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दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और नियंत्रण की कार्रवाई तेज कर दी है। 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 26 पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से वर्तमान में 10 मरीज एक्टिव हैं। सात मरीज अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं, जबकि तीन मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
कलेक्टर दुर्ग के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वानी, जिला सर्वेलेंस अधिकारी (आईडीएसपी) डॉ. सी.बी.एस. बंजारे एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) सुश्री भूमिका वर्मा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण की निगरानी और नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पॉजिटिव मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में पॉजिटिव प्रकरण सामने आने के बाद मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। साथ ही संक्रमित मरीजों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी भी की जा रही है, ताकि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
क्या है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र से जुड़ा संक्रमण है, जो Influenza A वायरस के कारण होता है। इसका सामान्य इनक्यूबेशन पीरियड 1 से 2 दिन होता है। संक्रमित व्यक्ति में लक्षण शुरू होने के बाद लगभग 3 से 5 दिन तक संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसका प्रसार मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने तथा ड्रॉपलेट संक्रमण के माध्यम से होता है।
इसके प्रमुख लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द शामिल हैं।
खांसते-छींकते समय बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिश्यू या कोहनी से ढंकने, बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोने अथवा सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की अपील की है। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने तथा संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने के साथ पर्याप्त आराम और नींद लेने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी गई है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी करने और हालत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने को कहा गया है।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय अथवा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। अभिवादन के दौरान हाथ मिलाने और गले मिलने से भी परहेज करें। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा का सेवन न करें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। स्वच्छता का पालन करें, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं और लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की गई है।
बैंक में रकम जमा करने के बजाय रखता था अपने पास, फर्जी ई-मेल भेजकर अधिकारियों को देता था झूठी जानकारी; 1.50 लाख का मोबाइल जब्त
भिलाईनगर / शौर्यपथ / हाईटेक अस्पताल, भिलाई की नकद राशि में करीब 32 लाख रुपये के गबन के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए अस्पताल के कैशियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी कैशियर अस्पताल की नकद राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखता था और अधिकारियों को रकम बैंक में जमा किए जाने की फर्जी जानकारी ई-मेल के माध्यम से भेजकर गुमराह करता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गबन की रकम से खरीदा गया Samsung कंपनी का करीब 1.50 लाख रुपये कीमत का मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार हाईटेक अस्पताल, भिलाई के संचालक मनोज अग्रवाल ने स्मृति नगर चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अस्पताल में करीब छह वर्षों से कैशियर के पद पर कार्यरत जसविंदर सिंह (46), निवासी 122/डी, रुआबांधा सेक्टर, भिलाई, अस्पताल की नकद राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रख रहा था।
दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया गबन
शिकायत प्राप्त होने के बाद स्मृति नगर चौकी पुलिस ने अस्पताल से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन तथा बैंक में राशि जमा किए जाने से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया करीब 32 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन सामने आया।
इसके बाद सुपेला थाना, स्मृति नगर चौकी में अपराध क्रमांक 1301/2026, धारा 316(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
फर्जी ई-मेल भेजकर छिपाता था रकम का हिसाब
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने कैशियर के पद का फायदा उठाते हुए अस्पताल की नकद राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने कब्जे में रखी। इसके बाद वह अस्पताल के संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से रकम बैंक में जमा किए जाने की फर्जी जानकारी भेजता था, जिससे वास्तविक वित्तीय स्थिति सामने न आ सके और लंबे समय तक गबन छिपा रहे।
