Google Analytics —— Meta Pixel
June 10, 2026
Hindi Hindi
दुर्ग

दुर्ग (5101)

 durg / shouryapath / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा अधिकारियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता संवर्धन तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘प्रखर – व्यक्तिगत उत्कृष्टता की ओर पथ’ (प्रखर– द पाथ टू पर्सनल मास्टरी) का आयोजन बीएमडीसी में किया गया। भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं कल्याण, तनाव प्रबंधन, ध्यान तथा योग जैसे समकालीन एवं प्रासंगिक विषयों पर आधारित यह कार्यक्रम वर्तमान गतिशील कार्य परिवेश में अधिकारियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने हेतु सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री सौरभ वार्ष्णेय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने सतत व्यावसायिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्म-देखभाल तथा समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल पर व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।

यह कार्यक्रम महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक (बीआरएम) श्री शिव कुमार, एडीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. माला चौधरी, प्राचार्य सुश्री महेश्वरी खोबरागड़े तथा पूर्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (राउरकेला इस्पात संयंत्र) सुश्री अताशी प्रमाणिक ने संकाय सदस्य के रूप में अपनी विशेषज्ञता एवं व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। प्रशिक्षण में नेतृत्व हेतु भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं तैयारी, रणनीतिक तनाव प्रबंधन, ध्यान, योग तथा सजग जीवनशैली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

संवादात्मक सत्रों, केस स्टडी, समूह चर्चा, व्यावहारिक प्रदर्शनों एवं अनुभवात्मक अधिगम गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, मानसिक दृढ़ता, प्रभावी संप्रेषण, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक प्रभावशीलता में वृद्धि करते हुए उन्हें अधिक सक्षम, संतुलित एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना था।

कार्यक्रम में संयंत्र के विभिन्न विभागों से कुल 29 अधिकारियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र का संचालन सुश्री पारुल वर्मा द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन श्री विकास सरीन द्वारा किया गया।

मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे नवोन्मेषी एवं आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो कर्मचारियों की व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक-शारीरिक कल्याण को भी प्रोत्साहित करते हैं।

दुर्ग संभाग के गंभीर शिशुओं के लिए संजीवनी बनी अत्याधुनिक एम्बुलेंस; चलती-फिरती आईसीयू (ICU) जैसी सुविधाओं से है लैस

दुर्ग:शौर्यपथ । 

दुर्ग संभाग के चिकित्सा इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने और आपातकालीन स्थिति में उनकी जान बचाने के लिए जिला अस्पताल दुर्ग को पहली अत्याधुनिक 'नियोनेटल एम्बुलेंस' (Neonatal Ambulance) की सौगात मिली है।

यह विशेष और हाईटेक एम्बुलेंस पूरे दुर्ग संभाग में एक माह तक के गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को बिना समय गंवाए उच्च चिकित्सा सुविधा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने में सबसे बड़ी मददगार साबित होगी।

एम्बुलेंस नहीं, यह है 'व्हील्स पर आईसीयू' (ICU on Wheels)

नवजात शिशुओं की नाजुक स्थिति को देखते हुए इस एम्बुलेंस को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें वे सभी जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं जो किसी बड़े अस्पताल के आईसीयू में होते हैं:

हाई ऑक्सीजन सपोर्ट: सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे बच्चों के लिए त्वरित ऑक्सीजन की व्यवस्था।

मेडिकल वार्मर (Warmer): समय से पहले जन्मे (Pre-mature) बच्चों के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए आधुनिक वार्मर।

इन्फ्यूजन पंप (Infusion Pump): सफर के दौरान भी शिशु को अत्यंत सटीक मात्रा में दवाइयां और जरूरी तरल पदार्थ देने की सुविधा।

विशेष मानवीय पहल: इस अत्याधुनिक सेवा के तहत एक बेहद संवेदनशील और विशेष सुविधा जोड़ी गई है— यात्रा के दौरान गंभीर शिशु के साथ उसकी मां भी इस एम्बुलेंस में सफर कर सकेगी, ताकि बच्चे को मानसिक और शारीरिक संबल मिलता रहे।

आपातकाल में कैसे करें संपर्क? नोट करें ये जरूरी नंबर

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए त्वरित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:

बुकिंग के लिए: एक माह तक के नवजात शिशु को इस एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सीधे 108 सेवा पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (108) के मोबाइल नंबर 7000085006 पर भी संपर्क साधा जा सकता है।

लोकेशन ट्रैकिंग के लिए: आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन और स्थिति जानने के लिए परिजन मोबाइल नंबर 6269002641 पर कॉल कर सकते हैं।

शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी ऐतिहासिक कामयाबी

दुर्ग संभाग के ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में कई बार सही समय पर इलाज न मिल पाने के कारण नवजात शिशुओं की स्थिति बिगड़ जाती थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाईटेक नियोनेटल एम्बुलेंस के सड़क पर उतरने से अब अस्पताल पहुंचने के दौरान (In-transit) भी बच्चों का इलाज जारी रहेगा। यह अनूठी पहल क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में प्रभावी कमी लाने में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।

   भिलाई/शौर्यपथ। सुपेला थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने ई-चालान के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर एक युवक के खाते से 4 लाख 24 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने चोरी की गई राशि से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर सैमसंग S-26 अल्ट्रा के तीन महंगे मोबाइल फोन खरीद लिए। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, अंकेश सिन्हा (30 वर्ष) निवासी कमला कॉलेज रोड, बसंतपुर (राजनांदगांव) ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 6 जून 2026 को वे भिलाई के शिक्षक नगर, कोहका स्थित अपने ससुराल आए हुए थे। इसी दौरान शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर एम-परिवहन (M-Parivahan) के नाम से ई-चालान संबंधी एक संदेश प्राप्त हुआ।

लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाते तक पहुंच

मैसेज में उनकी एक्टिवा CG-08-NV-4191 पर 1000 रुपये का चालान लंबित होने की जानकारी दी गई थी। चालान जमा करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही साइबर ठगों ने उनके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बना ली।

कुछ ही देर बाद शाम 7:03 बजे और 7:06 बजे उनके आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड से क्रमशः 1,31,762 रुपये और 2,92,611 रुपये की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर ली गई। इस तरह कुल 4,24,373 रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।

फ्लिपकार्ट से खरीदे तीन सैमसंग S-26 अल्ट्रा

जांच में सामने आया है कि ठगों ने निकाली गई राशि से फ्लिपकार्ट पर सैमसंग S-26 अल्ट्रा के तीन मोबाइल फोन खरीदे। शिकायत के अनुसार इन मोबाइलों की डिलीवरी नोएडा (उत्तर प्रदेश) निवासी अमन राय के पते पर कराई गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डिलीवरी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।

सावधान रहें

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ई-चालान, केवाईसी अपडेट, बैंक सत्यापन या अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी भुगतान या जानकारी साझा करने से पहले संबंधित वेबसाइट या ऐप की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।

दुर्ग, । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय वी.वाई.टी. पीजी स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के 30 कैडेटों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की। महाविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों ने न केवल हरित वातावरण का संदेश दिया, बल्कि युवाओं की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष ही मानव जीवन, जैव विविधता और सतत विकास के सबसे मजबूत आधार हैं।

एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन पौधे लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक चेतना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

कार्यक्रम में शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग की प्राचार्य डॉ. रिचा ठाकुर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. संजू सिन्हा, डॉ. सीतेश्वरी चन्द्राकर, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. मीना मान एवं डॉ. मोतीराम साहू सहित अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा शक्ति की सकारात्मक भागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।

महापौर अलका बाघमार के निर्देश पर युद्धस्तर पर अभियान, अधिकारियों को दी गई नियमित निगरानी की जिम्मेदारी

दुर्ग । आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर को जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाने के लिए विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया है। महापौर अलका बाघमार के निर्देश पर निगम क्षेत्र के सभी बड़े और छोटे नालों तथा नालियों की व्यापक सफाई का कार्य 60 वार्डों में युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।

निगम प्रशासन का लक्ष्य मानसून के आगमन से पहले जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना है, ताकि बारिश के दौरान शहरवासियों को जलभराव, गंदगी और मच्छरों की समस्या का सामना न करना पड़े।

जलभराव मुक्त शहर निगम की प्राथमिकता

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि वर्षा के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करना और शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग प्रभारी निलेश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा वार्ड पार्षदों की निगरानी में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सफाई कार्य केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि नालियों और नालों की तल तक सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे पानी के बहाव में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

नालों से हटाई जा रही गाद और कचरा

निगम की सफाई टीमों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में नालों और नालियों से जमा गाद, प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अवरोधक सामग्री को हटाया जा रहा है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी भी की जा रही है, जहां हर वर्ष जलभराव की शिकायतें सामने आती रही हैं।

अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिकों से भी सहयोग की अपील

महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नालियों और नालों में कचरा न फेंकें तथा स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित दुर्ग की दिशा में प्रयास

नगर निगम द्वारा संचालित यह विशेष अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसून के दौरान संभावित समस्याओं की रोकथाम का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। निगम प्रशासन का दावा है कि समय रहते किए जा रहे इन कार्यों से बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।

मुख्य बिंदु

  • 60 वार्डों में विशेष सफाई अभियान जारी।
  • बड़े और छोटे नालों की व्यापक सफाई।
  • नालियों की तल तक सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • जलभराव और मच्छरों की समस्या रोकने पर विशेष ध्यान।
  • नागरिकों से नालों में कचरा नहीं डालने की अपील।
  • मानसून पूर्व जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी।

