लोरमी। स्थानीय विधायक एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को लोरमी के मानस मंच में क्षेत्र की माताओं-बहनों के साथ पारंपरिक तीजा तिहार मनाया। लोरमी के भाइयों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और उन्होंने अरुण साव को स्नेह एवं आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महादेव की पूजा-अर्चना से हुई। अरुण साव ने सपत्नीक क्षेत्र की बहनों के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा की और सभी के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस दौरान साव ने उपस्थित माताओं-बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि लोरमी की सभी बहनों के घर धन-धान्य, सुख और समृद्धि से भरे रहें तथा उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों। उन्होंने तीजा तिहार को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक स्नेह से जुड़ा पर्व बताया।
मायके के स्नेह और भाई-बहन के रिश्ते का पर्व
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर माताएं-बहनें पति की दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखती हैं और मायके में भाइयों से स्नेह प्राप्त करती हैं। बचपन की सहेलियों से मुलाकात और पुरानी यादों का ताजा होना इस पर्व को विशेष बनाता है।
उन्होंने कहा कि लोरमी के भाइयों ने मिलकर क्षेत्र की बहनों के लिए तीजा तिहार का आयोजन किया है। उन्होंने सभी को तीजा तिहार की शुभकामनाएं दीं।
लोकगीतों ने बांधा समां
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन हुआ। प्रसिद्ध लोकगायिका गरिमा दिवाकर, स्वर्णा दिवाकर एवं अंजोर टीम ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की प्रस्तुति दी। 'तीजा पोरा आगे भाग हमर खुलगे' और 'तरी हरि नाना' जैसे गीतों पर उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ आनंद लिया।
वहीं "हमर अरुण भैया हा दिलदार हैवे ना, बहिनी मन ले ओला मया-दुलार हैवे ना" गीत ने आयोजन में भाई-बहन के स्नेह का रंग और गहरा कर दिया। पूरे कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पारंपरिक तीजा पर्व और पारिवारिक रिश्तों की झलक देखने को मिली।