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ करने के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गबन की रकम के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी जुटाई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी जसविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गबन की रकम से खरीदा 1.50 लाख का मोबाइल
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गबन की रकम से खरीदा गया Samsung कंपनी का मोबाइल फोन, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है, जब्त किया है। मामले में गबन की रकम के अन्य उपयोग और उससे जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड की कार्रवाई की जा रही है। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है।
संस्थानों से नियमित वित्तीय सत्यापन की अपील
दुर्ग पुलिस ने व्यवसायिक एवं अन्य संस्थानों से अपील की है कि वे अपने वित्तीय लेन-देन का नियमित मिलान और सत्यापन करते रहें। नकद राशि के बैंक में जमा होने सहित सभी वित्तीय गतिविधियों का समय-समय पर रिकॉर्ड से मिलान किया जाए। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी अथवा गबन की जानकारी सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
सफाई, निर्माण और मूलभूत सुविधाओं का किया औचक निरीक्षण; अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
दुर्ग । नगर पालिक निगम दुर्ग की नवनियुक्त आयुक्त लीना कोसम ने पदभार ग्रहण करते ही शहर की व्यवस्थाओं को लेकर सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। शनिवार सुबह उन्होंने करीब चार घंटे तक मॉर्निंग विजिट कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की प्रगति और वार्डों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी स्तर पर निरीक्षण कर कार्यों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करनी होगी।
सड़क पर पड़ा C&D वेस्ट तीन दिन में हटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वार्ड क्रमांक 25 स्थित अग्रसेन चौक की सड़क पर पड़े बिल्डिंग मटेरियल और C&D वेस्ट का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क पर पड़े निर्माण अपशिष्ट को तीन दिनों के भीतर पूरी तरह हटाया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
इसके अलावा वार्ड क्रमांक 13 की बैंक लेन में बेस तक बेहतर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वार्ड क्रमांक 12 और 13 में गीले एवं सूखे कचरे के पृथक संग्रहण की लगातार मॉनिटरिंग करने को भी कहा गया।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मैदानी अमले की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण जरूरी है।
बिजली खंभों और भवन संबंधी मामलों की जांच के निर्देश
आयुक्त लीना कोसम ने वार्ड क्रमांक 12 में विद्युत खंभा क्रमांक 12 और 57 का तकनीकी परीक्षण तत्काल कराने के निर्देश दिए। वहीं गजानंद विहार स्थित प्लॉट के भवन संबंधी भौतिक परीक्षण और जांच की कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मल्टी लेवल पार्किंग का काम तेज करने के निर्देश
इसके बाद आयुक्त ने इंदिरा मार्केट और पुराने बस स्टैंड स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर शहरवासियों को जल्द सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया।
पटेल प्रतिमा स्थापना और सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण
आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों के साथ सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थापना एवं सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिमा तैयार हो चुकी है और अब स्थापना का कार्य शेष है।
इस परियोजना की कुल लागत 50 लाख रुपये है और कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। आयुक्त ने शेष कार्यों को जल्द पूरा करने और परियोजना को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन निर्माण कार्यों में किसी कारण से रुकावट आई है या जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। केवल कागजों में कार्य की प्रगति दर्ज करने के बजाय मैदानी स्तर पर वास्तविक प्रगति और पूर्णता सुनिश्चित की जाए।
पुलगांव गोठान का भी लिया जायजा
मॉर्निंग विजिट के दौरान आयुक्त लीना कोसम ने पुलगांव स्थित गोठान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गोठान में वर्तमान में मौजूद गायों की संख्या और समूह में कार्यरत सदस्यों की जानकारी संचालक से ली। इसके साथ ही उन्होंने गोठान की मौजूदा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, भवन अधिकारी प्रकाश चंद थवानी, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू, उप अभियंता मोहित मरकाम, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, शोएब अहमद सहित संबंधित अधिकारी और ठेकेदार मौजूद रहे।