शौर्यपथ विशेष:
दुर्ग नगर निगम का यह अभियान आगामी मानसून के लिए शहर की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यदि सफाई कार्य निर्धारित समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा होता है, तो इस वर्ष जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है।

  भिलाई। 45-46 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच लगभग 90 से अधिक बच्चों ने अनुशासन, संस्कार और आत्मविकास का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गीता परिवार, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित छह दिवसीय ‘बाल संस्कार सिंचन शिविर’ को सफल बनाया। शनिवार को शिविर का समापन “संस्कृति गौरव एवं आशीर्वाद समारोह” के रूप में भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने कहा कि आज के दौर में संस्कार शिविरों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान केवल अधिकारों की मांग में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक पालन और समाधानमूलक जीवन दृष्टि अपनाने में है।

25 से 30 मई तक मां शारदा पब्लिक स्कूल, सेक्टर-9 में आयोजित इस निःशुल्क शिविर में बच्चों को योग, आत्मरक्षा, लाठी-काठी चालन, स्मरण शक्ति विकास, नेतृत्व, अनुशासन, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का प्रशिक्षण दिया गया। पुणे से आए प्रशिक्षक कुमारी गौरी और श्री श्रीधर ने बच्चों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया।

समारोह के प्रमुख आकर्षण

  • गोपुरम निर्माण का सामूहिक प्रदर्शन
  • लाठी-काठी चालन के माध्यम से आत्मरक्षा का प्रदर्शन
  • संगीतमय योगासन की मनोहारी प्रस्तुति
  • बच्चों की सांस्कृतिक एवं प्रेरक प्रस्तुतियां

मातृ-पितृ पूजन बना भावनात्मक केंद्र

शिविर के दौरान आयोजित मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम ने सभी को भावुक कर दिया। बच्चों ने माता-पिता का तिलक कर, आरती उतारकर और चरण पूजन कर भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी आस्था और सम्मान का परिचय दिया। इस अवसर पर कई अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।

संस्कारों के नए युग की शुरुआत

गीता परिवार पिछले 39 वर्षों से बाल संस्कार, गीता ज्ञान और वेदोत्थान के कार्यों में सक्रिय है तथा वर्तमान में अपने 40वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है। संस्था ने देशभर में 40 हजार कार्यकर्ता तैयार करने और 40 लाख लोगों तक गीता का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

गीता परिवार छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गीत गोविंद साहू, मध्यांचल प्रमुख प्रमिला ताई माहेश्वरी, दुर्ग-भिलाई इकाई की अध्यक्षा भूमिजा बेंडाले तथा उनकी टीम के प्रयासों से आयोजित यह शिविर भिलाई में संस्कार, संस्कृति और नैतिक चेतना के एक नए अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

संस्कार, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला यह शिविर बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।

  दुर्ग।शौर्यपथ / दुर्ग जिले के लिए आज का दिन विकास के नए अध्याय के रूप में दर्ज हुआ, जब सीएम साय ने जिले को ₹737 करोड़ के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री के दुर्ग आगमन पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर आयोजित “सुशासन तिहार” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम ने मुख्यमंत्री की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी प्रशासन की कार्यशैली को प्रभावी रूप से सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के माध्यम से दुर्ग जिले के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और क्षेत्रीय प्रगति को नई गति देने का संदेश दिया। जनकल्याण, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन को केंद्र में रखकर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का उनका संकल्प कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनविश्वास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दुर्ग को प्रदान की गई ₹737 करोड़ की विकास सौगात को जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
सुशासन, विकास और जनकल्याण के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम दुर्ग के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

शौर्यपथ राजनीतिक | दुर्ग

दुर्ग शहर में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के संभावित 31 मई दौरे को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात को लेकर अब “विकास किसका?” की लड़ाई खुलकर सामने आने लगी है। एक ओर मंत्री Gajendra Yadav समर्थक सोशल मीडिया में उन्हें “विकासशील पुरुष” साबित करने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर महापौर Alka Baghmar के समर्थक इसे “शहरी सरकार की उपलब्धि” बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

सोशल मीडिया पर चल रही इस राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो दुर्ग में विकास कार्यों के लिए आई राशि किसी सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि नेताओं के निजी संसाधनों से आई हो। जबकि शहर की जनता भली-भांति समझती है कि विकास के लिए आने वाला बजट जनता के टैक्स से संचालित शासन व्यवस्था का हिस्सा है, जिसे सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित करती है।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यदि वास्तविक उपलब्धियों की बात की जाए, तो दुर्ग को मिला आईटी पार्क एक ऐसा प्रोजेक्ट माना जा सकता है जिसे मंत्री गजेंद्र यादव की सक्रियता और प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण, उद्यान निर्माण, खेल मैदान या नालंदा परिसर जैसे कार्य सरकारों की नियमित विकास प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं। नालंदा परिसर तो राज्य सरकार की वह योजना है जिसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है।

