बीपी हुआ डाउन, चिकित्सकों ने कम बातचीत की दी सलाह; व्यापारी संघ सरकंडा ने आंदोलन के समर्थन में दुकानों को बंद रखने का किया आह्वान
बिलासपुर। अरपा पार क्षेत्र के लिए पृथक नगर निगम की मांग को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक एवं संस्थापक अमित तिवारी का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी है। लगातार अनशन के चलते उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है। बताया गया कि पांचवें दिन उनका ब्लड प्रेशर डाउन हुआ, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें अधिक बातचीत नहीं करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद अमित तिवारी अपनी मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि अरपा पार क्षेत्र के विकास और स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पृथक नगर निगम का गठन जरूरी है।
पांच दिन से अनशन, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
जनहित से जुड़ी इस मांग को लेकर पांच दिनों से आमरण अनशन जारी रहने के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अनशन के कारण स्वास्थ्य में लगातार गिरावट की बात सामने आने के बावजूद अमित तिवारी आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वे जनहित की इस मांग को लेकर पूरी दृढ़ता के साथ संघर्ष कर रहे हैं। अमित तिवारी के मुताबिक, “मैं सिर पर कफन बांधकर आया हूं और अंतिम दम तक संघर्ष करूंगा। जब तक मुझे ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा।”
व्यापारी संघ सरकंडा ने दिया आंदोलन को समर्थन
अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब व्यापारी वर्ग का भी समर्थन मिला है। व्यापारी संघ सरकंडा ने मांग के समर्थन में सरकंडा क्षेत्र की दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया है।
व्यापारी संघ ने क्षेत्र के विकास और पृथक नगर निगम की मांग के समर्थन में व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। व्यापारी वर्ग के इस समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिलने की संभावना है।
प्रशासन की अगली पहल पर नजर
एक ओर अमित तिवारी का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी है और उनके स्वास्थ्य में गिरावट की बात सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से अब तक मांग पर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। ऐसे में आंदोलन को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है।
व्यापारी संघ के समर्थन के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली कार्रवाई पर है। देखना होगा कि अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग और अमित तिवारी के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन कब तक कोई ठोस पहल करता है।