रिसाली से थानौद तक विभिन्न आयोजनों में पहुंचे विधायक, मंदिरों में की पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
दुर्ग। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने मंदिरों में विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर सभी को जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य और प्रेम का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो, यही उनकी प्रार्थना है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का शाश्वत संदेश हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर ही एक समृद्ध, संस्कारवान और बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कई स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में हुए शामिल
जन्माष्टमी के अवसर पर विधायक चंद्राकर ने लक्ष्मी नगर रिसाली स्थित राधेश्वरी मंदिर, दशहरा मैदान रिसाली, भिलाई सेक्टर-6 स्थित इस्कॉन मंदिर, दुर्ग की महेश कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर तथा ग्राम थानौद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें जन्माष्टमी की बधाई दी।
शोभायात्रा और भजन संध्या में भी की सहभागिता
दशहरा मैदान रिसाली में नवयुवक गणेश उत्सव समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम एवं शोभायात्रा में भी विधायक ललित चंद्राकर शामिल हुए। वहीं महेश कॉलोनी के राधा-कृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित 21वें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं भजन संध्या में उन्होंने सहभागिता की।
ग्राम थानौद में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव एवं शोभायात्रा में बड़ी संख्या में यादव समाज के सदस्यों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा और धार्मिक आयोजनों को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
कार्यक्रमों में पुजारी शुभम पांडे, समाजसेवी अतुल पर्वत, सोनू शुक्ला, गोविंद पांडे, रिसाली मंडल अध्यक्ष एकनाथ अनुपम साहू, मरोदा-पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू राकेश जंघेल, पार्षद मनीष यादव, धर्मेंद्र भगत, महामंत्री गुड्डू झा, कार्यालय मंत्री आयुष तिवारी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष विक्की सोनी, प्रमोद कोसरे, युवा मोर्चा अध्यक्ष मनोज साहू, बीनू मिश्रा, रिसाली मंडल उपाध्यक्ष सचिन गोस्वामी, जिला मंत्री शैलेंद्र शेन्डे, राजू लाल नेताम, सभापति केशव बंछोर, एमआईसी सदस्य चंद्रभान ठाकुर एवं समीर साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
भिलाई-3 में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, नगर निगम क्षेत्र के 26 स्कूलों के 365 शिक्षकों का हुआ सम्मान
भिलाई। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं और उनका सम्मान करना गौरव की बात है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई-3 स्थित स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जनता में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में कही। महापौर निर्मल कोसरे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि जिस स्कूल में उन्होंने कभी बस्ता लेकर पढ़ाई की शुरुआत की थी, आज उसी विद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होना उनके लिए भावुक और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उनके गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है।
‘शिक्षा का व्यावसायीकरण रोकना जरूरी’
भूपेश बघेल ने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि इसे रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़े। अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा के लिए कई परिवारों को निजी स्कूलों का रुख करना पड़ता है, जहां शिक्षा काफी महंगी होती है।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान यह विचार किया गया कि गरीब परिवारों के बच्चे भी निशुल्क अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसी उद्देश्य से प्रदेश में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की शुरुआत की गई।
उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणामों में शासकीय और स्वामी आत्मानंद स्कूलों के विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
1993 से शिक्षक सम्मान की परंपरा जारी
भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 में विधायक बनने के बाद उन्होंने शिक्षक सम्मान की परंपरा शुरू की थी, जो आज भी जारी है।
उन्होंने नगर निगम भिलाई-चरोदा क्षेत्र के शिक्षकों के सम्मान का अवसर मिलने पर आयोजनकर्ता महापौर निर्मल कोसरे और उनकी पूरी टीम को बधाई एवं धन्यवाद दिया।
‘शासकीय स्कूलों के शिक्षकों की मेहनत का परिणाम’
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में सेवा करने का अवसर मिला और उन्होंने अपनी ओर से बेहतर कार्य करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों के शिक्षकों की मेहनत का ही परिणाम है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी लगातार चयनित हो रहे हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सभापति कृष्णा चंद्राकर, समाजसेवी सुजीत बघेल एवं शाला विकास समिति अध्यक्ष धनेश्वरी साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
