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March 09, 2026
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दुर्ग

दुर्ग (5001)

   दुर्ग / शौर्यपथ / हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के शोधार्थी आदित्य नारंग को “दुर्ग संभाग के नगर निगम क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में बैंकिंग एवं नॉन-बैंकिंग साख की भूमिका का अध्ययन” विषय पर 2 मार्च 2026 को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
यह शोध कार्य डॉ. विजय कुमार वासनिक, सहायक प्राध्यापक, शासकीय कन्या महाविद्यालय दुर्ग के मार्गदर्शन तथा डॉ. एस.एन. झा, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (वाणिज्य), शासकीय विश्वनाथ यादव तमस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग के सह-निर्देशन में संपन्न हुआ।
आदित्य नारंग के पिता श्री आलोक कुमार नारंग दुर्ग जिला कलेक्ट्रेट में लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। वे कलेक्टर रीडर तथा जिला नाजिर जैसे पदों से सेवानिवृत्त हुए हैं और वर्तमान में दुर्ग में ही निवासरत हैं।
अपने शोध में आदित्य नारंग ने दुर्ग संभाग के नगरीय क्षेत्रों में कार्यरत महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों) द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली साख की भूमिका का अध्ययन किया है। शोध में यह बताया गया है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को एनबीएफसी के माध्यम से अपेक्षाकृत सुलभ ऋण सुविधा प्राप्त होती है, जिसका उनके व्यवसाय और आर्थिक सशक्तिकरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अध्ययन में परंपरागत बैंकिंग प्रणाली और एनबीएफसी द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली साख व्यवस्था के बीच के अंतर, उससे जुड़ी समस्याओं तथा उनके संभावित समाधानों पर भी प्रकाश डाला गया है। शोध में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन व्यवस्थाओं का नगर निगम क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के व्यवसायिक विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह अध्ययन शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है।
शोधार्थी की मौखिक परीक्षा (वाइवा-वोसे) हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के टैगोर हॉल में आयोजित की गई। इस अवसर पर बाह्य परीक्षक के रूप में प्रो. उमेश होलानी, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर (मध्यप्रदेश) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आंतरिक परीक्षक डॉ. विजय कुमार वासनिक, डॉ. एस.एन. झा, विश्वविद्यालय पीएचडी प्रभारी डॉ. सुनीता मिश्रा, प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव सहित डॉ. अनिल जैन, डॉ. के.एल. राठी, डॉ. शकील हुसैन, डॉ. एच.पी. सिंह सलूजा, डॉ. आर.पी. अग्रवाल, डॉ. सुमित अग्रवाल, डॉ. प्रदीप कुमार जांगड़े, डॉ. लाली शर्मा, डॉ. प्रीति तन्ना टांक, डॉ. हरीश कश्यप सहित अनेक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
पीएचडी की उपाधि प्राप्त होने पर आदित्य नारंग ने अपने मार्गदर्शकों, विश्वविद्यालय परिवार, सहयोगियों, शुभचिंतकों और परिवारजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के सहयोग और विश्वास का परिणाम है, जिनसे उन्हें समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिली।

दुर्ग/भिलाई।

सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा कर्मचारियों में खेल भावना, शारीरिक दक्षता और टीम भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अंतर विभागीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला)–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 14 मार्च 2026 को प्रातः 8:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक सेल एथलेटिक्स अकादमी, सेक्टर–04 मैदान में आयोजित होगी।

प्रतियोगिता में भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी नियमित एवं प्रशिक्षु कर्मचारी भाग ले सकेंगे। आयोजन समिति के अनुसार प्रत्येक प्रतिभागी को अधिकतम दो स्पर्धाओं में भाग लेने की अनुमति होगी।

पुरुष वर्ग में प्रतिभागी

100 मीटर

200 मीटर

400 मीटर

800 मीटर दौड़

लंबी कूद

जेवलिन थ्रो

शॉटपुट

जैसी स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

वहीं महिला वर्ग के लिए

100 मीटर

200 मीटर

400 मीटर दौड़

जेवलिन थ्रो

शॉटपुट

स्पर्धाएं निर्धारित की गई हैं।

आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक स्पर्धा में न्यूनतम चार प्रतिभागियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी स्पर्धा में चार से कम प्रतिभागी होंगे तो उस स्पर्धा को निरस्त माना जाएगा।

प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक कर्मचारी अपनी प्रविष्टियां अपने-अपने विभागों के माध्यम से क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग के कार्यालय, बोकारो हॉस्टल सेक्टर–4 में 13 मार्च 2026 तक कार्यालयीन समय में अनिवार्य रूप से जमा कर सकते हैं।

