनके परिजन, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान, बाल भारती पब्लिक स्कूल के शिक्षक एवं विद्यार्थी, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों के कर्मचारी, ठेका श्रमिक, ग्रामीणजन तथा पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
सीपत हाट पहुंचने पर परियोजना प्रमुख सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद किया तथा स्वच्छ परिवेश के सामाजिक, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्री मंडल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि इस अभियान के सफल आयोजन के लिए पूर्व में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों तथा प्रेस प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की गई थीं, ताकि अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) सुरोजीत सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन) अशोक सरकार, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) विकास खरे, अपर महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) अनुराग गौतम, मानव संसाधन प्रमुख जयप्रकाश सत्यकाम सहित सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सलभ निगम, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि 16 से 31 मई तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत एनटीपीसी सीपत द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, चित्रकला, निबंध लेखन, स्वच्छता शपथ तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
बिलासपुर।
भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया।
एसईसीएल मुख्यालय पहुंचने पर मंत्री दुबे ने कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके योगदान को नमन किया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, कोल गैसीफिकेशन, पर्यावरणीय पहल, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री दुबे ने सुरक्षित एवं सतत खनन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया के 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन का सर्वाधिक योगदान दिया है।
बैठक के दौरान मंत्री ने “ई-डाडास” (डिजाइन एंड ड्रॉइंग्स अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल और “हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम” (HMIS) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल के जरिए आधारभूत संरचना परियोजनाओं की इंजीनियरिंग डिजाइनों की ऑनलाइन जांच और अनुमोदन प्रक्रिया डिजिटल होगी, जबकि HMIS पोर्टल से एसईसीएल अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी।
दौरे के दौरान मंत्री दुबे ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया। यह मशीन संक्रमण और विभिन्न बीमारियों की सटीक जांच में सहायक होगी तथा अस्पताल सेवाओं की गति और गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी।
लोकार्पण के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। बैठक में एसईसीएल के निदेशकगण, सीवीओ, विभागाध्यक्ष और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
