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April 26, 2026
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दुर्ग

दुर्ग (5055)

दुर्ग/ राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के सभी 300 ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ‘नवा तरिया आय के जरिया’, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली।

ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘संपदा’ ऐप में परिसंपत्तियों का अपलोड, ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन, तथा ‘नवा तरिया आय के जरिया’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनगणना के लिए स्वयं गणना पत्रक भरने की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित जानकारियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह द्वारा पूर्व में ही सभी ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशानुसार ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित कर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्राम सभाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदियों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संरक्षण एवं आजीविका बढ़ाने के उपायों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के अंतर्गत एक अभिनव पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन की दीवारों पर गांव के जलस्तर (वॉटर लेवल) की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे आम नागरिक अपने क्षेत्र के भू-जल स्तर से अवगत हो सकें।

‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जलस्तर से संबंधित आंकड़े संकलित कर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं तथा एकरूपता के साथ दीवार लेखन कार्य किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

ग्राम पंचायत रसमड़ा में आयोजित ग्राम सभा में भी ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्राम सभा में सरपंच श्रीमती मोतीराम निषाद, उपसरपंच बालकिशन निषाद, ग्राम पंचायत सचिन कमिनी चंद्राकर, पंच बसंत निर्मलकर, कौशल्या साहू, संजू कुमार निषाद एवं प्रीति शिक्का सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। जिले के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपने गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाएं।

 

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विशेष रिपोर्ट

भिलाई/दुर्ग: किसी भी नगर निगम की 'शहरी सरकार' का अस्तित्व जनसुविधाओं और पारदर्शिता की नींव पर टिका होता है। पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और बिजली जैसे विभाग अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन वर्तमान में बाघमार सरकार का बाजार विभाग भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का नया 'कमीशन केंद्र' बनता जा रहा है। सवाल यह है कि इस लूट की जड़ में आखिर कौन है? निगम प्रशासन के अधिकारी अभ्युदय मिश्रा, जनप्रतिनिधि शेखर चंद्राकर, या फिर खुद महापौर अलका बाघमार की चुप्पी?

पार्किंग के नाम पर खुली लूट: बोर्ड गायब, वसूली बेहिसाब

बाजार विभाग की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा कलंक इंदिरा मार्केट की पार्किंग व्यवस्था है। नियम कहते हैं कि निगम द्वारा तय शुल्क की पट्टिका (बोर्ड) सार्वजनिक रूप से लगनी चाहिए, ताकि जनता को पता चले कि उन्हें कितना भुगतान करना है। बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा महीनों से बोर्ड लगाने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर सन्नाटा है।

इस सन्नाटे की आड़ में ठेकेदार जनता से दो गुनी-तीन गुनी वसूली कर रहे हैं। क्या यह महज प्रशासनिक लापरवाही है या फिर जनता की जेब से निकलने वाले इस अतिरिक्त पैसे का एक हिस्सा विभाग के गलियारों तक पहुँच रहा है? अधिकारी की निष्क्रियता उनकी कार्यक्षमता पर नहीं, बल्कि उनकी निष्ठा पर सवाल खड़ा करती है।

मौन 'प्रभारी': कर्तव्य से विमुख शेखर चंद्राकर

जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच की कड़ी होते हैं। बाजार प्रभारी के रूप में शेखर चंद्राकर को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार के इतने गंभीर मामलों पर उनका 'मौन' रहस्यमयी है।

क्या प्रभारी जी इतने 'निष्क्रिय' हैं कि उन्हें अपने विभाग की लूट दिखाई नहीं दे रही?

या फिर यह मौन किसी बड़े 'राजनीतिक संरक्षण' और 'आर्थिक साझेदारी' का हिस्सा है?

चुनावी समय में जनता के सामने हाथ जोड़ने वाले प्रतिनिधि अगर कुर्सी मिलते ही ठेकेदारों के हितों के रक्षक बन जाएं, तो यह जनता के जनादेश के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।

प्रदेश सरकार के 'सुशासन' पर बाघमार सरकार का 'दाग'

एक तरफ प्रदेश की वर्तमान सरकार नक्सलियों के खात्मे, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के लिए सराही जा रही है। बड़े-बड़े अधिकारियों पर गाज गिर रही है। लेकिन उसी प्रदेश की नाक के नीचे चल रही बाघमार सरकार अपनी ही छवि को धूमिल करने में लगी है।

महापौर अलका बाघमार एक तरफ विकास के दावे करती हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी नाक के नीचे उनके जिम्मेदार अधिकारी और पार्षद जनता को लूटने की खुली छूट दे रहे हैं। सामान्य सभा में मामला उठने के बावजूद कार्रवाई न होना यह सिद्ध करता है कि नगर निगम प्रशासन आम जनता के बजाय ठेकेदारों के लिए 'कल्याणकारी' बना हुआ है।