इस आयोजन से संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में आज प्रधानमंत्री आवास योजना (AHP घटक) के तहत लाटरी का आयोजन निगम सभागार कक्ष में किया गया। लाटरी में मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना से निर्मित आवास को शामिल किया गया है। इस खुली लाटरी प्रणाली के माध्यम से कुल 07 हितग्राहियों को आवास आबंटित किया गया है।

           प्रधानमंत्री आवास योजना की लाॅटरी में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, सभापति गिरवर बंटी साहू, पार्षद महेश वर्मा, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, नोडल अधिकारी सह अधीक्षण अभियंता अजीत तिग्गा, जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन की उपस्थिति में आवेदक अरूण तिवारी, घमोतिन बाई, ओमेन्द्र कोल्हाकर, वंदना शिवरामवार, पैयरी बाई, सीता बाई एवं मोहम्मद खालिक को आवास आबंटित किया गया। इस योजना का मुख्य उददेश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगो को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। लाटरी प्रक्रिया पुरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ। लाभार्थियों ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए शासन एवं निगम प्रशासन को धन्यवाद दिये। 

            नगर पालिक निगम भिलाई ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके। लाॅटरी के दौरान आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, नम्रता ठाकुर, जी जागेश्वर साहू, मेहत्तर सोनी, भूषण निर्मलकर, मोहन राव, थलेश्वर जोशी, सावित्री सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-5 अंतर्गत सार्वजनिक शौचालय, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक पार्क एवं अर्जुन रथ का निरीक्षण किये और उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक सुझाव दिये।

         निगम आयुक्त द्वारा जोन 5 अंतर्गत सिविक सेंटर स्थित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया गया । शौचालय में साफ-सफाई व्यवस्था के साथ हरियाली को दृष्टिगत रखते हुए सामने पौधे लगाने कहा गया, जिससे वातावरण को बेहतर कर आकर्षक किया जा सके। सिविक सेंटर मार्केट में भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था का अवलोकन कर आवश्यक दिशानिर्देश किया गया। इस दौरान आयुक्त ने ट्रैफिक पार्क का निरीक्षण कर पार्क में आने वाले नागरिको एवं बच्चों की सुविधा हेतु व्यवस्था को और बेहतर कराने हेतु निर्देशित किये हैं। अर्जुन रथ एवं उद्यान का अवलोकन कर वॉल में में किसी भी एजेंसी या व्यक्ति का बेनर पोस्टर, चस्पा करने पर कार्यवाही करने कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थलों, शासकीय भवनों एवं कार्यालयों में बेनर, पोस्टर चस्पा करने वाले संबंधित एजेंसियों या व्यक्तियों पर 5000 रुपए चालानी कार्यवाही करने निर्देशित किये है। 

        निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता प्रिया करसे, सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, उप अभियंता शंकर सुमन मरकाम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, स्वच्छता निरीक्षक सूर्या सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

दुर्ग। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने संगठन को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऊर्जावान नेत्री निकिता मिलिंद को दुर्ग शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी में महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

इस नियुक्ति को संगठन में नई ऊर्जा और महिला नेतृत्व को सशक्त करने के रूप में देखा जा रहा है। निकिता मिलिंद की सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवनियुक्त महामंत्री निकिता मिलिंद ने कहा कि वे वरिष्ठ नेतृत्व की हृदय से आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें संगठन की सेवा का अवसर प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

निकिता मिलिंद ने आगे कहा कि महामंत्री का यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने तथा कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सतत कार्य करेंगी।

दुर्ग। शौर्यपथ। 

शहर को सुंदर, स्वच्छ और अतिक्रमण-मुक्त बनाने को लेकर दुर्ग नगर निगम और शहरी सरकार की मुखिया महापौर श्रीमती अलका बाघमार द्वारा जारी की जा रही प्रेस विज्ञप्तियाँ देखने-पढ़ने में जितनी प्रशंसनीय लगती हैं, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दुर्ग में कानून सभी के लिए समान है या फिर यह अमीर-गरीब देखकर लागू किया जा रहा है?