26 स्कूलों के 365 शिक्षकों का सम्मान
शिक्षक सम्मान समारोह में नगर निगम क्षेत्र के 26 स्कूलों के कुल 365 शिक्षकों का सम्मान किया गया। शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में भूमिका को सराहा गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में पप्पू चंद्राकर, मोहन साहू, मनोज मढ़रिया, टेनेन्द्र ठाकरे, संतोष तिवारी, धर्मेंद्र कोसरे, नरेन्द्र वर्मा, पुष्कर चंद्राकर, शरद यादव, ईश्वर साहू, नीलाम्बुज साहू, प्रकाश दुर्गा, हेमंत वर्मा, राकेश वर्मा, राजू लहरे, संदीप सिंह, युवराज कश्यप, आशीष वंजारी, हरमीक सिंह, मोनू माखिजा, शरद डोरा, एम. जॉनी, बी.एन. राजू, गिरिजा बंछोर, टिपेस साहू, मनीष वर्मा, एस. वेंकट रमना, आनंद कुमार, मनोज डहरिया, सतीश धुरंधर, अरुण वर्मा, विनोद प्रसाद, भागी निर्मलकर, डे साहब वर्मा, लावेश मदनकर, देवकुमारी, शारदा मदनकर, विजय राठौर, जुनैद खान, नजरुल इस्लाम, भूपेंद्र वर्मा, आशीष वर्मा, बहल साहू, विनोद निषाद, कुमुद मढ़रिया, विटामिन वर्मा, दुलारी वर्मा, प्रेमलता मढ़रिया, रीना वर्मा, कुमारी धीवर, मंजू साहू, रानी वर्मा, श्रेया बंजारी, विमला, गायत्री साहू, लक्ष्मी वर्मा, सुभाष साहू एवं दीप्ति वर्मा सहित अन्य लोगों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन महापौर निर्मल कोसरे ने किया।
मूलभूत सुविधाएं पहली प्राथमिकता; लंबित मामलों और निगम की बदहाल व्यवस्थाओं पर अब नई आयुक्त की नजर
शौर्यपथ विशेष
दुर्ग/3 सितंबर। नगर पालिक निगम दुर्ग को गुरुवार को नई आयुक्त के रूप में वर्ष 2020 बैच की आईएएस अधिकारी लीना कोसम मिलीं। दोपहर 1.30 बजे निवर्तमान आयुक्त मोहेंद्र साहू ने उन्हें विधिवत प्रभार सौंपा। कार्यभार संभालते ही लीना कोसम ने निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया और विभागवार संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों तक मूलभूत सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि निगम के कामकाज को समझने के साथ शहर की जरूरतों और नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन भुगतान, ट्रांसफर, ग्रेच्युटी एवं पेंशन प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। विभागवार लंबित कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। सोमवार को विभागवार विस्तृत समीक्षा बैठक लेने की बात भी उन्होंने कही।
नई आयुक्त के सामने चुनौतियों की लंबी फेहरिस्त
लीना कोसम के सामने दुर्ग निगम की जिम्मेदारी ऐसे समय आई है, जब निगम से जुड़े कई संवेदनशील और विवादित मामले जांच तथा कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इनमें निगम की जमीन आवंटन के नाम पर लाखों रुपये की कथित नगद वसूली, विस्थापित वेंडरों को बाजार विभाग के संज्ञान के बिना दोबारा गुमठी आवंटन करने वाले पूर्व प्लेसमेंट अधिकारी मुक्तेश की कार्यप्रणाली की जांच और बुजुर्ग दंपत्ति के मुख्य द्वार पर कब्जा कर खुले शौचालय के मामले की जांच प्रमुख हैं।
इसके अलावा शासकीय कर्मचारियों और प्लेसमेंट कर्मचारियों को गुमठी आवंटन, बिना निविदा लगातार एक ही संस्था को आश्रय स्थल संचालन दिए जाने, इंदिरा मार्केट की बदहाल व्यवस्था, सुराना कॉलेज के सामने कचरा डंपिंग स्थल, धमधा नाका शासकीय अस्पताल के सामने कचरा स्थल तथा शहर के चौक-चौराहों पर अतिक्रमण जैसे मुद्दे भी नई आयुक्त के लिए बड़ी चुनौती हैं।
सड़क पर कब्जा कर संचालित राम रसोई को हटाने तथा बस स्टैंड की बेशकीमती शासकीय जमीन पर राम रसोई के कथित नियम विरुद्ध अनुबंध को समाप्त कर जमीन को कब्जामुक्त कराने का मुद्दा भी निगम प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में मौजूद है।
पदभार के साथ बना नया रिकॉर्ड
लीना कोसम के दुर्ग नगर निगम आयुक्त का पद संभालते ही निगम के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। वह दुर्ग नगर निगम के इतिहास में पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में शहर की मूलभूत सुविधाओं से लेकर निगम की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और लंबे समय से लंबित विवादित मामलों के निराकरण तक उनकी कार्यशैली पर शहरवासियों की नजर रहेगी।
महापौर अलका बाघमार से की सौजन्य मुलाकात
पदभार ग्रहण करने के बाद आयुक्त लीना कोसम ने महापौर अलका बाघमार से सौजन्य मुलाकात की। महापौर कक्ष में पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान एमआईसी सदस्य, पार्षद एवं एल्डरमेन मौजूद रहे।
नए आयुक्त के स्वागत के अवसर पर निवर्तमान आयुक्त मोहेंद्र साहू, कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, सहायक अभियंता गिरीश दिवान, हरिशंकर साहू, पंकज साहू, आर.के. बोरकर, दुर्गेश गुप्ता, संजय मिश्रा, अनिल सिंह सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
गदा चौक–सुपेला चौक पर विकास की बहस में उलझा जनहित; संडे मार्केट हटाने के बजाय फ्लाईओवर का सवाल क्यों?