 पेवर ब्लॉक में विकास ढूँढती महापौर, बदहाली में सिसकती जनता

विडंबना देखिए, जिस जनता ने भरोसा कर अलका बाघमार को सत्ता सौंपी, आज वही जनता अवैध कब्जों और ठेकेदारों की मनमानी से त्रस्त है। महापौर पेवर ब्लॉक की गुणवत्ता में भ्रष्टाचार तलाश रही हैं, जबकि उनके बाजार विभाग ने पूरी व्यवस्था को ही भ्रष्टाचार के पेवर ब्लॉक से ढक दिया है।

अगर समय रहते इस 'सफेदपोश' लूट पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनता आने वाले समय में न केवल इस शहरी सरकार से हिसाब मांगेगी, बल्कि इसका खामियाजा उस प्रदेश सरकार को भी भुगतना पड़ सकता है जिसकी साफ-सुथरी छवि पर ये स्थानीय कारिंदे कालिख पोत रहे हैं।

 

नोट: आपको यह समाचार कैसा लगा हमें रेटिंग देकर जरूर बताएं एवं समाचार के संदर्भ मैं आपकी राय जरूर बताएं हो सकता है हमसे कहीं चुप हो गई होगी तो हमें इस बारे में अवगत जरूर करें हमारे चैनल की पूरी कोशिश है कि भ्रष्टाचाका के मामलों का उजागर करे जिसमें आपकी राय काफी अहमियत रखती हैं। 

दुर्ग। शौर्यपथ । शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहों में शुमार मालवीय नगर चौक अब दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में हुई एक बड़ी दुर्घटना के बाद भाजपा नेता विजय जलकारे ने दुर्ग की ट्रैफिक व्यवस्था और चौक के निर्माण में हुई तकनीकी खामियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बताया गया कि बुधवार, 22 जून की सुबह करीब 5 बजे राजनांदगांव से भिलाई की ओर जा रही फलों से भरी मिनी ट्रक (CG07CZ9808) के सामने अचानक एक कार आ गई, जो भिलाई से दुर्ग रेलवे स्टेशन की ओर मुड़ रही थी। कार को बचाने के प्रयास में ट्रक चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन पास स्थित एन.सी. नाहर के घर की बाहरी दीवार से जा टकराया।

इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दीवार को भारी नुकसान पहुंचा और एक बड़ा हादसा टल गया।

⚠️ “तकनीकी त्रुटियों ने बनाया खतरनाक”

भाजपा नेता विजय जलकारे का कहना है कि मालवीय नगर चौक का नया निर्माण ही इसकी सबसे बड़ी समस्या बन गया है।

उनके अनुसार, चौक की डिजाइन ऐसी है कि भिलाई से आने वाले वाहन जब रेलवे स्टेशन की ओर मुड़ते हैं, तो सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, जिससे टक्कर की आशंका बढ़ जाती है।

? सिग्नल बंद तो बढ़ता खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, जब ट्रैफिक सिग्नल बंद रहते हैं, तब यहां हादसों की संख्या और बढ़ जाती है। जलकारे ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार मांग के बावजूद इस चौक पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं की जाती, जिससे अव्यवस्था बनी रहती है।

? दुर्घटनाओं में सबसे आगे

पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग शहर में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं इसी चौक पर दर्ज की गई हैं, जिससे यह क्षेत्र अब “ब्लैक स्पॉट” के रूप में चिन्हित होने लगा है।

?️ प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

विजय जलकारे ने प्रशासन से मांग की है कि:

चौक की डिजाइन और तकनीकी खामियों की तत्काल जांच हो

नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए

सिग्नल व्यवस्था को दुरुस्त कर 24×7 चालू रखा जाए

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

? निष्कर्ष:

मालवीय नगर चौक की बढ़ती दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस ‘ब्लैक स्पॉट’ को सुरक्षित बनाने के लिए कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाते हैं।

दुर्ग। शौर्यपथ ।  जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में आज कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शहर की विभिन्न ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए त्वरित समाधान की मांग की गई।

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना में हितग्राही महिलाओं को आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक परेशानियों पर चिंता जताई। साथ ही शहर में बढ़ते जल संकट, अनियमित पेयजल आपूर्ति और इससे आम जनजीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को भी गंभीर मुद्दा बताया गया।

इसके अलावा स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता के अभाव में जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।

ज्ञापन में हाल ही में हुए नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिलाओं की मृत्यु के मामलों को भी उठाया गया। कांग्रेस ने अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा न मिलने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इन जनहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