शहरी सरकार के निर्देश पर हाल ही में गरीब पसरा व्यापारियों और फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। उनका सामान जब्त कर लिया गया, वर्षों से चला आ रहा छोटा-सा व्यवसाय छीन लिया गया। दो वक्त की रोटी कमाने वाले इन लोगों को “अतिक्रमण-मुक्त शहर” के नाम पर बेरोजगार कर दिया गया।

परंतु इसी शहर के इंदिरा मार्केट स्थित गणेश मंदिर के सामने एक बिल्कुल अलग तस्वीर देखने को मिलती है। यहां सड़क की जमीन पर बड़े पैमाने पर ‘राम रसोई’ का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। जनहित का नाम लिया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यहां एक होटलनुमा व्यावसायिक संचालन हो रहा है, जहां बाकायदा ₹20 प्रति थाली की तय कीमत रखी गई है।

जनहित के कार्यों पर किसी को आपत्ति नहीं, बल्कि यह सराहनीय है कि शहर के बड़े व्यापारी समाजसेवा में आगे आए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या जनहित के नाम पर सड़क की जमीन पर कब्जा जायज हो जाता है?

अगर यही नियम है, तो शहर में दर्जनों संस्थाएं हैं जो जनसेवा करती हैं—क्या सभी को सड़कों पर कब्जा करने की छूट दी जाएगी?

संविधान की नजर में अमीर और गरीब एक समान हैं, फिर दुर्ग में यह भेदभाव क्यों?

क्या नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ गरीबों के लिए है और प्रभावशाली लोगों के लिए नियम बदल जाते हैं?

इतना ही नहीं, निगम कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार महापौर अलका बाघमार ने नगर निगम के व्यावसायिक परिसरों के बरामदों में व्यापार करने की अनुमति भी दे दी है। बड़ा सवाल यह है कि—

➡️ क्या किसी महापौर को यह संवैधानिक अधिकार है कि वह आम जनता के लिए बने बरामदों को दुकानों में तब्दील करने की अनुमति दे?

➡️ क्या दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में संविधान चलेगा या महापौर का निजी आदेश?

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। भारत सरकार ने इस योजना के अंतर्गत सहायता राशि की प्रथम किस्त मार्च महीने के अंत तक जारी करने की तैयारी में है। हालांकि, इस लाभ को प्राप्त करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और संबंधित विभागों ने सदस्यों एवं प्रतिष्ठानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन न करने पर लाभार्थी राशि से वंचित रह सकते हैं।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक नए जुडऩे वाले और प्रथम बार सदस्य बनने वाले व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक खाता संख्या (्रहृ) का चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक (स्नड्डष्द्ग ्रह्वह्लद्धद्गठ्ठह्लद्बष्ड्डह्लद्बशठ्ठ ञ्जद्गष्द्धठ्ठशद्यशद्द4) के माध्यम से सत्यापन कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना इस डिजिटल सत्यापन के योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा। यदि किसी सदस्य को इस तकनीकी प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो उन्हें तुरंत अपने संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होकर सहायता प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

योजना की राशि का प्रेषण सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (ष्ठक्चञ्ज) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सदस्यों का बैंक खाता इस सुविधा हेतु सक्षम होना अनिवार्य है। जिन कर्मचारियों के खाते वर्तमान में इस प्रणाली से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तत्काल अपनी बैंक शाखा में जाकर यह सुविधा सक्रिय कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

व्यक्तियों के साथ-साथ नियोक्ताओं और संस्थानों पर भी नियमों के पालन की जिम्मेदारी डाली गई है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, जो प्रतिष्ठान नियमित रूप से इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-विवरणिका (श्वष्टक्र) प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं या अंशदान जमा करने में विलंब कर रहे हैं, उनके कर्मचारियों को योजना के लाभ से रोका जा सकता है। प्रशासन ने सभी संस्थानों से समय पर विवरणिका भरने और अंशदान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है ताकि सुचारू रूप से किस्त जारी की जा सके।

   दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजनों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कुल 137 आवेदन प्राप्त हुए।
जन्मतिथि सुधार का मामला
नयापारा वार्ड क्रमांक 1 निवासी ने अपनी पुत्री की शालेय जन्मतिथि में त्रुटि सुधार की मांग की। अभिलेख में जन्मतिथि 15 मार्च 2008 दर्ज है, जबकि जन्म प्रमाण पत्र में 15 मार्च 2009 अंकित है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा सुधार नहीं किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने प्राचार्य से सीधे चर्चा कर दस्तावेजों के आधार पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
महतारी वंदन योजना की किस्त लंबित
भिलाई निवासी महिला ने तीन माह से महतारी वंदन योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की। फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण किस्त अटकी होने पर कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त नहीं मिली
गयानगर वार्ड क्रमांक 4 निवासी ने छह माह बीतने के बाद भी पीएम आवास योजना की एक भी किस्त नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग आयुक्त को नियमानुसार शीघ्र किस्त जारी करने के निर्देश दिए।
तेज डीजे पर सख्ती
कुरूद के सुंदर विहार व प्रगति नगर क्षेत्र के रहवासियों ने प्रीत पैलेस में देर रात तक तेज डीजे बजने से हो रही परेशानी की शिकायत की। कलेक्टर ने एसडीएम भिलाई को निर्धारित समय सीमा के उल्लंघन पर साउंड सिस्टम जब्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जनदर्शन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच है और प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता व प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