दूसरी तरफ महापौर अलका बाघमार का कार्यकाल लगातार विवादों से घिरा रहा है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें “सबसे विवादित महापौर” तक कहा जाने लगा है। नगर निगम की बैठकों से लेकर सड़क तक, कई ऐसे मामले सामने आए जिन्होंने शहरी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

कुआं चौक के गुमठी विवाद में कथित रूप से हाथ उठाने की चर्चा हो, देवनारायण चंद्राकर वार्ड में चयनात्मक अतिक्रमण कार्रवाई का मामला हो, या फिर प्रभावशाली लोगों पर नरमी बरतने के आरोप — विपक्ष ही नहीं, आम नागरिकों के बीच भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। ओम ज्वैलर्स और अन्य कथित अतिक्रमण मामलों में नरमी तथा अवैध कब्जों के आरोपों से जुड़े लोगों के साथ मंच साझा करने जैसे मुद्दों ने भी महापौर की छवि पर असर डाला है।

इसके अलावा सुराना कॉलेज क्षेत्र की बदबूदार व्यवस्था, कसारीडीह नाले का अधूरा निर्माण, रविशंकर स्टेडियम में बन रहे उद्यान का धीमा कार्य, अवैध बाजारों का विस्तार, चौक-चौराहों पर बढ़ता अतिक्रमण और गुमठी आवंटन विवाद जैसे मुद्दे लगातार नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।

नगर निगम के बाजार विभाग प्रभारी शेखर चंद्राकर की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठे, लेकिन महापौर की चुप्पी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी। आरोप यह भी लग रहे हैं कि निगम में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर मौन रहना कहीं न कहीं अप्रत्यक्ष समर्थन जैसा संदेश दे रहा है।

अब पूरा राजनीतिक फोकस 31 मई पर टिक गया है। मुख्यमंत्री के दौरे में विकास कार्यों की प्रस्तुति किसके पक्ष में ज्यादा दिखाई देगी — “विकास की वीरांगना” कही जा रही महापौर अलका बाघमार के या “विकासशील मंत्री” की छवि गढ़ रहे गजेंद्र यादव के समर्थकों के?

फिलहाल दुर्ग की राजनीति में पोस्टर, सोशल मीडिया अभियान और समर्थकों की बयानबाजी ने माहौल को पूरी तरह चुनावी रंग दे दिया है। शहर की जनता विकास की वास्तविक तस्वीर तलाश रही है, जबकि सियासत श्रेय की लड़ाई में उलझी दिखाई दे रही है।

दुर्ग | शौर्यापथ

दुर्ग के व्यापारी वर्ग के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (जिला दुर्ग) की पुरजोर कोशिशों के बाद, नगर निगम प्रशासन ने बढ़े हुए ट्रेड लाइसेंस शुल्क की वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है।

? क्या है पूरा मामला?

हाल ही में नगर निगम दुर्ग द्वारा ट्रेड लाइसेंस शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई थी। इस फैसले से स्थानीय व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश और चिंता थी। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से ही:

? आर्थिक मंदी और महंगाई की मार झेल रहे हैं।

? ऑनलाइन व्यापार (E-commerce) से मिल रही कड़ी चुनौती से जूझ रहे हैं।

? विभिन्न प्रकार के टैक्स के दबाव में हैं।

ऐसे समय में ट्रेड लाइसेंस फीस में इस अप्रत्याशित वृद्धि ने छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों की कमर तोड़ दी थी।

? चेंबर का एक्शन और प्रशासन का आश्वासन

व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष श्री अनूप गटागट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम दुर्ग पहुंचकर महापौर श्रीमती अल्का बाघमार एवं निगम कमिश्नर श्री सुमित अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।

चेंबर की मांग: बढ़े हुए शुल्क पर तत्काल रोक लगाई जाए और व्यापारियों के अनुकूल व्यावहारिक निर्णय लिया जाए।

नतीजा: चेंबर की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए महापौर और कमिश्नर ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि फिलहाल किसी भी व्यापारी से नए (बढ़े हुए) रेट से ट्रेड टैक्स नहीं लिया जाएगा।

? प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे

इस बड़ी मुहिम में चेंबर के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुटता दिखाई। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य उपस्थित रहे:

• अनूप गटागट (जिला अध्यक्ष) • नीतू श्रीवास्तव

• कुलदीप सिंह • रूपलता साहू

• किशोर जैन • दीना सोनी

• शिव चंद्राकर • अहिल्या यादव

• जवाहर जैन • अनिमा सिंह

• दिनेश टावरी • संगीता देवांगन

• सतीश समर्थ • आशा देवांगन

• सुदीप अग्रवाल

Page 1 of 567

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)