भिलाई। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में गदा चौक से सुपेला चौक के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर अब महज सड़क और यातायात का मुद्दा नहीं रह गया है। करीब 72 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया पर समर्थकों की खींचतान ने इसे एक बड़े सवाल में बदल दिया है—क्या फ्लाईओवर वास्तव में क्षेत्र की यातायात समस्या का स्थायी समाधान है या फिर मौजूदा समस्या के मूल कारण को नजरअंदाज कर महंगा समाधान तलाशा जा रहा है?
विधायक रिकेश सेन की ओर से फ्लाईओवर को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, इसे लेकर विरोध करने वालों का तर्क है कि इतने बड़े सरकारी निवेश से पहले यह देखा जाना चाहिए कि जिस मार्ग पर यातायात का दबाव पैदा हो रहा है, उसकी बड़ी वजह क्या है।
एक रास्ता, कई इलाकों की परेशानी
गदा चौक–सुपेला चौक के बीच का मार्ग हाउसिंग बोर्ड, वैशाली नगर, शांति नगर, कोहका, कुरुद और कैलाश नगर सहित कई इलाकों के लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर लगने वाले संडे मार्केट के कारण कई बार यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है।
सबसे गंभीर सवाल आपातकालीन सेवाओं को लेकर उठता है। स्थानीय दावों के मुताबिक बाजार के दौरान फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और शव वाहन तक के लिए रास्ता बाधित हो जाता है। यदि ऐसा है तो यह केवल ट्रैफिक जाम का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है।
फ्लाईओवर से सवाल खत्म होगा या समस्या का स्वरूप बदलेगा?
फ्लाईओवर बनने से निश्चित रूप से मुख्य मार्ग पर यातायात को सुगमता मिल सकती है। लेकिन करीब एक किलोमीटर के इस मार्ग पर वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों की चिंता भी कम महत्वपूर्ण नहीं है।
फ्लाईओवर निर्माण और उसके बाद यातायात के स्वरूप में बदलाव से स्थानीय दुकानदारों के व्यापार पर असर पड़ सकता है। सवाल यह है कि यदि किसी बड़े प्रोजेक्ट के कारण स्थानीय व्यापार प्रभावित होता है तो उसकी भरपाई कौन करेगा?
यही वह बिंदु है जहां कुम्हारी और सोमनी जैसे क्षेत्रों का उदाहरण चर्चा में आता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर फ्लाईओवर और सड़क संरचना में बदलाव के बाद इन क्षेत्रों के पुराने व्यापारिक स्वरूप पर असर पड़ने की बात स्थानीय स्तर पर कही जाती रही है। हालांकि वहां बेहतर यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की सीमाएं अलग थीं, लेकिन गदा चौक–सुपेला चौक की परिस्थितियां उससे अलग होने का तर्क दिया जा रहा है।
‘सस्ती लोकप्रियता’ के आरोप पर भी सवाल
फ्लाईओवर को लेकर यदि किसी राजनीतिक नेता ने इसे ‘सस्ती लोकप्रियता’ बताया है, तो यह सवाल भी स्वाभाविक है कि क्या 72 करोड़ रुपये के प्रस्तावित प्रोजेक्ट का मूल्यांकन केवल राजनीतिक चश्मे से होना चाहिए?
वास्तविक सवाल यह होना चाहिए कि—
क्या इस फ्लाईओवर की जरूरत वैज्ञानिक यातायात अध्ययन से साबित होती है?
क्या संडे मार्केट को स्थानांतरित कर यातायात समस्या कम की जा सकती है?
क्या स्थानीय व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का सर्वे हुआ है?