- बैंक खाता वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक का ही हो
- कोटवाली भूमि प्रकरण पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करें
- भूमि आबंटन प्रकरण हेतु एनओसी देना सुनिश्चित करें विभाग
- खादानों का सीमांकन कर सूचना बोर्ड लगायी जाए
- कलेक्टर ने समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा की

दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में विभागवार सममय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्?होंने पंचायतों में राजस्व प्रकरण पंजीयन, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, ऑफिसों के बैंक खाते, कोतवाली भूमि संबंधी प्रकरण, भूमि आबंटन हेतु एनओसी, खादानों का सीमांकन और भवनों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग का जियो टैंगिंग की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने शासन की मंशा के अनुरूप पंचायतों को प्रकरण हस्तांतरित की गई है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को ग्राम पंचायतों में अविवादित, नामांतरण, बंटवारा प्रकरणों के पंजीयन में प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में एक सप्ताह के भीतर पंजीयन दर्ज होना चाहिए। जिन पंचायतों में पंजीयन नहीं होने पर संबंधित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। कलेक्टर ने कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से फाईल प्रस्तुति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को ई-ऑफिस क्रियान्वयन को गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। उन्?होंने विभागों द्वारा संचालित बैंक खाते की जानकारी लेते हुए कहा कि शासन के वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंकों में शासकीय कार्यालयों का खाते होना चाहिए।
ऐसे विभाग जिनके खाते वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक में नहीं है, वे तत्काल अपनी खाता बंद कर वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक में खाते खुलवायें। साथ ही बैंक खाते की अपडेट जानकारी जिला कोषालय को उपलब्ध करायें। उन्होंने सभी एसडीएम से संबंधित क्षेत्र में कोटवाली भूमि संबंधी प्रकरण की जानकारी ली और प्रकरणों पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार विविध निर्माण हेतु भूमि आबंटन के संबंध में संबंधित एसडीएम द्वारा जिन विभागों से एनओसी आमंत्रित किया गया है, ऐसे विभाग शीघ्र एनओसी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्कूली और आंगनबाड़ी बच्चों के आधार अपडेशन की जानकारी ली। साथ ही जन्म प्रमाण नहीं बनने के कारण आंगनबाड़ी के बच्चे जिनका आधार अपडेशन नहीं हो रहे है, ऐसे बच्चों की परियोजनावार सूची ईडीएम को उपलब्ध कराने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया।
कलेक्टर ने जिले में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी ली और निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यूसी/सीसी आदिम जाति कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी प्रकार आदि कर्मयोगी/ धरती आबा योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित चार गांव क्रमश: नवागांव (स), सिरनाभांठा, सेमरिया (बी) (धमधा विकासखण्ड) एवं ग्राम अकतई (पाटन विकासखण्ड) में समस्त विभाग शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें। कलेक्टर ने खादानों की सीमांकन की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के खादानों का सीमांकन कर विवरण सहित सूचनाफलक लगाने के निर्देश दिये। साथ ही अवैध खोदाई की घनमीटर में माप कर पैनाल्टी राशि अधिरोपित किया जाए। कलेक्टर ने भू-जल स्तर को बढ़ावा देने के लिए नये भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर देते हुए सभी नगरीय निकायों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जियो टेंगिंग कराने और 31 मार्च के पहले सीईओ जिला पंचायत को रिपोर्टिंग करने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी प्रकार सभी निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को भी नवनिर्मित भवनों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जियो टेंगिंग कराने के निर्देश दिये गये।
बैठक में आगामी जनगणना 2027 के लिए जिले में प्रारंभिक तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर सिंह ने पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री अन्य पत्र, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन (वेब एवं पोस्ट) पोर्टल, ई-समाधान और मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकृत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह एवं श्रीमती योगिता देवांगन, जिला पंचायत के सीईओ बी.के. दुबे, नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती शिल्ली थामस, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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