दुर्ग। शौर्यपथ। शहर के बस स्टैंड पार्किंग क्षेत्र में अवैध कब्जों का मामला लगातार गहराता जा रहा है। आरोप है कि प्रवीण इंजीनियरिंग संस्था के संचालक द्वारा एक छोटे से प्याऊ घर के निर्माण की आड़ में बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में बाजार विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया, लेकिन हर बार “देखते हैं” कहकर मामले को टाल दिया गया। नतीजा यह हुआ कि अब पार्किंग क्षेत्र में धीरे-धीरे अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि जिस स्थान पर प्याऊ घर बनाया जा रहा है, उसके ठीक पास ही नगर निगम द्वारा वाटर एटीएम पहले से संचालित है। ऐसे में सामाजिक सेवा के नाम पर यह निर्माण संदेह के घेरे में आ गया है। लोगों का आरोप है कि यह पूरा मामला दिखावे की आड़ में जमीन कब्जाने की सुनियोजित कोशिश है।

सबसे बड़ा सवाल बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दोनों अधिकारी इस पूरे मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं, जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं। बिना विभागीय मिलीभगत के इस तरह का कब्जा संभव नहीं माना जा रहा।

निगम प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उच्च अधिकारी स्थल निरीक्षण करें तो पूरे कब्जे का खेल उजागर हो सकता है।

वहीं, अब निगाहें शहर की महापौर अलका बाघमार पर टिक गई हैं। जनता का मानना है कि निगम की कमान संभालने वाली महापौर की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने विभागीय प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखें और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पार्किंग क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक स्थानों का संरक्षण हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।

भिलाई। शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई ने पावर हाउस चौक पर लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई जारी रखी। निगम की इस कार्रवाई से अव्यवस्थित ढंग से सड़क घेरकर व्यवसाय करने वालों में हड़कंप मच गया।

निगम की टीम ने उन व्यापारियों और ठेला संचालकों पर कार्रवाई की, जो सड़क के बीचों-बीच सामान रखकर या फल-ठेला लगाकर व्यवसाय कर रहे थे। ऐसे अतिक्रमण के कारण मार्ग अवरुद्ध हो रहा था, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

कार्रवाई के दौरान निगम अमले ने सड़क पर रखे सामान को हटवाया और संबंधित लोगों को सख्त हिदायत दी कि वे केवल निर्धारित स्थानों पर ही अपना व्यवसाय करें। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निगम अधिकारियों के अनुसार पावर हाउस चौक शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क पर अतिक्रमण से आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

नगर निगम ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और सड़क पर अतिक्रमण न करें, ताकि शहर को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

  दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने जिले में होने वाले नगरपालिका उप-निर्वाचन 2026 के लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्तियाँ भिलाई और रिसाली नगर पालिक निगम के रिक्त वार्डों में चुनाव संपन्न कराने हेतु की गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 01 (जुनवानी) के लिए नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल (आईएएस) को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनकी सहायता के लिए नगर निगम दुर्ग के उपायुक्त श्री मोहेन्द्र साहू को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार, नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 एवं 39 के लिए नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय को रिटर्निंग ऑफिसर और उपायुक्त श्री नरेन्द्र बंजारे को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पदाभिहित किया गया है। यह आदेश तत्कालशील हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

  दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी मौजूद रहे। जनदर्शन में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।

सबसे प्रमुख मुद्दा गोड़पेन्ड्री के किसानों द्वारा उठाया गया, जहां भारतमाला परियोजना के तहत बन रही सिक्सलेन सड़क ने करीब 100 किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों ने बताया कि सड़क खेतों के बीच से गुजरने के कारण उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। अब उन्हें खेत तक पहुंचने के लिए करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि सड़क किनारे की जा रही घेराबंदी से स्थिति और गंभीर हो जाएगी, जिससे खेती प्रभावित होगी। किसानों ने ग्राम छाटा और मानिकचौरी के बीच अंडरपास या पुलिया निर्माण की मांग की। इस पर कलेक्टर ने एनएच और एसडीओ पाटन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

वहीं भिलाई के मदर टेरेसा नगर (वार्ड क्रमांक 31) के निवासियों ने जाम सीवरेज की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि गटर पाइपलाइन बार-बार जाम हो जाती है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और दुर्गंध व मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। नगर निगम में शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिला। वार्डवासियों ने पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई सीवरेज लाइन डालने की मांग की। कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी क्रम में ग्राम हनोदा के एक निवासी ने आबादी भूमि का पट्टा न मिलने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि 1980 से पहले बना उनका मकान अब जर्जर हो चुका है, जबकि 2017 के सर्वे के बाद गांव के अन्य लोगों को पट्टा मिल चुका है। उन्होंने पड़ोसियों द्वारा रास्ता बाधित कर प्रताड़ित करने की भी बात कही। कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन में सामने आई इन समस्याओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों के साथ जमीनी जरूरतों और नागरिक सुविधाओं के संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई 2026 से 3 जून 2026 तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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