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बन्नाकडीह पंचायत में मनरेगा के नियमों का हो रहा लगातार उल्लंघन

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       बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के ठीक बाहर ग्राम पंचायत बन्नाकडीह में  मनरेगा के नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और इस खेल में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की आपस में सांठगांठ है   इसी का परिणाम है कि अभी तक किसी भी जॉब कार्ड धारी को एक भी परिश्रमिक भुगतान नहीं हुआ जबकि मनरेगा की गाइडलाइन के अनुसार 1 सप्ताह में भुगतान होना चाहिए साथ ही जो जॉब कार्ड धारी मनरेगा का काम करने आते हैं   उन्हें सरपंच के अपशब्द भी सुनने पड़ते हैं बन्नाकडीह के   सरपंच संजय आडिल द्वारा जब कार्यस्थल पर जेसीबी से काम लगवा लूंगा मेरे को किसी का कोई डर नहीं के साथ अपशब्द का भी लगातार उच्चारण किया जा रहा है इस मुद्दे पर सचिव का कहना   है की जब सरपंच ऐसा कुछ कहा होगा तब मैं वहां नहीं था मनरेगा का काम मशीन से नहीं किया जा सकता और ऐसा नहीं होगा क्या वे सरपंच के व्यवहार की शिकायत सीईओ से करेंगे के प्रश्न पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया मनरेगा के काम गांव के क्वॉरेंटाइन सेंटर तथा वित्तीय मामलों पर प्रश्न पूछने पर सरपंच ने जवाब देने के स्थान पर पलायन करना उचित समझा मनरेगा की अटेंडेंस और मस्टर रोल पर जब रोजगार सहायक से बात करनी चाही गई तो उसने स्वयं को गांव से बाहर बताया और क्वारेंटाइन सेंटर पर आ रहा हूं  पर नहीं आया क्वारेंटाइन सेंटर के कर्मचारियों की  ड्यूटी के संबंध में भी काफी शिकायतें मिली किंतु एक बात साधारण तह  दिखाई दी की क्वॉरेंटाइन सेंटर पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है उनके बीच सामंजस्य नहीं है.बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के ठीक बाहर ग्राम पंचायत बन्नाकडीह में  मनरेगा के नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और इस खेल में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की आपस में सांठगांठ है   इसी का परिणाम है कि अभी तक किसी भी जॉब कार्ड धारी को एक भी परिश्रमिक भुगतान नहीं हुआ जबकि मनरेगा की गाइडलाइन के अनुसार 1 सप्ताह में भुगतान होना चाहिए साथ ही जो जॉब कार्ड धारी मनरेगा का काम करने आते हैं   उन्हें सरपंच के अपशब्द भी सुनने पड़ते हैं बन्नाकडीह के   सरपंच संजय आडिल द्वारा जब कार्यस्थल पर जेसीबी से काम लगवा लूंगा मेरे को किसी का कोई डर नहीं के साथ अपशब्द का भी लगातार उच्चारण किया जा रहा है इस मुद्दे पर सचिव का कहना   है की जब सरपंच ऐसा कुछ कहा होगा तब मैं वहां नहीं था मनरेगा का काम मशीन से नहीं किया जा सकता और ऐसा नहीं होगा क्या वे सरपंच के व्यवहार की शिकायत सीईओ से करेंगे के प्रश्न पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया मनरेगा के काम गांव के क्वॉरेंटाइन सेंटर तथा वित्तीय मामलों पर प्रश्न पूछने पर सरपंच ने जवाब देने के स्थान पर पलायन करना उचित समझा मनरेगा की अटेंडेंस और मस्टर रोल पर जब रोजगार सहायक से बात करनी चाही गई तो उसने स्वयं को गांव से बाहर बताया और क्वारेंटाइन सेंटर पर आ रहा हूं  पर नहीं आया क्वारेंटाइन सेंटर के कर्मचारियों की  ड्यूटी के संबंध में भी काफी शिकायतें मिली किंतु एक बात साधारण तह  दिखाई दी की क्वॉरेंटाइन सेंटर पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है उनके बीच सामंजस्य नहीं है.vvvvv

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