दुर्ग। शौर्य पथ ।
सत्ता और सरकार के दुरुपयोग से दुर्ग जिला पंचायत में लगातार चल रहे तानाशाही एवं अध्यक्ष के द्वारा कांग्रेस सदस्यों के साथ मिलकर केन्द्र सरकार द्वारा भेजे गए 15वें वित्त की राशि के बंदरबाट के खिलाफ भाजपा समर्थित सदस्यों ने खोला मोर्चा।
जिला पंचायत दुर्ग के अध्यक्ष व कांग्रेस सदस्यों ने मिलीभगत कर केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए 15वें वित्त की राशि का बंदरबाट कर लिया है सत्ता के दबाव में जिसे लगातार छुपाने का प्रयास किया जा रहा। 15 वें वित्त की राशि को लेकर जिला पंचायत के अध्यक्ष व अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है सामान्य सभा की बैठक में भी इस मामले को भाजपा समर्थित सदस्यों से गुपचुप तरीके से छुपाया गया, भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों के द्वारा लगातार 15वें वित्त की राशि के बारे में कोई जवाब नहीं मिलने पर जब दबाव बनाया गया तब इस बंदरबाट का पर्दाफाश हुआ। भाजपा समर्थित सदस्य इस मामले को लेकर बहुत रोष में हैं जिला पंचायत दुर्ग की पूर्व अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया बेलचंदन ने बताया की हमारे द्वारा अध्यक्ष व अधिकारियों से लगातार 15वें वित्त की राशि की जानकारी मांगी जा रही थी जिस पर अध्यक्ष का रवैय्या गैरजिम्मेदार था तथा अधिकारी इस विषय पर मौन साध बैठे थे, भाजपा समर्थित सदस्यों को जिला पंचायत के अध्यक्ष द्वारा लगातार गुमराह किया गया जबकि पूर्व में अध्यक्ष के द्वारा सभी सदस्यों से 27-27 लाख की राशि के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव मंगाया गया था, राशि आने पर अध्यक्ष के द्वारा गुपचुप तरह से कांग्रेस के सदस्यों के साथ आपसी मिलीभगत में पंचायत के विकास के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा भेजे गए 15वें वित्त की राशि का बंदरबाट कर लिया गया।
भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य इस मामले को लेकर काफी रोष में है और केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए भेजी गई राशि का बंदरबाट करने वाले अध्यक्ष व कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन की तैयारी में हैं जिसमे प्रमुख रूप से जितेंद्र साहू, हर्षा लोकमणि चंद्राकर, मोरध्वज मोनू साहू, चंद्रकला मनहर शामिल है। यह जानकारी ज़िला मीडिया प्रभारी के एस चौहान ने मीडिया को दी।