और क्या 72 करोड़ रुपये खर्च करने से पहले कम लागत वाले विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया गया है?
अगर बाजार अवैध है तो कार्रवाई कौन करेगा?
पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है।
यदि संडे मार्केट वास्तव में अनधिकृत या अवैध रूप से संचालित हो रहा है, तो सवाल केवल फ्लाईओवर का नहीं रह जाता। तब सवाल यह है कि प्रशासन उस बाजार को नियमित क्यों नहीं करता अथवा उसे किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित क्यों नहीं करता?
एक ओर आपातकालीन वाहनों के रास्ते बाधित होने की शिकायतें हों और दूसरी ओर उसी बाजार के कारण करोड़ों रुपये की स्थायी सड़क परियोजना की आवश्यकता बताई जाए, तो प्रशासन से जवाबदेही तय होना स्वाभाविक है।
एक दिन लगने वाले बाजार की समस्या का समाधान बाजार को व्यवस्थित करना है या करोड़ों रुपये की स्थायी संरचना खड़ी करना—इस पर खुली और तथ्य आधारित बहस जरूरी है।
व्यापारियों की खुशी ने भी दिया अलग संदेश
फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को हटाए जाने अथवा आगे न बढ़ने की खबर के बाद स्थानीय व्यापारियों द्वारा खुशी जताए जाने और सांसद विजय बघेल के प्रति आभार व्यक्त किए जाने की बात भी सामने आई है।
यह घटनाक्रम इस बात का संकेत माना जा सकता है कि स्थानीय व्यापारियों का एक वर्ग फ्लाईओवर को अपने व्यापार के लिए संभावित खतरे के रूप में देख रहा था।
यहीं से राजनीतिक बहस और तीखी हो गई है। एक ओर विधायक समर्थक इसे क्षेत्र की यातायात समस्या का समाधान मान रहे हैं, तो दूसरी ओर सांसद समर्थक व्यापारियों के हित और वैकल्पिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं।
सोशल मीडिया बना राजनीतिक अखाड़ा
फिलहाल इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा गर्मी सोशल मीडिया पर दिखाई दे रही है। विधायक रिकेश सेन के समर्थक फ्लाईओवर को विकास और यातायात समाधान से जोड़ रहे हैं, जबकि सांसद विजय बघेल के समर्थक इसे स्थानीय व्यापारियों के हित से जोड़कर देख रहे हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या वैशाली नगर की जनता को दो जनप्रतिनिधियों के समर्थकों की सोशल मीडिया लड़ाई चाहिए या फिर समस्या का व्यावहारिक समाधान?
जनता के सामने विकल्प स्पष्ट होना चाहिए—
संडे मार्केट को व्यवस्थित किया जाए, उसका स्थान बदला जाए, यातायात व्यवस्था सुधारी जाए और यदि इसके बाद भी फ्लाईओवर आवश्यक साबित हो तो उसके निर्माण पर गंभीरता से विचार किया जाए।
जनप्रतिनिधियों से जनता का सीधा सवाल
राजनीति का उद्देश्य किसी प्रोजेक्ट को केवल अपनी उपलब्धि बताना या किसी दूसरे के प्रयास को ‘सस्ती लोकप्रियता’ बताना नहीं होना चाहिए।
यदि 72 करोड़ रुपये खर्च होने हैं तो उसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचना चाहिए। वहीं यदि उसी समस्या का समाधान कम खर्च में बाजार को स्थानांतरित कर, सड़क को व्यवस्थित कर और यातायात प्रबंधन सुधारकर हो सकता है तो करोड़ों रुपये खर्च करने से पहले उस विकल्प को भी परखा जाना चाहिए।
वैशाली नगर की जनता को फ्लाईओवर चाहिए या बेहतर यातायात व्यवस्था—यह सवाल अब सोशल मीडिया की बहस से आगे निकलकर विशेषज्ञों, व्यापारियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखा जाना चाहिए।
क्योंकि सवाल किसी एक नेता की लोकप्रियता का नहीं, 72 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन और हजारों नागरिकों के भविष्य का है।
अब फैसला राजनीति नहीं, तथ्य करें—फ्लाईओवर जरूरी है तो कारण सामने आएं, और अगर संडे मार्केट समस्या की जड़ है तो पहले उस पर कार्रवाई क्यों नहीं?
भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की प्लेट मिल और यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) ने अगस्त 2026 में उत्पादन एवं प्रेषण के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। प्लेट मिल ने पांच नए रिकॉर्ड बनाए, जबकि यूआरएम ने पहली बार एक माह में 100 से अधिक श्वक्र (लॉन्ग रेल) रेक का प्रेषण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
प्लेट मिल ने अगस्त में 1,25,214 टन उत्पादन किया, जो अगस्त 2025 के 1,20,448 टन के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। मिल ने डायरेक्ट प्रेषण में 85,101 टन,हाई टेंसाइल प्रेषण में 40,050 टन, दैनिक रोड प्रेषण में 1,699 टन एवं 52 ट्रॉलियों तथा कुल 1,28,159 टन प्रेषण का नया रिकॉर्ड बनाया।
यूआरएम ने पहली बार भेजे 102 लॉन्ग रेल रेक
यूआरएम ने अगस्त 2026 में 260 मीटर रेल पैनल के 102 श्वक्र रेक का प्रेषण कर पहली बार 100 रेक का आंकड़ा पार किया। इससे पहले जून और जुलाई 2026 में 94 श्वक्र रेक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया गया था। मई 2026 से यूआरएम लगातार चौथे माह निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्राइम उत्पादन कर रहा है।
लॉन्ग रेल के कुल प्रेषण में भी बीएसपी ने सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया। अगस्त में संयंत्र से कुल 119 श्वक्र रेक भेजे गए, जो जून 2026 के 111 रेक के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। खास बात यह है कि अब केवल यूआरएम से ही एक माह में 100 से अधिक लॉन्ग रेल रेक का प्रेषण संभव हुआ है।
टीम भावना और परिचालन उत्कृष्टता को मिली सराहना
उपलब्धियों के अवसर पर निदेशक प्रभारी, बीएसपी चित्तरंजन महापात्र ने प्लेट मिल एवं यूआरएम का दौरा कर दोनों टीमों को बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों के समर्पण, टीम भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करने का विश्वास जताया।
प्लेट मिल और यूआरएम की उपलब्धियां संयंत्र में उच्च उत्पादकता, परिचालन दक्षता, मूल्यवर्धित उत्पादों, डिजिटलीकरण एवं ऑटोमेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूती देती हैं। साथ ही यह प्रदर्शन सेल के महत्वाकांक्षी 'रूद्बह्यह्यद्बशठ्ठ 10्य ष्टह्म् क्कक्चञ्जÓ लक्ष्य की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र के योगदान को भी सुदृढ़ करता है।
सत्यनारायण राठौर ने ली समीक्षा बैठक,
निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने के दिए निर्देश
दुर्ग / शौर्यपथ / संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था, नशा विरोधी अभियान, निर्माण कार्य, जलाशयों में जलभराव और प्राथमिक सहकारी समितियों के गठन की समीक्षा की।
उन्होंने स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निलंबित शिक्षकों को आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच शुरू करने तथा नियमानुसार सेवा में बहाल शिक्षकों की विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्कूलों में पदस्थापना करने कहा। शिक्षकों को विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ अनुशासित एवं बेहतर व्यवहार के लिए समझाइश देने के निर्देश भी दिए।
उच्च शिक्षा विभाग को स्कूलों एवं कॉलेजों में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान लगातार जारी रखने तथा युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने कहा गया। सीजीएमएससी एवं अन्य निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत और प्रगतिरत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में क्रेडा ने बताया कि सौर सुजला योजना का लक्ष्य पूर्ण हो चुका है और विभिन्न स्थानों पर 1300 सौर लैम्प लगाए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार खपरी और मटियामोती जलाशय 100 प्रतिशत, जबकि तांदुला, खरखरा और मोहड़ सहित अन्य जलाशयों में 80 से 85 प्रतिशत जलभराव है।
संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में प्राथमिक सहकारी समितियां गठित की जा रही हैं। अब तक मत्स्य, दुग्ध एवं वनोपज से संबंधित 1330 नवीन समितियां गठित हो चुकी हैं। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) पदुम लाल यादव, उपायुक्त (विकास) संतोष ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
