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मादक पदार्थ तस्करी के दो दोषियों को 10 वर्ष का कठोर कारावास, एनसीबी रायपुर की बड़ी सफलता

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बिलासपुर/शौर्यपथ /नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) रायपुर जोनल यूनिट को मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में दो आरोपियों को दोषसिद्ध कराकर 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यह कार्रवाई अगस्त 2023 में बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र में 118.110 किलोग्राम गांजा जब्त करने के मामले से जुड़ी है।
एनसीबी इंदौर जोनल यूनिट ने एक विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए, गांजे से भरी टाटा जेस्ट कार को पकड़ा था, जिसमें यह मादक पदार्थ कार की डिक्की और पिछली सीटों में छुपाया गया था। मौके से दो स्थानीय आरोपियों — प्रवीण कुमार वस्त्रकार और दीपक कुमार मरकाम (दोनों निवासी बिलासपुर, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह सामने आया कि गांजा ओडिशा से लाया गया था और उसे बिलासपुर में वितरित किया जाना था, जो एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी रैकेट की ओर इशारा करता है।
मामले की विस्तृत जांच के बाद दिसंबर 2023 में आरोपियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज की गई थी। लंबी सुनवाई के पश्चात 17 जुलाई 2025 को चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायालय, बिलासपुर ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा और प्रत्येक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
एनसीबी ने इसे नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि यह निर्णय संगठित तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है।
ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री की किसी भी जानकारी को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर साझा करें। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

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शौर्यपथ

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