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दशरथ देवांगन, 15 साल से मस्कुलर डायस्ट्रोफी की समस्या से ग्रसित, फिर भी कोरोना को मात देने पहुंचे वैक्सीनेशन सेंटर Featured

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भिलाईनगर/ शौर्यपथ / भिलाई के 35 वर्षीय शारदा पारा केम्प 02 निवासी दशरथ देवांगन 18 साल से जब वे 11वीं कक्षा में अध्ययनरत थे तब से मस्कुलर डायस्ट्रोफी की गंभीर बीमारी से ग्रसित है फिर भी उन्होंने परिजनों की सहायता से वैक्सीनेशन सेंटर में पहुंचकर कोविड 19 का प्रथम खुराक का टीका लगवाया, कोरोना वायरस के संक्रमण को थामने के लिए आज ऐसे ही हौसले की जरूरत है। जैसे ही वैक्सीनेशन टीम को यह सूचना मिली कि श्री देवांगन गंभीर बिमारी से ग्रसित है और वह टीकाकरण केंद्र के भीतर आने में सक्षम नहीं है, वैक्सीनेशन की टीम का हृदय पसीज गया और वैक्सीनेटर ने कार में बैठे-बैठे युवक को टीका लगाया। इससे पूर्व टीका से संबंधित सारी प्रक्रियाये बाहर ही पूर्ण की गई। श्री देवांगन ने चर्चा में बताया कि गंभीर बिमारी की वजह से वे 5 साल से बिस्तर पर ही रहते है, उनके दैनिक कार्यों में उनके परिजन सहयोग करते है, माता की 4 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई है, घर में दो भाई और पिता है जो देखभाल करते है। उन्होंने आगे बताया कि बिमारी लाईलाज है केवल ईलाज से लाभ हो सकता है, लेकिन इसे ठीक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने कोरोना का टीका लगवाने की इच्छा जाहिर की और परिजनो से सहायता ली, परिजनों ने वाहन का इंतजाम किया और दशरथ को सामुदायिक भवन श्रीराम चौक खुर्सीपार लेकर पहुंचे। जहां वैक्सीनेशन टीम ने बाहर निकलकर सुरक्षित तरीके से कोविशिल्ड के प्रथम डोज का टीका लगाया। वैक्सीनेशन टीम में रौशनी मंगराज, अंजुम निशा एवं रीता चौधरी मौजूद थी। विदित है कि निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने टीकाकरण की बेहतर व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिये हुए है। नोेडल अधिकारी सुनील अग्रहरि ने बताया कि वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर लगातार टीकाकरण शिविर आयोजित किए जा रहे है, जहां लोग सुरक्षात्मक तरीके से कोरोना से बचने टीका लगवा रहे है। दशरथ देवांगन के इस प्रकार के फैसले से अन्य लोगों को टीकाकरण लगाने के प्रति प्रेरणा मिलती है।

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शौर्यपथ

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